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वजीरगंज में मिले युवती के शव की शिनाख्त

Thu, 02 Jun 2016 11:28 PM IST
बदायूं, ब्यूरो
बदायूं, ब्यूरो Updated Thu, 02 Jun 2016 11:28 PM IST
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सैदपुर स्थित रिश्तेदारी से 21 मई को हुई थी लापता
पिता ने लगाया अपहरण के बाद हत्या का आरोप

 थाना क्षेत्र के गांव हतरा के पास 31 मई की रात मिले युवती के शव की शिनाख्त हो गई है। वह चंदौसी के मोहल्ला कुरैशियन की रहने वाले बुंदू की पुत्री नसरीन निकली है। नसरीन सैदपुर स्थित हाजी उमर के घर रिश्तेदारी में आई थी। यहां से 21 मई को लापता हो गई थी। उसके पिता ने अपहरण के बाद हत्या का आरोप लगाते हुए अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी है।
वजीरगंज थाने के हतरा और पतसा गांव के बीच एक पुलिया के नीचे 21 मई की रात युवती का शव मिला था। उसकी गला रेतकर हत्या की गई थी। काफी कोशिश के बाद भी पुलिस शव की शिनाख्त नहीं कर सकी। बुधवार को अखबारों में समाचार पढ़कर चंदौसी के मोहल्ला कुरैशियान निवासी बुंदू वजीरगंज पहुंचे। बाद में पुलिस उनको मोर्चरी लाई। यहां बुंदू ने शव की पहचान अपनी 25 वर्षीय बेटी नसरीन के रूप में की। बुंदू का कहना है कि उसकी रिश्तेदारी वजीरगंज के कस्बा सैदपुर में हाजी उमर के यहां है। नसरीन यहां हाई हुई थी। 21 मई को वह लापता हो गई थी। आरोप है कि नसरीन की अपहरण के बाद हत्या की गई है। एसओ मेराज अली ने बताया कि मामले में पड़ताल की जा रही है। 
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कोई तो कर रहा राज पर पर्दा डालने की कोशिश
बदायूं/वजीरगंज। नसरीन की हत्या के मामले में कोई तो है जो पर्दा डालने की कोशिश कर रहा है। इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि हत्या के पीछे किसी अपने का ही हाथ हो सकता है। आखिर नसरीन के रिश्तेदार और परिवार वालों ने 10 दिन तक किस वजह से पुलिस को कोई खबर नहीं दी। तमाम ऐसे सवाल हैं, जिनको सुलझाना बाकी है। 
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नसरीन की हत्या के मामले में कुछ बिंदू ऐसे भी हैं जो पुलिस को उलझाने के लिए काफी हैं। 29 मई को आंवला रोड पर गांव सिरौरिया के जंगल में सैदपुर के निवासी आशिफ का शव मिला था। उसकी भी गला रेतकर हत्या की गई थी। 31 मई को हतरा के पास नसरीन का शव मिला। यह हत्या भी गला रेतकर की गई। नसरीन के परिवार वालों का कहना है कि वह 21 मई से लापता थी। इस दौरान उसकी गुमशुदगी की कोई तहरीर भी नहीं दी गई। आशिफ के परिवार वालों ने कस्बे के ही तंजीव और खालिद के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

नसरीन की हत्या का कनेक्शन आशिफ से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, परिवार वाले इससे इत्तफाक नहीं रखते। मृतका के परिवार वालों का कहना है कि उनको नसरीन के लापता होने की खबर 22 मई को मिली। उन्होंने पुलिस में खबर देने की बात कही। इस पर उनके एक रिश्तेदार ने मना कर दिया। सच्चाई क्या है यह तो विवेचना के बाद ही सामने आ सकेगी। लेकिन, इतना तय है कि इन दोनों हत्याकांड की गुत्थी सुलझाना पुलिस के लिए चुनौती होगी।
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