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बरेली से अगवा गल्ला व्यापारी कछला में पड़ा मिला
ब्यूरो/बदायूं
Updated Tue, 25 Oct 2016 11:45 PM IST
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वजीरगंज कस्बे के गल्ला व्यापारी चंद्रसेन गुप्ता को बरेली के चौकी चौराहे से अगवा किया गया था। बकौल चंद्रसेन बदमाशों की संख्या पांच से छह थी। उसे अगवा करने के बाद बदमाशों ने कछला-बितरोई रोड पर हाथ-पांव बांध कर गड्ढे में डाल दिया गया। उससे आठ लाख रुपये भी लूट लिए। हालांकि, व्यापारी की कहानी पर पुलिस को यकीन नहीं हो रहा। पुलिस पड़ताल कर रही है।
वजीरगंज कस्बे में आंवला रोड पर रहने वाले चंद्रसेन गुप्ता गल्ला और सरसों के तेल के व्यापारी हैं। पिछले दिनों चंद्रसेन ने पांच ट्रक मसूर बरेली के एक गल्ला व्यापारी को बेची थी। सोमवार को वह जायलो कार से पेमेंट लेने बरेली गए थे। वहां से करीब 12:30 बजे बदायूं को चले थे। इस बारे में चंद्रसेन ने फोन करके घर पर भी खबर दी थी। देर शाम तक वह घर नहीं पहुंचे। फोन भी स्विच ऑफ हो गया। इसके बाद परिवार के लोगों ने चंद्रसेन की तलाश शुरू की। बरेली के व्यापारियों ने पता करने पर बताया कि वह यहां से निकल चुके हैं। परिवार के लोग सोमवार रात ही वजीरगंज पुलिस को मौखिक खबर देने के बाद बरेली रवाना हो गए थे।
इधर, उझानी कोतवाली पुलिस ने सोमवार रात करीब दो बजे चंद्रसेन की जायलो कार कछला पुल के पास से बरामद करने के बाद चंद्रसेन को भी ढूंढ लिया। बकौल चंद्रसेन करीब 12.30 बजे वह बरेली में चौकी चौराहे के पास थे। इसी दौरान पांच-छह लोग उसके पास पहुंचे। एक व्यक्ति ने उनके मुंह पर कपड़ा डाल दिया। इसके बाद वह बेहोश हो गए। उससे आठ लाख रुपये भी बदमाशों ने लूट लिए। चंद्रसेन की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए बरेली सदर कोतवाली में तहरीर दी गई है।
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गले नहीं उतर रही चंद्रसेन की कहानी
वजीरगंज/कछला। व्यापारी चंद्रसेन की कहानी में कई ऐसे पेच हैं, जो पुलिस को सोचने के लिए मजबूर कर रहे हैं। गौर करने वाली बात यह है कि चंद्रसेन का अपहरण दिन में 12:30 बजे बरेली में अति व्यस्त चौकी चौराहे से किया गया, जबकि यहां चौबीस घंटे काफी फोर्स के साथ चहल पहल रहती रहती है। दूसरा एक सवाल यह भी है कि चंद्रसेन का फोन जब 12:30 बजे के बाद स्विच ऑफ हो गया था, तो उसने करीब दो बजे घर पर फोन कैसे किया? व्यापारी की कहानी में एक पेच यह भी है कि आखिर दिन में 12:30 बजे चौकी चौराहे से अपहरण के बाद बदमाश उसको कछला तक क्यों लाएंगे? यह हाईवे है, और चौबीस घंटे हाईवे पर भारी यातायात रहता है। रास्ते में कई लिंक रोड होने के बावजूद आखिर बदमाशों ने उसे अगवा करने के बाद कछला तक लाने का खतरा क्यों उठाया, यह सवाल भी पुलिस को मथ रहा है। इधर, कछला चौकी इंचार्ज सुभाष यादव की मानें तो चंद्रसेन कछला में एक बाबा के आश्रम पर आया था। यह बाबा भी वजीरगंज के ही रहने वाले हैं। चंद्रसेन के परिवार वाले सोमवार रात तक उसके पास काफी रुपये होने की बात कह रहे थे, उसके मिलने के बाद यह रकम सिर्फ आठ लाख ही रह गई। बदायूं पुलिस भी इस मामले में गहनता से पड़ताल कर रही है।
मामले में पड़ताल की जा रही है। घटना के बारे में बरेली पुलिस से भी जानकारी जुटाई जाएगी। कई ऐसे पहलू हैं जो संदिग्ध मालूम दे रहे हैं। पूरे मामले का सच जल्द सामने आ जाएगा।
-संजय राय, एसपी देहात
आईजी-एसएसपी बरेली से मिले रामसेवक
बदायूं। सरसों तेल और गल्ला के व्यापारी से बरेली में लूटपाट की घटना के बाद पूर्व विधायक रामसेवक सिंह पटेल ने वजीरगंज स्थित घर जाकर उनका हालचाल जाना। पटेल ने बरेली जाकर आईजी और एसएसपी से मुलाकात कर शीघ्र खुलासे की मांग की। पूर्व विधायक ने कहा कि सपा सरकार में सबसे ज्यादा व्यापारी त्रस्त है। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि व्यापारी अपने व्यापारी की रकम लेकर इधर-उधर नहीं निकल सकता। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जनता जवाब देगी। चेतावनी दी कि यदि शीघ्र घटना का सही खुलासा नहीं हुआ, तो वह आगे की रणनीति बनाएंगे। उनके साथ राजेंद्र गुप्ता, मनोज कृष्ण गुप्ता आदि कई लोग मौजूद थे।
