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Budaun News: निजी नर्सिंग होम में नवजात की मौत, कार्रवाई के नाम पर सिर्फ नोटिस
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इसी अस्पताल में हुई थी नवजात की मौत। संवाद
बदायूं। आसफपुर के दूंदपुर स्थित निजी नर्सिंग होम पर प्रसव के दौरान नवजात की मौत हो गई थी। पीड़ित ने थाना पुलिस से लेकर सीओ और सीएमओ तक शिकायती पत्र दिए, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल नोटिस जारी किया जा सका। नोटिस मिलने के बाद भी अस्पताल संचालित है। इससे पीड़ित परिवार में रोष है।
कस्बा आसफपुर निवासी सुनील पुत्र रमेश चंद्र ने आलाधिकारियों को शिकायती पत्र 6 मई 2024 को दिया था। आरोप था कि प्रसव पीड़ा होने पर उसने अपनी पत्नी खुशबू को दूंदपुर स्थित एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया। यहां मौजूद डॉक्टर ने सामान्य प्रसव होने की बात कहकर भर्ती कर लिया। प्रसव के दौरान डॉक्टर की लापरवाही से नवजात की मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
पीड़ित ने बताया कि उसने थाना पुलिस, सीओ बिसौली और सीएमओ बदायूं को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। चार दिन बाद सीएमओ के आदेश पर शुक्रवार को चिकित्साधिकारी आसफपुर मौके पर पहुंचे और संचालक को नोटिस देकर वापस लौट आए। आरोप लगाया है कि स्वास्थ्य विभाग के संरक्षण में क्षेत्र में दर्जनों फर्जी नर्सिंग होम संचालित हो रहे हैं। इन अस्पतालों में हर रोज कोई न कोई व्यक्ति फंसकर लुट रहा है।
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शिकायत मिलने के बाद आसफपुर चिकित्साधिकारी को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पहले नोटिस देकर संचालक का पक्ष लिया जाता है। पक्ष देने वालों के खिलाफ थाने में तहरीर देकर एफआईआर दर्ज कराई जाती है। इसके बाद उसके रजिस्ट्रेशन की जांच कर कार्रवाई की जाती है। अभी नोटिस दिया गया है। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। -डॉ. अब्दुल सलाम, मुख्य चिकित्साधिकारी
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कस्बा आसफपुर निवासी सुनील पुत्र रमेश चंद्र ने आलाधिकारियों को शिकायती पत्र 6 मई 2024 को दिया था। आरोप था कि प्रसव पीड़ा होने पर उसने अपनी पत्नी खुशबू को दूंदपुर स्थित एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया। यहां मौजूद डॉक्टर ने सामान्य प्रसव होने की बात कहकर भर्ती कर लिया। प्रसव के दौरान डॉक्टर की लापरवाही से नवजात की मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
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पीड़ित ने बताया कि उसने थाना पुलिस, सीओ बिसौली और सीएमओ बदायूं को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। चार दिन बाद सीएमओ के आदेश पर शुक्रवार को चिकित्साधिकारी आसफपुर मौके पर पहुंचे और संचालक को नोटिस देकर वापस लौट आए। आरोप लगाया है कि स्वास्थ्य विभाग के संरक्षण में क्षेत्र में दर्जनों फर्जी नर्सिंग होम संचालित हो रहे हैं। इन अस्पतालों में हर रोज कोई न कोई व्यक्ति फंसकर लुट रहा है।
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शिकायत मिलने के बाद आसफपुर चिकित्साधिकारी को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पहले नोटिस देकर संचालक का पक्ष लिया जाता है। पक्ष देने वालों के खिलाफ थाने में तहरीर देकर एफआईआर दर्ज कराई जाती है। इसके बाद उसके रजिस्ट्रेशन की जांच कर कार्रवाई की जाती है। अभी नोटिस दिया गया है। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। -डॉ. अब्दुल सलाम, मुख्य चिकित्साधिकारी