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गाय की सेवा करने से 33 करोड़ देवी देवताओं की पूजा का मिलता है फल
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बिल्सी के वन बेहटा में भागवत कथा सुनाती ज्योति शास्त्री
- फोटो : BADAUN
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बिल्सी। वनबेहटा गांव के शिव मंदिर पर चल रही श्रीमद् भागवत कथा में ज्योति शास्त्री ने कथा के पांचवें दिन श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का बखान किया। कहा कि धनवान व्यक्ति वही है जो तन, मन, धन से सेवा भक्ति करे। परमात्मा की प्राप्ति सच्चे प्रेम से ही संभव है।
उन्होंने पूतना प्रसंग भी सुनाया। उन्होंने कहा कि सभी को गोमाता की सेवा, गायत्री का जाप और गीता का पाठ अवश्य करना चाहिए। गाय की सेवा से 33 करोड़ देवी देवताओं की पूजा-अर्चना हो जाती है।
पृथ्वी ने गाय का रूप धारण करके श्रीकृष्ण को पुकारा तब श्रीकृष्ण पृथ्वी पर आए। इसलिए वह मिट्टी में नहाते, खेलते और खाते हैं ताकि पृथ्वी का उद्धार कर सकें। गोप बालकों ने जाकर यशोदा माता से शिकायत कर दी कि मां तेरे लाला ने माटी खाई है। यशोदा माता हाथ में छड़ी लेकर दौड़ी आईं। माता की जिद पर श्रीकृष्ण ने अपना मुख खोल दिया। यशोदा जी ने देखा कि मुख में चर-अचर संपूर्ण जगत विद्यमान है। कथा में राधे कृष्ण गोविंद गोपाल राधे राधे भजन का श्रद्धालुओं ने आनंद उठाया। सभी भक्तों ने भंडारे का प्रसाद भी ग्रहण किया। इस मौके पर कलक्टर सिंह, रनवीर सिंह चौहान, अवधेश सिसोदिया, हप्पू सिंह, अजय पाल सोलंकी, महावीर सिंह, सुनील कुमार, विजय कुमार, युवराज सिंह, अरुण, यादराम शाक्य आदि मौजूद रहे। संवाद
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उन्होंने पूतना प्रसंग भी सुनाया। उन्होंने कहा कि सभी को गोमाता की सेवा, गायत्री का जाप और गीता का पाठ अवश्य करना चाहिए। गाय की सेवा से 33 करोड़ देवी देवताओं की पूजा-अर्चना हो जाती है।
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पृथ्वी ने गाय का रूप धारण करके श्रीकृष्ण को पुकारा तब श्रीकृष्ण पृथ्वी पर आए। इसलिए वह मिट्टी में नहाते, खेलते और खाते हैं ताकि पृथ्वी का उद्धार कर सकें। गोप बालकों ने जाकर यशोदा माता से शिकायत कर दी कि मां तेरे लाला ने माटी खाई है। यशोदा माता हाथ में छड़ी लेकर दौड़ी आईं। माता की जिद पर श्रीकृष्ण ने अपना मुख खोल दिया। यशोदा जी ने देखा कि मुख में चर-अचर संपूर्ण जगत विद्यमान है। कथा में राधे कृष्ण गोविंद गोपाल राधे राधे भजन का श्रद्धालुओं ने आनंद उठाया। सभी भक्तों ने भंडारे का प्रसाद भी ग्रहण किया। इस मौके पर कलक्टर सिंह, रनवीर सिंह चौहान, अवधेश सिसोदिया, हप्पू सिंह, अजय पाल सोलंकी, महावीर सिंह, सुनील कुमार, विजय कुमार, युवराज सिंह, अरुण, यादराम शाक्य आदि मौजूद रहे। संवाद
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