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तीसरे दिन महिलाओं और बालिकाओं ने जलाए पांच हजार एक दीप
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उझानी (बदायूं)। अखिल विश्व गायत्री परिवार की देखरेख में संजरपुर रोड के पास चल रहे 108 कुंडीय महायज्ञ में तीसरे दिन अनुयाइयों ने प्रज्ञा पुराण कथा का श्रवण किया। यज्ञ भगवान की पूजा-अर्चना के बाद महिलाओं ने परिवार समेत आहुतियां अर्पित कीं। महिलाओं और कन्याओं ने ओम-स्वास्तिक के रूप में सजे पांच हजार एक दीप भी प्रज्जवलित किए।
शांतिकुंज हरिद्वार के टोली नायक और कथा शिरोमणि शशिकांत सिंह ने सभ्यता, संस्कृति और संस्कारों के बारे में जानकारी दी। कहा कि यज्ञ से पर्यावरण की रक्षा होती है। समन्वयक कालीचरन शर्मा ने युवाओं को ऐसे कार्यक्रमों में सहभागी बनते रहने का संदेश दिया। कहा कि विचार क्रांति से ही मानव में देवत्व का उदय होगा। बच्चों को श्रेष्ठ संस्कार देने चाहिए। उत्तर जोन प्रभारी रामेश ने आध्यात्मिक चिंतन पर पक्ष रखा। सहायक टोली नायक बसंती लाल सोलंकी, स्वेन कुमार, चिंताराम नाग, दिनेश पाल ने मातृ वंदना और गुरु वंदना प्रस्तुत की। शाम को दीप यज्ञ में महिलाओं और बालिकाओं ने ओम और स्वास्तिक लिखे दीये जलाए। यज्ञ स्थल पर ही कई शिक्षकों ने संस्कृति ज्ञान परीक्षा में सराहनीय योगदान के लिए पुरस्कार पाया। इस मौके पर संतोष सिंह तोमर, सत्यभान अग्हिोत्री, विवेक अग्रवाल, आर्येंद्र यादव, सुखपाल शर्मा, नरेंद्र सिंह, ममता शर्मा, बॉबी मौर्य, महेश सक्सेना आदि मौजूद रहे।
गायत्री परिवार के 108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ में शक्तिपीठ बदायूं के अनिल प्रकाश गुप्ता ,नत्थू लाल शर्मा, परिब्राजक सचिन देव और भवेश शर्मा ने मंत्रोच्चार कर कासगंज जिले के गांव नगलातारू निवासी दामोदर सिंह और उझानी के गांव फुलासी की राजबेटी का विवाह कराया। विवाह से जुड़े सभी संस्कार भी गायत्री परिवार के सदस्य संजीव कुमार शर्मा और उनकी टोली ने पूरे कराए। इसके अलावा बच्चों में हर्षित और आयुष का मुंडन संस्कार भी कार्यक्रम स्थल पर हुआ।
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शांतिकुंज हरिद्वार के टोली नायक और कथा शिरोमणि शशिकांत सिंह ने सभ्यता, संस्कृति और संस्कारों के बारे में जानकारी दी। कहा कि यज्ञ से पर्यावरण की रक्षा होती है। समन्वयक कालीचरन शर्मा ने युवाओं को ऐसे कार्यक्रमों में सहभागी बनते रहने का संदेश दिया। कहा कि विचार क्रांति से ही मानव में देवत्व का उदय होगा। बच्चों को श्रेष्ठ संस्कार देने चाहिए। उत्तर जोन प्रभारी रामेश ने आध्यात्मिक चिंतन पर पक्ष रखा। सहायक टोली नायक बसंती लाल सोलंकी, स्वेन कुमार, चिंताराम नाग, दिनेश पाल ने मातृ वंदना और गुरु वंदना प्रस्तुत की। शाम को दीप यज्ञ में महिलाओं और बालिकाओं ने ओम और स्वास्तिक लिखे दीये जलाए। यज्ञ स्थल पर ही कई शिक्षकों ने संस्कृति ज्ञान परीक्षा में सराहनीय योगदान के लिए पुरस्कार पाया। इस मौके पर संतोष सिंह तोमर, सत्यभान अग्हिोत्री, विवेक अग्रवाल, आर्येंद्र यादव, सुखपाल शर्मा, नरेंद्र सिंह, ममता शर्मा, बॉबी मौर्य, महेश सक्सेना आदि मौजूद रहे।
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गायत्री परिवार के 108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ में शक्तिपीठ बदायूं के अनिल प्रकाश गुप्ता ,नत्थू लाल शर्मा, परिब्राजक सचिन देव और भवेश शर्मा ने मंत्रोच्चार कर कासगंज जिले के गांव नगलातारू निवासी दामोदर सिंह और उझानी के गांव फुलासी की राजबेटी का विवाह कराया। विवाह से जुड़े सभी संस्कार भी गायत्री परिवार के सदस्य संजीव कुमार शर्मा और उनकी टोली ने पूरे कराए। इसके अलावा बच्चों में हर्षित और आयुष का मुंडन संस्कार भी कार्यक्रम स्थल पर हुआ।
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