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पुलिस नहीं सुलझा सकी 37 अज्ञात शवों की पहेली

Sat, 06 Dec 2014 12:28 AM IST
बदायूं
बदायूं Updated Sat, 06 Dec 2014 12:28 AM IST
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जिले में अज्ञात शव मिलने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। 11 महीने
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में जिले के अलग-अलग स्थानों पर पुलिस ने 52 अज्ञात शव बरामद किए। इनमें से अब तक पुलिस 37 शवों की शिनाख्त नहीं कर सकी है। जिले में सबसे ज्यादा 11 अज्ञात शव जुलाई में मिले। जिले में हर महीने औसतन चार अज्ञात शव मिल रहे हैं। अब भी पुलिस के लिए 37 शव पहेली बने हुए हैं।
लगातार मिल रहे अज्ञात शव और इनकी शिनाख्त पुलिस को चुनौती बनी हुई है। 17 जनवरी को वजीरगंज क्षेत्र से अज्ञात शवों के मिलने का सिलसिला शुरू हुआ। इसके बाद यह थमने का नाम नहीं ले रहा है। फरवरी में छह अज्ञात शव बरामद हुए। इसके बाद मार्च में दो और अप्रैल में चार अज्ञात शव मिले। मई में अज्ञात शव मिलने के सिलसिले पर ब्रेक लगा लेकिन जून और जुलाई में अलग-अलग थाना क्षेत्रों में रिकार्ड 17 अज्ञात शव मिले। अगस्त में सिविल लाइंस, कोतवाली, उझानी और वजीरगंज इलाकों में एक-एक अज्ञात शव मिल हैं। गौर करने वाली बात यह है कि 11 महीने में सबसे ज्यादा 17 अज्ञात शव सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में मिले। 11 महीने में जिले में मिले कुल 52 अज्ञात शवों में पांच शव महिलाओं और दो नवजादों के भी शामिल हैं। गौर करने वाली बात यह है कि पुलिस कुल 52 अज्ञात शवों में से अब तक 37 शव पुलिस के लिए पहेली बने हुए हैं।
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हत्या के बाद तो नहीं फेंकी जा रहीं लाशें
बदायूं। यह कहना भी गलत नहीं होगा कि हत्या करने के बाद शवों को सबूत मिटाने के उद्देश्य से यहां वहां फेंक दिया जाता है। बदायूं की सीमाएं बरेली, कासगंज, अलीगढ़, संभल, फर्रुखाबाद, रामपुर, मुरादाबाद से लगती हैं। अज्ञात शव मिलने के सबसे ज्यादा मामले जिले के सीमावर्ती थानों के सामने आते हैं। ऐसे में इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि दूसरे जिलों में हत्याओं के बाद शवों का यहां ठिकाने लगा दिया जाता है।
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अज्ञात शवों की गुत्थी को सुलझाया जा रहा है। इसमें पड़ोसी जिलों की पुलिस से भी मदद ली जा रही है। कुछ शवों की शिनाख्त नहीं हो पा रही है। पुलिस शवों की शिनाख्त की हर संभव कोशिश कर रही है।
- वालेंदुभूषण सिंह, पुलिस अधीक्षक (देहात)
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