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ऊपरी डैम पर गंगा खेल रही है घटा-बढ़ी का खेल
ब्यूरो /बदायूं
Updated Sat, 23 Jul 2016 12:21 AM IST
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गंगा का खेल
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गंगा में पानी के घटते-बढ़ते जलस्तर को लेकर खलबली मची हुई है। गंगा किनारे के गांवों के लोग जहां पानी पर सतर्क नजर रखे हुए हैं, वहीं बाढ़ खंड को भी ऊपरी बांधों से जो सूचनाएं मिल रही हैं, उन्हें लेकर बाढख़ंड भी बांधों और गंगा तटों में हो रहे बदलावों पर अपनी नजर गड़ाए हुए हैं। कादरचौक क्षेत्र में जमींदाराना बांध में पिछली बरसात में हुए रैन कट भरने का काम तेजी से चल रहा है।
यहां बता दें कि पिछली बार दो लाख से अधिक पानी आ जाने के कारण कई गांवों में पानी भर गया था और सहसवान क्षेत्र के गांव पनौटी के ग्रामीण बांध पर आ गए थे। कादरचौक और उसहैत क्षेत्र के कई गांवों में पानी ने दस्तक देकर गंगा किनारे बसे ग्रामीणों में दहशत फैला दी थी। गंगा में अभी पानी कम नहीं है। हजारों एकड़ फसलें अभी भी पानी में डूबी हुई हैं। नरौरा में शुक्रवार को 88 हजार क्यूसेक पानी होने की सूचना है, जबकि बृहस्पतिवार को 1.67 लाख क्यूसेक ही पानी रहा। इससे गंगा में बड़ी उथलपुथल रही। बिजनौर डैम से शुक्रवार को 95 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है जबकि बृहस्पतिवार को इस डेम से निकासी 87 हजार क्यूसेक रही है। हरिद्वार डैम से शुक्रवार को 64 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है और इससे एक दिन पूर्व 44 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यहां बता दें कि नरौरा डेम का पानी 12, बिजनौर डैम का पानी 24 और हरिद्वार डैम का पानी 36 घंटे में बदायूं तक पहुंच जाता है।
पानी की भारी घटा-बड़ी तेजी से होने के कारण गंगा के फाटों पर कटान की आशंकाएं प्रबल हो गई हैं। जहां बांधों के करीब गंगा बह रही है, वहां कटान की आशंका से बाढ़ खंड बेहद सतर्क नजर आया है।
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कादरचौक। पिछली बरसात में जमीदाराना बांध पर रैन कट बन जाने के कारण बाढ़खंड ने इन्हें भरने का काम जारी रखा है। यहां बता दें कि पिछले दिनों ही इस बांध के रैन कट भरे गए थे कि बाद में फिर बरसात हो जाने के कारण नए रैनकट बन गए थे। बाढ़ खंड इसकी मरम्मत में लगा हुआ है।
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बाढ़ पीड़ितों को बांटी दवाइयां
फोटो-13
जरीफनगर/दहगवां। हर वर्ष बाढ़ से बड़ी आबादी प्रभावित होती है, हर साल इससे बचने के लिए तमाम उपाय भी किए जाते हैं, लेकिन नदी के तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए बाढ़ का ये मौसम संकट लेकर आता है। दहगवां ब्लाक के गांव टौंटपुर, करकरी, परौटी की मढ़ैंया, दैराकी की मढ़ैंया हर साल बाढ़ से प्रभावित होते हैं। ऐसे में बाढ़ से पीड़ित लोग व विस्थापितों की दुर्दशा होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दहगवां की टीम शुक्रवार को पीड़ितों के पास गई। टीम ने ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। साथ ही कीड़े-मकोड़े के काटने की एवं अनेक भयंकर बीमारियों की रोकथाम की दवाइयां वितरित कीं। टीम में में डा. एचएन यादव, खुर्शीद अहमद, गौरव गुप्ता, श्याम बिहारी, मंजू वर्मा, नीलम, टिंकू, संतोष आदि मौजूद रहे।
यहां बता दें कि पिछली बार दो लाख से अधिक पानी आ जाने के कारण कई गांवों में पानी भर गया था और सहसवान क्षेत्र के गांव पनौटी के ग्रामीण बांध पर आ गए थे। कादरचौक और उसहैत क्षेत्र के कई गांवों में पानी ने दस्तक देकर गंगा किनारे बसे ग्रामीणों में दहशत फैला दी थी। गंगा में अभी पानी कम नहीं है। हजारों एकड़ फसलें अभी भी पानी में डूबी हुई हैं। नरौरा में शुक्रवार को 88 हजार क्यूसेक पानी होने की सूचना है, जबकि बृहस्पतिवार को 1.67 लाख क्यूसेक ही पानी रहा। इससे गंगा में बड़ी उथलपुथल रही। बिजनौर डैम से शुक्रवार को 95 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है जबकि बृहस्पतिवार को इस डेम से निकासी 87 हजार क्यूसेक रही है। हरिद्वार डैम से शुक्रवार को 64 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है और इससे एक दिन पूर्व 44 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यहां बता दें कि नरौरा डेम का पानी 12, बिजनौर डैम का पानी 24 और हरिद्वार डैम का पानी 36 घंटे में बदायूं तक पहुंच जाता है।
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पानी की भारी घटा-बड़ी तेजी से होने के कारण गंगा के फाटों पर कटान की आशंकाएं प्रबल हो गई हैं। जहां बांधों के करीब गंगा बह रही है, वहां कटान की आशंका से बाढ़ खंड बेहद सतर्क नजर आया है।
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कादरचौक। पिछली बरसात में जमीदाराना बांध पर रैन कट बन जाने के कारण बाढ़खंड ने इन्हें भरने का काम जारी रखा है। यहां बता दें कि पिछले दिनों ही इस बांध के रैन कट भरे गए थे कि बाद में फिर बरसात हो जाने के कारण नए रैनकट बन गए थे। बाढ़ खंड इसकी मरम्मत में लगा हुआ है।
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बाढ़ पीड़ितों को बांटी दवाइयां
फोटो-13
जरीफनगर/दहगवां। हर वर्ष बाढ़ से बड़ी आबादी प्रभावित होती है, हर साल इससे बचने के लिए तमाम उपाय भी किए जाते हैं, लेकिन नदी के तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए बाढ़ का ये मौसम संकट लेकर आता है। दहगवां ब्लाक के गांव टौंटपुर, करकरी, परौटी की मढ़ैंया, दैराकी की मढ़ैंया हर साल बाढ़ से प्रभावित होते हैं। ऐसे में बाढ़ से पीड़ित लोग व विस्थापितों की दुर्दशा होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दहगवां की टीम शुक्रवार को पीड़ितों के पास गई। टीम ने ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। साथ ही कीड़े-मकोड़े के काटने की एवं अनेक भयंकर बीमारियों की रोकथाम की दवाइयां वितरित कीं। टीम में में डा. एचएन यादव, खुर्शीद अहमद, गौरव गुप्ता, श्याम बिहारी, मंजू वर्मा, नीलम, टिंकू, संतोष आदि मौजूद रहे।