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Budaun News: गंगा घाट पर उमड़े श्रद्धालु, मंत्रोच्चार से किया अपने पितरों का आह्वान

Mon, 08 Sep 2025 12:16 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 08 Sep 2025 12:16 AM IST
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Devotees gathered at the Ganga Ghats and invoked their ancestors by chanting mantras
कछला में पितृ पू​र्णिमा पर गंगा स्नन करते श्रद्धालु।संवाद
उझानी/ कछला। पितृपक्ष पूर्णिमा (श्राद्ध पक्ष) की शुरूआत के साथ कछला घाट दोपहर बाद तक आस्था से सराबोर रहा। पितरों के आह्वान से पहले श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई, फिर कुश की बनी पवित्री धारण कर उनके लिए जलदान किया। पुरोहितों ने मंत्रोच्चार भी कराया।
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गंगाघाट पर पितरों को जलदान के लिए श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला रविवार तड़के से ही शुरू हो गया। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, बसों और निजी वाहनों से घाट पर पहुंचे श्रद्धालुओं में आस्था की डुबकी लगाने के बाद पुरोहितों से मंत्रोच्चार कराया। धार्मिक विधान से जलदान करने के लिए पुरोहितों ने उन्हें पहले कुश से बनी पवित्री धारण कराई।
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पितरों का स्मरण करते हुए उनके अपनों ने श्राद्ध पक्ष में धरती पर आकर आशीर्वाद प्रदान करने का आह्वान किया। गंगा स्नान का दौर दोपहर बाद तक चला। इस दौरान गंगा किनारे के चारों घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ नजर आई। इसके अलावा गंगा किनारे के आश्रमों में पितरों का स्मरण करते हुए धार्मिक अनुष्ठान भी कराए गए।
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जलदान करने के लिए बदायूं, बरेली, मथुरा, हाथरस, एटा आदि जिलों से भी श्रद्धालु पहुंचे। उन्होंने पुरोहितों को दक्षिणा भेंट की। आचार्य प्रवीण शर्मा ने बताया कि पितृपक्ष पूर्णिमा वाले दिन उन्हीं का श्राद्ध होता है, जिनकी मृत्यु या फिर दाह संस्कार पूर्णिमा पर होता है।

10 सितंबर को होगा तीज और चौथ का श्राद्ध
श्राद्ध को लेकर आचार्य प्रवीण शर्मा कहते हैं कि इस बार कनागत 16 दिन के नहीं होंगे। 10 सितंबर को तीज और चौथ है। दोनों तिथि का श्राद्ध एक ही दिन होगा। इस लिहाज से श्राद्ध पक्ष का 15 दिन में विसर्जन हो जाएगा। श्राद्ध चाहे जिस तिथि को हो, लेकिन पितरों के निमित्त के मान और सम्मान में कमी नहीं छोड़नी चाहिए।



श्राद्ध के भोजन में वर्जित है प्याज और लहसन
आचार्य शर्मा के मुताबिक- श्राद्ध में सबकुछ विधि और विधान के अनुरूप किया जाना चाहिए। जौ से ऋषि, चावल से देवता और काले तिल से पितर के निमित्त जलदान बताया गया है। प्याज और लहसन का भी इस्तेमाल नहीं किया जाए।
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