फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Bail pleas of Shashikant and Suryakant, accused in an 800-crore rupee fraud case, rejected once again.

Budaun News: आठ सौ करोड़ की ठगी के आरोप में शशिकांत व सूर्यकांत की जमानत अर्जी फिर निरस्त

Fri, 16 Oct 2026 02:24 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 16 Oct 2026 02:24 AM IST
विज्ञापन
Bail pleas of Shashikant and Suryakant, accused in an 800-crore rupee fraud case, rejected once again.
बदायूं। अमर ज्योति कंपनी लिमिटेड सहित पांच चिटफंड कंपनियां खोलकर रकम दोगुनी करने का झांसा देकर लोगों से निवेश कराकर करोड़ों रुपये की ठगी करने के मामले में जिला जज विवेक संगल की कोर्ट से अभियुक्त सगे भाई शशिकांत मौर्य और सूर्यकांत मौर्य की जमानत अर्जी फिर निरस्त हाे गई। कोर्ट ने अभियुक्तगणों के अपराध को गंभीर प्रकृति माना है।
विज्ञापन

अभियोजन के अनुसार, आशु बंसल ने कोतवाली में तहरीर देकर बताया था कि उनका परिवार मोहल्ला न्यू आदर्श कॉलोनी में रहता है। परिवार में शशिकांत मौर्य और उनकी पत्नी अर्चना देवी का आना-जाना था। पारिवारिक संबंध पूर्व से थे। परिजनों के संबंधाें का हवाला देकर शशिकांत, उसकी पत्नी अर्चना, भाई सूर्यकांत और पुत्र विशु कांत मौर्य ने कहा कि फाइनेंस कंपनी में पैसा जमा कर दो, अच्छा रिटर्न देंगे।
विज्ञापन

विश्वास करते हुए 4 जून 2020 से लेकर 2022 तक करीब 30 लाख रुपये जमा कर दिए। इन लोगों ने एफडीआर दी। बाद में संज्ञान में आया कि शशिकांत और उसका परिवार कंपनी बंद कर चला गया है। इन लोगों ने मुझ जैसे अन्य लोगों के भी रुपये हड़पने के इरादे से कंपनी बंद की थी। पुलिस ने चारों के अलावा मैनेजर एसपी सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

विवेचना के दौरान भी तीन धाराएं बढ़ाई गई थीं। पुलिस की केस डायरी के पर्चा संख्या सात में बताया गया है कि विवेचना के बाद अभियुक्त शशिकांत और सूर्यकांत की गिरफ्तारी होने पर इनकी निशानदेही पर कंपनी के कार्यालय से एक लैपटॉप, की-बोर्ड, माउस, एक कैश काउंटिंग मशीन, एक प्रिंटर, ग्राहकों की 167 पासबुक बरामद की गई थीं। दोनों अभियुक्त कंपनी के माध्यम से लोगों को झांसे में लेकर उनका पैसा कंपनी में लगवाते थे।

जिला जज की कोर्ट में सुनवाई के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता ने अभियुक्तों की जमानत अर्जी का कड़ा विरोध किया और कई साक्ष्य भी प्रस्तुत किए थे। बता दें कि दोनों अभियुक्तों की पिछले महीने 8 सितंबर को लखनऊ से आशु बंसल की ओर से दर्ज केस में गिरफ्तारी की गई थी। दोनों पर बदायूं में पांच और बरेली में चार केस दर्ज हैं। अभियुक्तों पर बदायूं, बरेली, पीलीभीत सहित अन्य शहरों के लोगों से करीब आठ सौ करोड़ रुपये की ठगी करने का आरोप है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed