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दुष्कर्म पीड़िता ने आग लगाकर दे दी जान
बदायूं, ब्यूरो
Updated Wed, 15 Jun 2016 12:14 AM IST
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पति के छोड़े जाने के बाद रह रही थी मायके में
एक साल पहले दुष्कर्म, इसके बाद हुई थी शादी
दुष्कर्म पीड़िता को उसके पति ने छोड़ दिया। इसके बाद से वह मायके में रह रही थी। सोमवार रात उसने खुद को आग लगा ली। गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
अलापुर थाने की एक किशोरी से दो मई 2015 गांव के ही दो युवकों ने दुष्कर्म किया था। मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने आरोपियों को जेल भेजा था। बाद में जुलाई 2015 में पीड़िता के परिवार वालों ने उसकी शादी कर दी। बाद में कोर्ट से दोनों आरोपी भी बरी हो गए थे। चर्चा यह भी रही कि पीड़िता के परिवार वालों ने आरोपियों से फैसला कर लिया था। पति को दुष्कर्म की घटना के बारे में नहीं बताया गया। कुछ महीने बाद उसके पति को इस बारे में पता लग गया। उसने पीड़िता को अपने साथ रखने से इंकार कर दिया। बीते दो माह से वह अपने मायके में रह रही थी।
इस दौरान मायके और ससुराल वालों के बीच कई बार पंचायत भी हुई। सोमवार को भी पंचायत हुई थी। पति ने उसे अपने साथ रखने से साफ इंकार कर दिया। इससे पीड़िता गहरे अवसाद में थी। सोमवार रात उसने खुद पर मिट़्टी का तेल छिड़ककर आग लगा ली। रात में ही उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पीड़िता के परिवार में कोहराम मचा है।
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पति को बताया होता तो ऐसा न होता
अलापुर। दुष्कर्म के बाद पीड़िता के परिवार वालों ने उसकी थाना क्षेत्र के ही एक गांव में शादी कर दी। उसके साथ दुष्कर्म की घटना को परिवार वाले छिपा गए। अगर परिवार वालों ने शादी से पहले लड़का पक्ष के लोगों को इस बारे में बता दिया होता, तो शायद पीड़िता की जान बच सकती है। लोगों का कहना था कि ऐसा करते तो हो सकता था लड़का पक्ष शादी से इंकार कर देता और अगर शादी होती, तो उसको साथ रखने से इंकार नहीं करता।
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शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। अभी कोई तहरीर नहीं आई है। प्रथम दृष्टया यह मामला खुदकुशी का मालूम दे रहा है। फिर भी मामले में पड़ताल की जा रही है।
-एपी सिंह यादव, एसओ अलापुर
एक साल पहले दुष्कर्म, इसके बाद हुई थी शादी
दुष्कर्म पीड़िता को उसके पति ने छोड़ दिया। इसके बाद से वह मायके में रह रही थी। सोमवार रात उसने खुद को आग लगा ली। गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
अलापुर थाने की एक किशोरी से दो मई 2015 गांव के ही दो युवकों ने दुष्कर्म किया था। मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने आरोपियों को जेल भेजा था। बाद में जुलाई 2015 में पीड़िता के परिवार वालों ने उसकी शादी कर दी। बाद में कोर्ट से दोनों आरोपी भी बरी हो गए थे। चर्चा यह भी रही कि पीड़िता के परिवार वालों ने आरोपियों से फैसला कर लिया था। पति को दुष्कर्म की घटना के बारे में नहीं बताया गया। कुछ महीने बाद उसके पति को इस बारे में पता लग गया। उसने पीड़िता को अपने साथ रखने से इंकार कर दिया। बीते दो माह से वह अपने मायके में रह रही थी।
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इस दौरान मायके और ससुराल वालों के बीच कई बार पंचायत भी हुई। सोमवार को भी पंचायत हुई थी। पति ने उसे अपने साथ रखने से साफ इंकार कर दिया। इससे पीड़िता गहरे अवसाद में थी। सोमवार रात उसने खुद पर मिट़्टी का तेल छिड़ककर आग लगा ली। रात में ही उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पीड़िता के परिवार में कोहराम मचा है।
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पति को बताया होता तो ऐसा न होता
अलापुर। दुष्कर्म के बाद पीड़िता के परिवार वालों ने उसकी थाना क्षेत्र के ही एक गांव में शादी कर दी। उसके साथ दुष्कर्म की घटना को परिवार वाले छिपा गए। अगर परिवार वालों ने शादी से पहले लड़का पक्ष के लोगों को इस बारे में बता दिया होता, तो शायद पीड़िता की जान बच सकती है। लोगों का कहना था कि ऐसा करते तो हो सकता था लड़का पक्ष शादी से इंकार कर देता और अगर शादी होती, तो उसको साथ रखने से इंकार नहीं करता।
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शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। अभी कोई तहरीर नहीं आई है। प्रथम दृष्टया यह मामला खुदकुशी का मालूम दे रहा है। फिर भी मामले में पड़ताल की जा रही है।
-एपी सिंह यादव, एसओ अलापुर