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वजीरगंज कस्बे में आंवला रोड पर रहने वाले चंद्रसेन गुप्ता गल्ला और सरसों के तेल के व्यापारी हैं। पिछले दिनों चंद्रसेन ने पांच ट्रक मसूर बरेली के एक गल्ला व्यापारी को बेची थी। सोमवार को वह जायलो कार से पेमेंट लेने बरेली गए थे। वहां से करीब 12:30 बजे बदायूं को चले थे। इस बारे में चंद्रसेन ने फोन करके घर पर भी खबर दी थी। देर शाम तक वह घर नहीं पहुंचे। फोन भी स्विच ऑफ हो गया। इसके बाद परिवार के लोगों ने चंद्रसेन की तलाश शुरू की। बरेली के व्यापारियों ने पता करने पर बताया कि वह यहां से निकल चुके हैं। परिवार के लोग सोमवार रात ही वजीरगंज पुलिस को मौखिक खबर देने के बाद बरेली रवाना हो गए थे।
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इधर, उझानी कोतवाली पुलिस ने सोमवार रात करीब दो बजे चंद्रसेन की जायलो कार कछला पुल के पास से बरामद करने के बाद चंद्रसेन को भी ढूंढ लिया। बकौल चंद्रसेन करीब 12.30 बजे वह बरेली में चौकी चौराहे के पास थे। इसी दौरान पांच-छह लोग उसके पास पहुंचे। एक व्यक्ति ने उनके मुंह पर कपड़ा डाल दिया। इसके बाद वह बेहोश हो गए। उससे आठ लाख रुपये भी बदमाशों ने लूट लिए। चंद्रसेन की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए बरेली सदर कोतवाली में तहरीर दी गई है।
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गले नहीं उतर रही चंद्रसेन की कहानी
वजीरगंज/कछला। व्यापारी चंद्रसेन की कहानी में कई ऐसे पेच हैं, जो पुलिस को सोचने के लिए मजबूर कर रहे हैं। गौर करने वाली बात यह है कि चंद्रसेन का अपहरण दिन में 12:30 बजे बरेली में अति व्यस्त चौकी चौराहे से किया गया, जबकि यहां चौबीस घंटे काफी फोर्स के साथ चहल पहल रहती रहती है। दूसरा एक सवाल यह भी है कि चंद्रसेन का फोन जब 12:30 बजे के बाद स्विच ऑफ हो गया था, तो उसने करीब दो बजे घर पर फोन कैसे किया? व्यापारी की कहानी में एक पेच यह भी है कि आखिर दिन में 12:30 बजे चौकी चौराहे से अपहरण के बाद बदमाश उसको कछला तक क्यों लाएंगे? यह हाईवे है, और चौबीस घंटे हाईवे पर भारी यातायात रहता है। रास्ते में कई लिंक रोड होने के बावजूद आखिर बदमाशों ने उसे अगवा करने के बाद कछला तक लाने का खतरा क्यों उठाया, यह सवाल भी पुलिस को मथ रहा है। इधर, कछला चौकी इंचार्ज सुभाष यादव की मानें तो चंद्रसेन कछला में एक बाबा के आश्रम पर आया था। यह बाबा भी वजीरगंज के ही रहने वाले हैं। चंद्रसेन के परिवार वाले सोमवार रात तक उसके पास काफी रुपये होने की बात कह रहे थे, उसके मिलने के बाद यह रकम सिर्फ आठ लाख ही रह गई। बदायूं पुलिस भी इस मामले में गहनता से पड़ताल कर रही है।
मामले में पड़ताल की जा रही है। घटना के बारे में बरेली पुलिस से भी जानकारी जुटाई जाएगी। कई ऐसे पहलू हैं जो संदिग्ध मालूम दे रहे हैं। पूरे मामले का सच जल्द सामने आ जाएगा।
-संजय राय, एसपी देहात
आईजी-एसएसपी बरेली से मिले रामसेवक
बदायूं। सरसों तेल और गल्ला के व्यापारी से बरेली में लूटपाट की घटना के बाद पूर्व विधायक रामसेवक सिंह पटेल ने वजीरगंज स्थित घर जाकर उनका हालचाल जाना। पटेल ने बरेली जाकर आईजी और एसएसपी से मुलाकात कर शीघ्र खुलासे की मांग की। पूर्व विधायक ने कहा कि सपा सरकार में सबसे ज्यादा व्यापारी त्रस्त है। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि व्यापारी अपने व्यापारी की रकम लेकर इधर-उधर नहीं निकल सकता। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जनता जवाब देगी। चेतावनी दी कि यदि शीघ्र घटना का सही खुलासा नहीं हुआ, तो वह आगे की रणनीति बनाएंगे। उनके साथ राजेंद्र गुप्ता, मनोज कृष्ण गुप्ता आदि कई लोग मौजूद थे।