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Budaun News: बदायूं-आंवला मार्ग पर डग्गामार वाहनों का ही सहारा
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कुंवरगांव कस्बे में खड़े टेंपो। संवाद
रामपुर डिपो की चलती है केवल एक रोडवेज बस, कभी-कभी बरेली डिपो की भी आती है एक बस
संवाद न्यूज एजेंसी
कुंवरगांव (बदायूं)। बदायूं-आंवला मार्ग पर रोडवेज बसों की कमी है। इस रूट पर बदायूं डिपो की एक भी बस नहीं चल रही है, केवल रामपुर डिपो की एक बस रोजाना आ-जा रही है। हालांकि कभी-कभी बरेली डिपो की भी बस आ जाती है, इससे यातायात व्यवस्था पूरी डग्गामार वाहनों पर निर्भर है।
बदायूं से बरेली की तहसील आंवला करीब 27 किमी दूर है। इस मार्ग पर कुंवरगांव कस्बा केंद्र है। यातायात व्यवस्था के लिहाज से इस रोड पर बहुत बड़ी दिक्कत है। बदायूं डिपो की एक भी रोडवेज बस इस रोड पर नहीं चल रही है। रामपुर डिपो की एक बस रामपुर से चलकर रोजाना 12 बजे आंवला होते हुए कुंवरगांव पहुंचती है और कुछ मिनट रुककर बदायूं चली जाती है।
इधर से बस के जाने का समय दो बजे है। केवल यही बस ऐसी है, जिससे यात्री बदायूं या आंवला आ जा सकते हैं। इसके अलावा कभी-कभी बरेली डिपो की एक बस आ जाती है लेकिन बताया जा रहा है कि उसका कोई समय निर्धारित नहीं है। ऐसे में कुंवरगांव कस्बे से आने-जाने के लिए केवल डग्गामार वाहनों का सहारा है।
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यहां से आंवला केवल 10 किलोमीटर दूर है। इस रोड पर तमाम टेंपो चलते हैं। कस्बे से बदायूं शहर 17 और खेड़ा नवादा 14 किलोमीटर दूर है। यहां भी डग्गामार वाहन ही सहारा हैं। अगर इस रूट पर बसों की संख्या बढ़ जाए तो कस्बा ही नहीं आंवला आने-जाने वाले यात्रियों को भी बड़ी राहत मिल सकती है।
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मनौना धाम बनने से बढ़ गई यात्रियों की संख्या
आंवला के पास ही खाटू श्याम बाबा का मंदिर मनौना धाम बनने से इस रूट पर यात्रियों की संख्या पहले की तुलना में करीब दो गुना बढ़ गई है। रोजाना तमाम लोग यहां दर्शन करने जाते हैं। एक अनुमान के मुताबिक करीब एक से डेढ़ हजार यात्री रोजाना इस मार्ग पर सफर करते हैं।
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इस समय परिवहन निगम के पास बसों की संख्या कम है। इससे आंवला रोड पर बस नहीं चलाई जा रही है। एक बस बरेली डिपो की चल रही है। वही बस स्टैंड पर आती-जाती है। अगर बसों की संख्या बढ़े तो शायद एक-दो बस लगाई जाएं।
- डीके चौबे, एआरएम परिवहन निगम
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुंवरगांव (बदायूं)। बदायूं-आंवला मार्ग पर रोडवेज बसों की कमी है। इस रूट पर बदायूं डिपो की एक भी बस नहीं चल रही है, केवल रामपुर डिपो की एक बस रोजाना आ-जा रही है। हालांकि कभी-कभी बरेली डिपो की भी बस आ जाती है, इससे यातायात व्यवस्था पूरी डग्गामार वाहनों पर निर्भर है।
बदायूं से बरेली की तहसील आंवला करीब 27 किमी दूर है। इस मार्ग पर कुंवरगांव कस्बा केंद्र है। यातायात व्यवस्था के लिहाज से इस रोड पर बहुत बड़ी दिक्कत है। बदायूं डिपो की एक भी रोडवेज बस इस रोड पर नहीं चल रही है। रामपुर डिपो की एक बस रामपुर से चलकर रोजाना 12 बजे आंवला होते हुए कुंवरगांव पहुंचती है और कुछ मिनट रुककर बदायूं चली जाती है।
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इधर से बस के जाने का समय दो बजे है। केवल यही बस ऐसी है, जिससे यात्री बदायूं या आंवला आ जा सकते हैं। इसके अलावा कभी-कभी बरेली डिपो की एक बस आ जाती है लेकिन बताया जा रहा है कि उसका कोई समय निर्धारित नहीं है। ऐसे में कुंवरगांव कस्बे से आने-जाने के लिए केवल डग्गामार वाहनों का सहारा है।
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यहां से आंवला केवल 10 किलोमीटर दूर है। इस रोड पर तमाम टेंपो चलते हैं। कस्बे से बदायूं शहर 17 और खेड़ा नवादा 14 किलोमीटर दूर है। यहां भी डग्गामार वाहन ही सहारा हैं। अगर इस रूट पर बसों की संख्या बढ़ जाए तो कस्बा ही नहीं आंवला आने-जाने वाले यात्रियों को भी बड़ी राहत मिल सकती है।
मनौना धाम बनने से बढ़ गई यात्रियों की संख्या
आंवला के पास ही खाटू श्याम बाबा का मंदिर मनौना धाम बनने से इस रूट पर यात्रियों की संख्या पहले की तुलना में करीब दो गुना बढ़ गई है। रोजाना तमाम लोग यहां दर्शन करने जाते हैं। एक अनुमान के मुताबिक करीब एक से डेढ़ हजार यात्री रोजाना इस मार्ग पर सफर करते हैं।
इस समय परिवहन निगम के पास बसों की संख्या कम है। इससे आंवला रोड पर बस नहीं चलाई जा रही है। एक बस बरेली डिपो की चल रही है। वही बस स्टैंड पर आती-जाती है। अगर बसों की संख्या बढ़े तो शायद एक-दो बस लगाई जाएं।
- डीके चौबे, एआरएम परिवहन निगम

कुंवरगांव कस्बे में खड़े टेंपो। संवाद