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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Report against six people, including a former legislator

पूर्व विधायक समेत छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट

Tue, 24 May 2016 11:49 PM IST
बदायूं, ब्यूरो
बदायूं, ब्यूरो Updated Tue, 24 May 2016 11:49 PM IST
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प्रभारी डीजीसी की मौत का मामला, छोटी बहन ने लगाया हत्या का आरोप
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उझानी थाने में दी गई तहरीर, देर शाम दर्ज हुआ मुकदमा

 प्रभारी डीजीसी साधना शर्मा की मौत के मामले में उनकी छोटी बहन ने इसे सड़क हादसा न बताकर सुनियोजित हत्या करार दिया है। उन्होंने पूर्व विधायक योगेंद्र सागर समेत छह लोगों के खिलाफ उझानी थाने में तहरीर दी। पुलिस ने सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
सोमवार शाम बदायूं से उझानी जाते वक्त साधना शर्मा की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। उनकी स्कूटी को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी थी। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार स्कूटी चला रहे उनके नौकर ने किसी के पीछा करने की बात भी कही थी, पर उन्होंने यह कहकर टाल दिया कि कुछ नहीं होगा। मंगलवार को अंत्येष्टि के वक्त पहुंचीं साधना शर्मा की छोटी बहन विपर्णा ने यह कहकर सनसनी फैला दी कि ये हादसा नहीं सुनियोजित तरीके से की गई हत्या है। उन्होंने शाम को छह लोगों को नामजद करते हुए तहरीर भी उझानी थाने में दी।
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विपर्णा के अनुसार आरोपी देवेंद्र नाथ शर्मा, सुधांशु, श्रवण गुप्ता, कमल शर्मा, भूरे उनकी बहन साधना की हत्या में शामिल हैं। उन्हें लगता है कि इस साजिश में पूर्व विधायक योगेंद्र सागर भी शामिल हैं। इन सभी आरोपियों के खिलाफ साधना कई केसों में पैरवी कर रही थीं। इसी के चलते सुनियोजित तरीके से घटना को अंजाम दिया गया है। मामला चूंकि प्रभारी डीजीसी की मौत का था, पुलिस ने देर शाम तहरीर के आधार पर मुकदमा भी कायम कर दिया।
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पूर्व विधायक योगेंद्र सागर समेत छह लोगों के खिलाफ धारा 304, 323, 504, 506 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की पड़ताल की जा रही है। जांच में जो सामने आएगा, उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

-गोपीचंद्र यादव, इंस्पेक्टर, उझानी 
मैं उनकी मौत की खबर सुनकर द्रवित हूूं। उनके परिवार के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं। मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं कि मेरे खिलाफ किसने तहरीर दी और कहां मुकदमा हुआ है। जहां तक मेरे ऊपर आरोप लगाने की बात है, तो यह पूरी तरह मिथ्या है। मेरा परोक्ष-अपरोक्ष रूप से मृतका से कोई लेना-देना नहीं था। वे (साधना) सरकारी वकील थीं। हजारों लोगों के केस लड़ती थीं। ऐसे में उनसे कितने लोग दुश्मनी मानेंगे? ये खराब मानसिकता है। कानूनी लड़ाई कानून से ही लड़ी जाती है। किसी की जान लेकर नहीं। मैं हर जांच के लिए तैयार हूं। किसी भी निष्पक्ष एजेंसी से जांच करा ली जाए, दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा।
-योगेंद्र सागर, पूर्व विधायक
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