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Budaun News: बीमारी से परेशान बुजुर्ग का मिला शव, लगी थी गोली
Sun, 11 Jan 2026 01:23 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Sun, 11 Jan 2026 01:23 AM IST
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विद्यासागर रस्तोगी का फाइल फोटो।
सैदपुर(बदायूं)। नगर के मोहल्ला महेश चौक में शनिवार सुबह एक हृदयविदारक घटना सामने आई। यहां बीमारी से तंग आए 92 वर्षीय बुजुर्ग विद्यासागर रस्तोगी का शव कमरे में पड़ा मिला। परिजनों ने आशंका जताई है कि शुक्रवार रात किसी समय तमंचे से उन्होंने गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
सुबह करीब 10 बजे उनके भतीजे अमरीश रस्तोगी ने देखा कि ताऊ बाहर नहीं आए हैं तो उन्होंने कमरे की तरफ जाकर देखा। कमरा अंदर से बंद था। खिड़की से देखा तो वह जमीन पर पड़े दिखाई दिए। इसके बाद उसने आसपास के लोगों को मौके पर बुला लिया। पुलिस के साथ दिल्ली व बरेली में रह रहे बेटों को फोन कर सूचना दी।
सूचना मिलते ही सीओ बिसौली सुनील कुमार सिंह, थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। कमरे की किबाड़ तोड़कर शव को बाहर निकाला गया। इसी के साथ ही फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंच गई और पूरे मामले की गहनता से जांच की।
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कस्बे के मोहल्ला महेश चौक निवासी विद्यासागर रस्तोगी (92) लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। सांस व गदूद जैसी बीमारी से वह अत्यधिक तनाव और शारीरिक कष्ट में थे। विद्यासागर रस्तोगी के चार पुत्र थे, जिनमें से दो का पूर्व में ही निधन हो चुका है। वर्तमान में उनके दो पुत्र शहर से बाहर रहते हैं। बड़ा बेटा बृजकिशोर रस्तोगी दिल्ली में, छोटा बेटा नंदकिशोर रस्तोगी बरेली में परिवार के साथ रहते हैं।
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सराफा की दुकान भी कर दी थी बंद
-विद्यासागर रस्तोगी सराफा व्यापारी रहे। शारीरिक कमजोरी के कारण कई वर्ष पहले उन्होंने दुकान भी बंद कर दी थी। घर में वह अकेले ही रहते थे। बेटे व परिवार साथ न होने से उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं था। उनको बीमारी में एक गिलास पानी देने वाला भी कोई न था। यही वजह रही कि उन्होंने अपनी जीवन लीला गोली मारकर समाप्त कर ली।
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चार दिन से बेटों को कर रहे थे फोन
-बताया जा रहा है कि चार दिनों से वह अपने दोनों बेटो को फोन कर रहे थे। उनको गदूद का ऑपरेशन कराना था। कमजोरी की हालत में वह अकेले अस्पताल भी नहीं जा पा रहे थे। उनके पास आयुष्मान कार्ड भी था।
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पुलिस ने तमंचा व कारतूस कमरे से किया बरामद
-पुलिस ने कमरे से 312 बोर का तमंचा व कारतूस बरामद कर लिए हैं। सीओ बिसौली सुनील कुमार सिंह का कहना है कि बेटों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उनके आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाए। जब तक वह नहीं आ जाते तब तक शव को जिला मुख्यालय नहीं भेजा जाएगा। आने के बाद ही पुलिस अपनी प्रक्रिया पूरी करेगी।
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सुबह करीब 10 बजे उनके भतीजे अमरीश रस्तोगी ने देखा कि ताऊ बाहर नहीं आए हैं तो उन्होंने कमरे की तरफ जाकर देखा। कमरा अंदर से बंद था। खिड़की से देखा तो वह जमीन पर पड़े दिखाई दिए। इसके बाद उसने आसपास के लोगों को मौके पर बुला लिया। पुलिस के साथ दिल्ली व बरेली में रह रहे बेटों को फोन कर सूचना दी।
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सूचना मिलते ही सीओ बिसौली सुनील कुमार सिंह, थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। कमरे की किबाड़ तोड़कर शव को बाहर निकाला गया। इसी के साथ ही फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंच गई और पूरे मामले की गहनता से जांच की।
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कस्बे के मोहल्ला महेश चौक निवासी विद्यासागर रस्तोगी (92) लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। सांस व गदूद जैसी बीमारी से वह अत्यधिक तनाव और शारीरिक कष्ट में थे। विद्यासागर रस्तोगी के चार पुत्र थे, जिनमें से दो का पूर्व में ही निधन हो चुका है। वर्तमान में उनके दो पुत्र शहर से बाहर रहते हैं। बड़ा बेटा बृजकिशोर रस्तोगी दिल्ली में, छोटा बेटा नंदकिशोर रस्तोगी बरेली में परिवार के साथ रहते हैं।
सराफा की दुकान भी कर दी थी बंद
-विद्यासागर रस्तोगी सराफा व्यापारी रहे। शारीरिक कमजोरी के कारण कई वर्ष पहले उन्होंने दुकान भी बंद कर दी थी। घर में वह अकेले ही रहते थे। बेटे व परिवार साथ न होने से उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं था। उनको बीमारी में एक गिलास पानी देने वाला भी कोई न था। यही वजह रही कि उन्होंने अपनी जीवन लीला गोली मारकर समाप्त कर ली।
चार दिन से बेटों को कर रहे थे फोन
-बताया जा रहा है कि चार दिनों से वह अपने दोनों बेटो को फोन कर रहे थे। उनको गदूद का ऑपरेशन कराना था। कमजोरी की हालत में वह अकेले अस्पताल भी नहीं जा पा रहे थे। उनके पास आयुष्मान कार्ड भी था।
पुलिस ने तमंचा व कारतूस कमरे से किया बरामद
-पुलिस ने कमरे से 312 बोर का तमंचा व कारतूस बरामद कर लिए हैं। सीओ बिसौली सुनील कुमार सिंह का कहना है कि बेटों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उनके आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाए। जब तक वह नहीं आ जाते तब तक शव को जिला मुख्यालय नहीं भेजा जाएगा। आने के बाद ही पुलिस अपनी प्रक्रिया पूरी करेगी।

विद्यासागर रस्तोगी का फाइल फोटो।

विद्यासागर रस्तोगी का फाइल फोटो।

विद्यासागर रस्तोगी का फाइल फोटो।