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रेल अफसरों को ग्रामीणों ने घेरा
बिनावर/बदायूं।
Updated Sun, 18 Jan 2015 11:45 PM IST
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क्षेत्र के मोहम्मदपुर गांव को जाने वाले रास्ते पर मानवरहित क्रासिंग को
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देखने आए एनईआर के रेल इंजीनियर को ग्रामीणों ने घेर लिया। ग्रामीणों ने
कहा कि वह किसी भी हाल में क्रासिंग को बंद नहीं करने देंगे। इसे लेकर
ग्रामीणों मुख्य मार्ग पर आकर हंगामा भी किए जिससे अफसर मौके से चले गए।
ब्राडगेज का काम लगभग अंतिम चरण में है। ऐसे में बिनावर क्षेत्र के गांव मोहम्मदपुर को जाने वाले मार्ग पर बना मानवरहित समपार रेल अफसरों के गले की फांस बन गया है। हाईस्पीड ट्रेन को मद्देनजर रखते हुए रेल अफसर जहां इस क्रासिंग को सुरक्षा के लिहाज से बंद करना चाह रहे हैं। वहीं ग्रामीण इसके बंद होने से होने वाली परेशानियों का हवाला देते हुए विरोध कर रहे हैं। रविवार को भी यह नजारा देखने को मिला।
शाम करीब पांच बजे एनईआर के इंजीनियर और एक्सईएन गाड़ी से समपार पर पहुंचे। इसकी जानकारी होते ही सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण पहुंच गए। लोगों ने इंजीनियर और एक्सईएन का घेराव करते हुए विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया और उन्हें वहां से जाने के लिए बोलने लगे। काफी समझाने के बाद भी ग्रामीणों ने एक न सुनी।
रेल इंजीनियर के मुताबिक वह लाइन चेक करने पहुंचे थे कि ग्रामीण उग्र होते हुए आ पहुंचे और जाने की बात कहने लगे। ग्रामीणों का कहना है कि गांव वालों को इसकी भनक न लगे इसलिए रेलवे के लोग शाम को आते हैं ताकि वह अपने काम को अंजाम दे सकें। ग्रामीणों ने कहा कि अब रेल अफसर समपार को बंद करने पर अड़े रहे तो पूरा गांव सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होगा।
ब्राडगेज का काम लगभग अंतिम चरण में है। ऐसे में बिनावर क्षेत्र के गांव मोहम्मदपुर को जाने वाले मार्ग पर बना मानवरहित समपार रेल अफसरों के गले की फांस बन गया है। हाईस्पीड ट्रेन को मद्देनजर रखते हुए रेल अफसर जहां इस क्रासिंग को सुरक्षा के लिहाज से बंद करना चाह रहे हैं। वहीं ग्रामीण इसके बंद होने से होने वाली परेशानियों का हवाला देते हुए विरोध कर रहे हैं। रविवार को भी यह नजारा देखने को मिला।
शाम करीब पांच बजे एनईआर के इंजीनियर और एक्सईएन गाड़ी से समपार पर पहुंचे। इसकी जानकारी होते ही सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण पहुंच गए। लोगों ने इंजीनियर और एक्सईएन का घेराव करते हुए विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया और उन्हें वहां से जाने के लिए बोलने लगे। काफी समझाने के बाद भी ग्रामीणों ने एक न सुनी।
रेल इंजीनियर के मुताबिक वह लाइन चेक करने पहुंचे थे कि ग्रामीण उग्र होते हुए आ पहुंचे और जाने की बात कहने लगे। ग्रामीणों का कहना है कि गांव वालों को इसकी भनक न लगे इसलिए रेलवे के लोग शाम को आते हैं ताकि वह अपने काम को अंजाम दे सकें। ग्रामीणों ने कहा कि अब रेल अफसर समपार को बंद करने पर अड़े रहे तो पूरा गांव सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होगा।