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Bareilly News: घर पर नहीं मिले तीनों भाई, सभी के फोन भी जा रहे बंद

Mon, 24 Aug 2026 02:02 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 24 Aug 2026 02:02 AM IST
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The three brothers were not found at home, and all their phones are switched off.
बरेली। आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र गंगवार तीन भाई हैं। ग्रामीणों ने बताया कि उनके सबसे बड़े भाई कमल गंगवार ग्राम प्रशासक हैं। उनसे छोटे मुरारी लाल गांव में ही रहते हैं। ज्ञानेंद्र सबसे छोटे हैं। ईडी की कार्रवाई के दौरान तीनों घर पर नहीं मिले। उनके फोन भी बंद जा रहे हैं।
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ज्ञानेंद्र के पिता रामगुलाम गंगवार बेसिक शिक्षक पद से सेवानिवृत्त हैं। फिलहाल, वह अस्वस्थ हैं तो कमल गंगवार उन्हें लेकर दिल्ली या किसी अन्य शहर के अस्पताल गए हैं। पहले उनका बरेली में इलाज चल रहा था, फिर यहां से उन्हें रेफर किया गया। सूत्रों के मुताबिक टीम ने रेफर करने वाले डॉक्टर से भी पूछताछ कर इलाज के पर्चे देखे। ज्ञानेंद्र के गांव में आने की भी चर्चा है, लेकिन पड़ोसियों ने उनके देखे जाने से इन्कार किया है।
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माना जा रहा है कि वह भी अस्पताल में पिता के साथ ही हैं। सभी भाइयों के मोबाइल फोन भी बंद हैं। रविवार शाम दो अधिकारी आवास से निकलकर बाहर आए। हालांकि, उन्होंने कुछ भी बताने से इन्कार कर दिया। कुछ देर बाद वे दोबारा अंदर चले गए।
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सुरक्षा में लगे 11 पुलिसकर्मी, रात नौ बजे निकली टीम
ज्ञानेंद्र गंगवार के घर सुबह छापा मारने दिल्ली से आए ईडी के अधिकारियों ने बरेली एसएसपी से संपर्क किया था। सूत्र बताते हैं कि सुरक्षा के लिए फोर्स उपलब्ध कराने के लिए कहा गया। तब पुलिस लाइन से 11 पुलिसकर्मियों की गारद भेज दी गई। इनमें दरोगा व महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। रात करीब नौ बजे टीम ज्ञानेंद्र के घर से चली गई। पता लगा कि घर में केवल महिलाएं थीं। उनसे टीम ने कई कागजात व जेवर आदि की जानकारी और तलाशी ली। दावा किया जा रहा है कि टीम को कुछ खास नहीं मिला और वह खाली हाथ ही लौट गई।

सुबह जागे ग्रामीण तो कार्रवाई का पता चला
नवाबगंज। ईडी की कार्रवाई को लेकर चमरौआ गांव में रविवार को पूरे दिन गहमागहमी रही। ग्रामीणों का कहना है कि सुबह छह बजे जब लोग जागे और घरों से निकले तो देखा कि गाड़ियां खड़ी हुई हैं। इनमें से एक सफेद रंग की बड़ी गाड़ी और दूसरी कैदियों या पुलिस बल को ले जाने वाली बड़ी गाड़ी थी। ग्रामीणों ने पता लगाने की कोशिश की, लेकिन अधिकारियों और पुलिस टीम ने कुछ नहीं बताया। अफसर के घर के आसपास जाने से लोग कतराते दिखे। उनके आवास से कुछ दूर पहले बैठे ग्रामीणों ने बताया कि यह पहली बार हुआ है कि गांव में इतनी पुलिस और अधिकारी जांच कर रहे हैं। संवाद
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