{"_id":"56e858494f1c1b17478b457a","slug":"villagers-and-police-clash-in-putting-jam","type":"story","status":"publish","title_hn":"जाम लगाते ग्रामीणों और पुलिस में भिड़ंत","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
जाम लगाते ग्रामीणों और पुलिस में भिड़ंत
बदायूं, ब्यूरो
Updated Wed, 16 Mar 2016 12:16 AM IST
विज्ञापन
जाम लगाते ग्रामीणों और पुलिस में भिड़ंत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
दो घंटे तक चला बवाल, कई वाहनों में तोड़फोड़, पथराव
- अतिरिक्त फोर्स ने हवाई फायरिंग कर हालात पर काबू पाया
- एसपी देहात और सीओ बिल्सी समेत कई ग्रामीण घायल
कुंवरगांव थाने के गांव गर्रुइया के दो युवकों की बुलंदशहर में हत्या के मामले में बाकी तीन आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने मंगलवार को वनकोटा गांव के समीप मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाइवे पर जाम लगा दिया। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जबरन उठाने का प्रयास किया तो हालात बेकाबू हो गए। ग्रामीणों ने पथराव करते हुए कई वाहनों में जमकर तोड़फोड़ की। महिलाओं ने पुलिसकर्मियों पर खुलकर हाथ चलाए। बाद में अतिरिक्त फोर्स बुलाकर हवाई फायरिंग और बल प्रयोग कर हालात पर काबू पाया जा सका। लाठीचार्ज से कई ग्रामीण घायल हो गए, जबकि पथराव से एएसपी देहात मुन्ना लाल और सीओ बिल्सी समेत कई लोगों को चोटें आईं हैं।
गर्रुइया निवासी वीरपाल के 25 वर्षीय पुत्र मुकेश यादव और नवाब सिंह यादव के 27 वर्षीय पुत्र धीरपाल वजीरगंज के मुकेश वार्ष्णेय की दूध डेयरी पर नौकरी करते थे। दोनों सात मार्च को दूध भरा टैंकर लेकर खुर्जा गए थे। यहां टैंकर का दूध लूटने के बाद दोनों की हत्या कर दी गई। 10 मार्च को दोनों के शव शिकारपुर (बुलंदशहर) इलाके में काली नदी के पास बोरों में मिले थे। बुलंदशहर पुलिस ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया था। वारदात में कुल छह बदमाशों का हाथ था। बाकी के तीन बदमाशों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मंगलवार को मृतकों के परिवार वाले सैकड़ों ग्रामीणों के साथ मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाइवे पर धरने पर बैठ गए।
विज्ञापन
सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। आरोप है कि धरने पर बैठीं महिलाओं को सीओ बिल्सी जगदीश चंद्र ने अभद्रता करते हुए उठाना चाहा। महिलाओं को घसीट कर पुलिस हाइवे से हटाने लगी। इस पर ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया और वे हमलावर हो गए। ग्रामीणों के पथराव के कारण पुलिस को बैकफुट पर आना पड़ा। दोबारा दल बल के साथ पहुंची पुलिस ने उपद्रवियों को खदेड़ा। लाठीचार्ज में 12 से अधिक ग्रामीणों के चोटें आई हैं लेकिन वह डर के मारे सरकारी अस्पताल नहीं पहुंचे। मामले में 14 नामजद और 125 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
विज्ञापन
---
दोनों की हत्या का मामला बदायूं का नहीं है। इसके बावजूद गलत तरीके से हाइवे जाम किया गया। जाम खुलवाने पहुंचे अधिकारियों से कुछ लोगों ने अभद्रता की। पता लगा है कि कमल यादव नाम के एक युवक ने ग्रामीणों को इसके लिए उकसाया था। मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
- सौमित्र यादव, एसएसपी