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भगवान जिनेंद्र का मंगल जलाभिषेक कर शांतिधारा की
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बिल्सी। नगर के मोहल्ला संख्या आठ स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में सोमवार को जैन अनुयायियों ने तीर्थंकर भगवान अजितनाथ स्वामी का ज्ञान कल्याणक धूमधाम से मनाया। यहां सर्वप्रथम भगवान जिनेंद्र का मंगल जलाभिषेक कर शांतिधारा की गई।
जैन श्रद्धालुओं द्वारा भगवान अजितनाथ स्वामी की पूजा-अर्चना के साथ णमोकार का पाठ किया। श्री दिगंबर जैन महासमिति के मंडल अध्यक्ष प्रशांत जैन खंडेलवाल ने बताया कि जैन धर्म के दूसरे तीर्थंकर भगवान अजितनाथ का जन्म अयोध्या के राजपरिवार में माघ के शुक्ल पक्ष की अष्टमी में हुआ था। इनके पिता का नाम जितशत्रु और माता का नाम विजया था। अजितनाथ का चिह्न हाथी था। प्रशांत ने कुछ अन्य जानकारियां भी दीं।
इस मौके पर अनिल कुमार जैन, अरविंद कुमार जैन, अभिषेक कुमार जैन, मानसी जैन, शालिनी जैन, नीलम जैन आदि मौजूद रहे। संवाद
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जैन श्रद्धालुओं द्वारा भगवान अजितनाथ स्वामी की पूजा-अर्चना के साथ णमोकार का पाठ किया। श्री दिगंबर जैन महासमिति के मंडल अध्यक्ष प्रशांत जैन खंडेलवाल ने बताया कि जैन धर्म के दूसरे तीर्थंकर भगवान अजितनाथ का जन्म अयोध्या के राजपरिवार में माघ के शुक्ल पक्ष की अष्टमी में हुआ था। इनके पिता का नाम जितशत्रु और माता का नाम विजया था। अजितनाथ का चिह्न हाथी था। प्रशांत ने कुछ अन्य जानकारियां भी दीं।
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इस मौके पर अनिल कुमार जैन, अरविंद कुमार जैन, अभिषेक कुमार जैन, मानसी जैन, शालिनी जैन, नीलम जैन आदि मौजूद रहे। संवाद