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‘गुरुनानकदेव की वाणी सुनने से कट जाते दुख, क्लेश’
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उझानी (बदायूं)। पंजाबी कॉलोनी के गुरुद्वारा में गुरुनानक देव का 550वां प्रकाश पर्व धूमधाम से मनाया गया। 12 दिन तक चले धार्मिक कार्यक्रम में गुरुद्वारे के ज्ञानी सोहन सिंह ने गुरु की महिमा का वर्णन कर संगत को निहाल किया। कहा कि गुरुनानक देव की कथा का स्मरण करने से अंधविश्वासों का दुष्प्रभाव नहीं होता है।
रविवार शाम गुरुद्वारा परिसर में जप जी साहिब के समापन पर ज्ञानी सोहन सिंह ने गुरुवाणी सुनाई। कहा कि- इसका पाठ सबसे पहले गुरुनानक देव ने किया था। जो व्यक्ति इस पावन वाणी को सुनता है या पाठ पढ़ता है, उसके आगे अंधविश्वास नहीं चल पाता। जीवन में दु:ख और क्लेश कट जाते हैं।
इससे पहले गूंज एक सामाजिक जनकल्याण शिक्षा समिति के पदाधिकारियों और पंजाबी समाज के प्रमुख व्यक्तियों की देखरेख में दीवान साहिब को सजाया गया। महिलाओं ने भी गुरु की महिमा का गुणगान किया। समापन पर अनुयाइयों ने लंगर छका। इस मौके पर राजन मेंदीरत्ता, गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान गुरुचरन सिंह भाटिया, किशनचंद्र शर्मा, नेवराज छाबड़ा, चरनजीत सिंह, मधुर सपरा आदि मौजूद रहे।
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रविवार शाम गुरुद्वारा परिसर में जप जी साहिब के समापन पर ज्ञानी सोहन सिंह ने गुरुवाणी सुनाई। कहा कि- इसका पाठ सबसे पहले गुरुनानक देव ने किया था। जो व्यक्ति इस पावन वाणी को सुनता है या पाठ पढ़ता है, उसके आगे अंधविश्वास नहीं चल पाता। जीवन में दु:ख और क्लेश कट जाते हैं।
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इससे पहले गूंज एक सामाजिक जनकल्याण शिक्षा समिति के पदाधिकारियों और पंजाबी समाज के प्रमुख व्यक्तियों की देखरेख में दीवान साहिब को सजाया गया। महिलाओं ने भी गुरु की महिमा का गुणगान किया। समापन पर अनुयाइयों ने लंगर छका। इस मौके पर राजन मेंदीरत्ता, गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान गुरुचरन सिंह भाटिया, किशनचंद्र शर्मा, नेवराज छाबड़ा, चरनजीत सिंह, मधुर सपरा आदि मौजूद रहे।
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