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ोई तो है जो पालिका के गवर्मेंट ई-पोर्टल पर रखे है नजर
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उझानी (बदायूं)। गवर्मेंट ई-मार्केट पोर्टल (जैम पोर्टल) पर उझानी नगर पालिका परिषद की मेल आईडी पर फर्जी टेंडर अपलोड मामले में शायद ही अब कोई कार्रवाई हो पाए। पालिका प्रशासन ने बृहस्पतिवार को यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि उसे किसी तरह का आर्थिक नुकसान नहीं हो हुआ। अगर नुकसान होता तो रिपोर्ट भी दर्ज कराते। फर्जीवाड़े के इस खेल से साफ है कि उझानी ही नहीं बल्कि जिले की कुछ अन्य पालिकाओं और नगर पंचायतों की मेल आईडी के पासवर्ड हैकर को पता हैं, इसलिए वह कहीं से भी जैम पोर्टल पर टेंडर प्रक्रिया पर नजर रख लेता है। नगर पालिका परिषद उझानी जैम पोर्टल पर छह दिसंबर को अपलोड फर्जी टेंडरों पर नजर पड़ गई। पोर्टल पर पालिका की मेल आईडी का पासवर्ड जानकर दो सौ लाइटों और सफाई व्यवस्था के लिए टियर टैंपो खरीदने को टेंडर अपलोड कर दिए गए थे। फर्जीवाड़ा पकड़ में आ जाने के बाद टेंडर निरस्त कर आईडी का पासवर्ड भी चेंज कर दिया गया है। इस मामले में पालिका प्रशासन ने मान लिया कि फर्जीवाड़ा करने वाला कुछ और नहीं कर सकता। लेकिन अभी भी पालिका की मेल आईडी का पासवर्ड हैकर तक पहुंचने और लाइटों, टियर टैंपो के टेंडर से किस ठेकेदार को फायदा पहुंचाया जा रहा था, इन सवालों के जवाब बाकी हैं। फिलहाल उझानी पालिका को लाखों रुपये का चूना लगने से बच गया है। बता दें कि जैम पोर्टल पर ही नगर पालिका और नगर पंचायतें सप्लाई से जुड़ा सामान खरीदने के लिए टेंडर अपलोड करती हैं। पोर्टल पर ही कंपनियों और ठेकेदारों द्वारा रेट स्पष्ट कर टेंडर भरे जाते हैं। इसके बाद ही पालिका और नगर पंचायतें खरीददारी करती हैं।
फर्जी टेंडर के मामले में पालिका अपने स्तर से वह सब कुछ कर चुकी है जिससे उसे किसी तरह का नुकसान नहीं हो पाए। रिपोर्ट तो उसी स्थिति में दर्ज कराई जाती जब पालिका को आर्थिक नुकसान होता।
- डॉ. धीरेंद्र कुमार राय, ईओ
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फर्जी टेंडर के मामले में पालिका अपने स्तर से वह सब कुछ कर चुकी है जिससे उसे किसी तरह का नुकसान नहीं हो पाए। रिपोर्ट तो उसी स्थिति में दर्ज कराई जाती जब पालिका को आर्थिक नुकसान होता।
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- डॉ. धीरेंद्र कुमार राय, ईओ