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अधिवक्ता हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने की मांग
ब्यूरो/बदायूं
Updated Fri, 02 Dec 2016 11:15 PM IST
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अधिवक्ता हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने की मांग
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जिला सुल्तानपुर में अपने भाई के हत्यारों के विरूद्ध पैरवी कर रहे अधिवक्ता विजय प्रताप सिंह की सुरक्षा हटा लिए जाने और उनकी हत्या किये जाने के विरोध में शुक्रवार को अधिवक्ताओं ने विरोध दिवस मनाया। प्रदर्शन करके के बाद राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। अधिवक्ता न्यायिक कार्यों से विरत रहे।
यूपी बार काउंसिल के सदस्य एवं पूर्व चेयरमैन अध्यक्ष अजय कुमार शुक्ल ने हत्यारों के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई तथा दोषी पुलिस अधीक्षक व उपजिलाधिकारी को निलंबित किए जाने तथा दिवंगत अधिवक्ता के परिजनों को 50 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति का भुगतान किए जाने आदि की मांग की। बताया कि आज बार काउंसिल के आह्वान पर पूरे प्रदेश में अधिवक्ताओं ने विरोध दिवस मनाया। इधर, जिला बार एसोसिएशन के तत्वावधान में समस्त अधिवक्तागण न्यायिक कार्यों से पूर्ण रूप से विरत रहे। राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। मांग रखी कि सुल्तानपुर के अधिवक्ता विजय प्रताप सिंह के आश्रितों को सरकारी नौकरी, पचास लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। हत्याकांड की विवेचना सीबीआई से कराई जाए। अध्यक्ष महीपाल सिंह एडवोकेट तथा महासचिव पवन कुमार गुप्ता एडवोकेट ने कहा कि जनपद बस्ती में न्यायिक अधिकारियों की ओर से षडयंत्र के तहत वरिष्ठ अधिवक्ता राममणी शुक्ला के विरूद्ध लिखाए गए झूठे मुकदमे को अविलंब समाप्त किया जाए। वहीं सिविल बार एसोसिएशन के बैनर तले ने भी विरोध जताया गया।
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यूपी बार काउंसिल के सदस्य एवं पूर्व चेयरमैन अध्यक्ष अजय कुमार शुक्ल ने हत्यारों के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई तथा दोषी पुलिस अधीक्षक व उपजिलाधिकारी को निलंबित किए जाने तथा दिवंगत अधिवक्ता के परिजनों को 50 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति का भुगतान किए जाने आदि की मांग की। बताया कि आज बार काउंसिल के आह्वान पर पूरे प्रदेश में अधिवक्ताओं ने विरोध दिवस मनाया। इधर, जिला बार एसोसिएशन के तत्वावधान में समस्त अधिवक्तागण न्यायिक कार्यों से पूर्ण रूप से विरत रहे। राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। मांग रखी कि सुल्तानपुर के अधिवक्ता विजय प्रताप सिंह के आश्रितों को सरकारी नौकरी, पचास लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। हत्याकांड की विवेचना सीबीआई से कराई जाए। अध्यक्ष महीपाल सिंह एडवोकेट तथा महासचिव पवन कुमार गुप्ता एडवोकेट ने कहा कि जनपद बस्ती में न्यायिक अधिकारियों की ओर से षडयंत्र के तहत वरिष्ठ अधिवक्ता राममणी शुक्ला के विरूद्ध लिखाए गए झूठे मुकदमे को अविलंब समाप्त किया जाए। वहीं सिविल बार एसोसिएशन के बैनर तले ने भी विरोध जताया गया।
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