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भक्ति का मार्ग प्रशस्त करती है भागवत कथा : सोमदत्त
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भागवत कथा के दौरान अपनी प्रस्तुति देता कलाकार। संवाद
- फोटो : BADAUN
बिल्सी। गांव बड़नौमी स्थित ग्राम देवता मंदिर पर चल रही श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन कथाव्यास सोमदत्त शर्मा ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य की सभी इच्छाओं को पूरा करती है। यह कल्पवृक्ष के समान है। इसके लिए मनुष्य को निर्मल भाव से कथा सुनने और सत्य के मार्ग पर चलना चाहिए।
कथा व्यास ने कहा कि भागवत कथा ही साक्षात कृष्ण है और जो कृष्ण है, वही साक्षात भागवत है। भागवत कथा भक्ति का मार्ग प्रशस्त करती है। उन्होंने कहा कि गलती करने के बाद क्षमा मांगना मनुष्य का गुण है, लेकिन जो दूसरे की गलती को बिना द्वेष के क्षमा कर दे, वह मनुष्य महात्मा होता है।
जिसके जीवन में श्रीमद्भागवत की बूंद पड़ी, उसके हृदय में आनंद ही आनंद होता है। भागवत को आत्मसात करने से ही भारतीय संस्कृति की रक्षा हो सकती है। भगवान को कहीं खोजने की जरूरत नहीं, वह हम सबके हृदय में मौजूद हैं। कथा व्यास ने कथा के दौरान अन्य कई प्रसंग भी सुनाएं। इस मौके पर ठाकुर नोनी सिंह, ठाकुर लक्ष्मन सिंह, मनोज सिंह, अमित कुमार, ललतेश सिंह, संजय कुमार आदि मौजूद रहे। संवाद
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कथा व्यास ने कहा कि भागवत कथा ही साक्षात कृष्ण है और जो कृष्ण है, वही साक्षात भागवत है। भागवत कथा भक्ति का मार्ग प्रशस्त करती है। उन्होंने कहा कि गलती करने के बाद क्षमा मांगना मनुष्य का गुण है, लेकिन जो दूसरे की गलती को बिना द्वेष के क्षमा कर दे, वह मनुष्य महात्मा होता है।
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जिसके जीवन में श्रीमद्भागवत की बूंद पड़ी, उसके हृदय में आनंद ही आनंद होता है। भागवत को आत्मसात करने से ही भारतीय संस्कृति की रक्षा हो सकती है। भगवान को कहीं खोजने की जरूरत नहीं, वह हम सबके हृदय में मौजूद हैं। कथा व्यास ने कथा के दौरान अन्य कई प्रसंग भी सुनाएं। इस मौके पर ठाकुर नोनी सिंह, ठाकुर लक्ष्मन सिंह, मनोज सिंह, अमित कुमार, ललतेश सिंह, संजय कुमार आदि मौजूद रहे। संवाद
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