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सरेंडर की सूचना पर कई घंटे की कवायद
बदायूं।
Updated Tue, 06 Jan 2015 12:49 AM IST
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मूसाझाग थाने में किशोरी से गैंगरेप करने के आरोपी सिपाही वीरपाल यादव और अवनीश यादव के सरेंडर की अफवाह के बीच पुलिस की कई टीम, एसटीएफ और स्वाट और क्राइम ब्रांच सोमवार को दिन भर कोर्ट परिसर में जमी रहीं। दोनों आरोपियों के सरेंडर करने की सूचना मिलने पर एसपी देहात बालेंदु भूषण सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने कोर्ट परिसर के आसपास जाल बिछा दिया था। कई घंटे के इंतजार के बाद भी आरोपी सरेंडर करने नहीं पहुंचे तो पुलिस टीमें लौट गईं।
एसटीएफ, क्राइम ब्रांच, स्वाट टीम और पांच थानों के एसओ की टीमें पांचवें दिन भी गैंगरेप के आरोपी सिपाहियों वीरपाल और अवनीश यादव को गिरफ्तार करना तो दूर, एक बार के अलावा लोकेशन तक नहीं तलाश सकी है। यह स्थिति तब है, जब मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दोनों सिपाहियों की जल्द गिरफ्तारी का आदेश दिया है। एडीजी (क्राइम) एचसी अवस्थी, आईजी विजय सिंह मीना और डीआईजी आरकेएस राठौर भी पूरे मामले पर नजर रखे हुए हैं।
मूसाझाग थाने के कमरे में दोनों सिपाहियों ने 31 दिसंबर की रात नाबालिग से गैंगरेप किया था। एक जनवरी की रात में रिपोर्ट दर्ज हुइ और इसी दौरान दोनों फरार हो गए थे। सूत्रों की मानें तो महकमे में दोनों आरोपियों के मुखबिर उन्हें पुलिस मूवमेंट की जानकारी दे रहे हैं। सूत्रों की मानें तो दो ऐसे ऐसे सिपाहियों की पहचान कर ली गई है, जो वीरपाल के करीबी हैं।
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होमगार्ड जिला कमांडेंट ने देखा घटना स्थल
मूसाझाग। होमगार्ड के जिला कमांडेंट महेंद्र सिंह ने सोमवार को मूसाझाग थाने पहुंच कर घटना स्थल देखा। उन्होंने पहरा रजिस्टर चेक किया। बता दें कि घटना के समय होमगार्ड हेतसिंह और धीरपाल थाने में पहरा ड्यूटी पर तैनात थे। एडीजी क्राइम एचसी अवस्थी ने इनके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
घर में शौचालय तो बच जाती किशोरी
बदायूं। गैंगरेप की शिकार हुई किशोरी का परिवार बेहद गरीब है। घर में शौचालय तक नहीं है। मुख्यमंत्री राहत कोष से पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक तो दे दिया गया है लेकिन घर में शौचालय बनवाने की ओर अब तक किसी का ध्यान नहीं गया है।
बता दें कि 31 दिसंबर,14 की रात जब मूसाझाग थाने के सिपाही वीरपाल यादव और अवनीश यादव ने नाबालिग को शौच के लिए जाते समय अगवा किया था।
पीड़ित परिवार की आर्थिक हालत का अंदाज इस बात से लगाया जा सकता है कि पीड़िता की मां के मूसाझाग स्थित सर्व यूपी ग्रामीण बैंक के खाते में इस समय केवल 162 रुपये हैं। इस खाते से इससे पहले 12 जून,14 को 2400 रुपये निकाले गए थे।
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एसटीएफ, क्राइम ब्रांच, स्वाट टीम और पांच थानों के एसओ की टीमें पांचवें दिन भी गैंगरेप के आरोपी सिपाहियों वीरपाल और अवनीश यादव को गिरफ्तार करना तो दूर, एक बार के अलावा लोकेशन तक नहीं तलाश सकी है। यह स्थिति तब है, जब मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दोनों सिपाहियों की जल्द गिरफ्तारी का आदेश दिया है। एडीजी (क्राइम) एचसी अवस्थी, आईजी विजय सिंह मीना और डीआईजी आरकेएस राठौर भी पूरे मामले पर नजर रखे हुए हैं।
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मूसाझाग थाने के कमरे में दोनों सिपाहियों ने 31 दिसंबर की रात नाबालिग से गैंगरेप किया था। एक जनवरी की रात में रिपोर्ट दर्ज हुइ और इसी दौरान दोनों फरार हो गए थे। सूत्रों की मानें तो महकमे में दोनों आरोपियों के मुखबिर उन्हें पुलिस मूवमेंट की जानकारी दे रहे हैं। सूत्रों की मानें तो दो ऐसे ऐसे सिपाहियों की पहचान कर ली गई है, जो वीरपाल के करीबी हैं।
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होमगार्ड जिला कमांडेंट ने देखा घटना स्थल
मूसाझाग। होमगार्ड के जिला कमांडेंट महेंद्र सिंह ने सोमवार को मूसाझाग थाने पहुंच कर घटना स्थल देखा। उन्होंने पहरा रजिस्टर चेक किया। बता दें कि घटना के समय होमगार्ड हेतसिंह और धीरपाल थाने में पहरा ड्यूटी पर तैनात थे। एडीजी क्राइम एचसी अवस्थी ने इनके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
घर में शौचालय तो बच जाती किशोरी
बदायूं। गैंगरेप की शिकार हुई किशोरी का परिवार बेहद गरीब है। घर में शौचालय तक नहीं है। मुख्यमंत्री राहत कोष से पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक तो दे दिया गया है लेकिन घर में शौचालय बनवाने की ओर अब तक किसी का ध्यान नहीं गया है।
बता दें कि 31 दिसंबर,14 की रात जब मूसाझाग थाने के सिपाही वीरपाल यादव और अवनीश यादव ने नाबालिग को शौच के लिए जाते समय अगवा किया था।
पीड़ित परिवार की आर्थिक हालत का अंदाज इस बात से लगाया जा सकता है कि पीड़िता की मां के मूसाझाग स्थित सर्व यूपी ग्रामीण बैंक के खाते में इस समय केवल 162 रुपये हैं। इस खाते से इससे पहले 12 जून,14 को 2400 रुपये निकाले गए थे।