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कटरी में गैंगवार से कादरचौक भी थर्राया, पुलिस अलर्ट
ब्यूरो/बदायूं
Updated Sat, 17 Dec 2016 11:57 PM IST
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कटरी में गैंगवार से कादरचौक भी थर्राया, पुलिस अलर्ट
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कासगंज जिले के सुनगढ़ी थाना क्षेत्र में कटरी की जमीन पर कब्जे को लेकर शनिवार को दो पक्षों के बीच करीब 12 घंटे चली गैंगवार के दौरान कादरचौक थाना भी थर्राता रहा। पुलिस अलर्ट रही। जिन गांवों के बीच सुनगढ़ी थाना क्षेत्र में जमीन पर कब्जे को लेकर गैंगवार हुआ वे सभी कादरचौक थाने के वार्डर के गांव हैं।
जिले के कादरचौक, दातागंज, उसहैत, मुजरिया, हजरतपुर, सहसवान और जरीफनगर थाना क्षेत्रों में कटरी के इलाके पड़ते हैं। कटरी की हजारों एकड़ उपजाऊ जमीन पर उसी का कब्जा होता है, जिसकी लाठी में दम हो। हर साल गेहूं और पालेज की फसल के लिए कटरी में जमीनों पर कब्जे होते हैं। इस बीच गैंगवार की घटनाएं भी होती है। सुनगढ़ी थाना क्षेत्र में भी यही हुआ। यहां के गांव कंचनपुर, किलौनी, गनेशपुर के लोग कटरी की सैकड़ों एकड़ जमीन पर कब्जा करना चाहते थे। कादरचौक थाना क्षेत्र से सटे किसौल गांव के लोग भी जमीन पर कब्जे को लेकर लामबंद हो गए। शनिवार तड़के से दोनों पक्षों के बीच फायरिंग शुरू हो गई। इसमें पांच लोग मारे गए। करीब 12 घंटे की गैंगवार के दौरान कादरचौक पुलिस भी सतर्क रही।
दरअसल, कादरचौक थाना क्षेत्र के गांव उलाईखेड़ा की काफी जमीन किसौल गांव में पड़ती है। थाना क्षेत्र के गांव मुगर्रा टटेई में वन विभाग की 350 एकड़ जमीन पर कब्जे को लेकर जोरी नगला और लक्षमण नगला के बीच कई बार गैंगवार हो चुका है। एक सप्ताह पहले ही पुलिस ने दोनों गांवों के लोगों को थाने बुलाकर जमीन पर कब्जा न करने की हिदायत दी थी।
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मरने वालों में सुदरायन के पूर्व प्रधान के दो भांजे भी
कादरचौक (ब्यूरो)। कासगंज जिले के सुनगढ़ी थाना क्षेत्र में कटरी की जमीन पर कब्जे को लेकर हुए गैंगवार में मरने वालों में जिले केे कादरचौक थाने के सुंदरायन के पूर्व प्रधान बेचे लाल के दो भांजे भी हैं। सुंदरायन की बहन किलौनी गांव में रामदास को ब्याही है। कटरी की जमीन पर कब्जे को लेकर हुए गैंगवार में पांच लोग मारे गए। इनमें रामदास के दो बेटे रघुवीर और रामकिशोर भी शामिल हैं। इस बारे में जब कादरचौक थाना पुलिस को पता लगा तो सुंदरायन गांव की निगरानी बढ़ा दी गई।
खूनी संघर्ष के लिए दातागंज के कई गांव बदनाम
दातागंज। कोतवाली क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांव कटरी क्षेत्र के हैं। कटरी की इंच-इंच जमीन पर कब्जों को लेकर ये गांव भी बदनाम हैं। मुढ़ा करीमगंज गांव में तो जमीनों पर कब्जे के लिए पिछले कुछ सालों में पांच हत्याएं भी हो चुकी हैं। यहां भी हर साल गेहूं और पालेज की फसल के लिए दबंग कटरी की जमीनों पर कब्जा करते हैं।
दातागंज कोतवाली क्षेत्र के गांव नगरिया खनू, नौनी टिकन्ना, बेलाडांडी, सादुल्लागंज, गंडहा, रुकुमपुर, मुढ़ा करीमगंज, सेहरा, बछेलिया, कोहरा कटरी क्षेत्र के गांव हैं। यहां हजारों एकड़ उपजाऊ जमीन है। इस जमीन पर रबी की फसल के साथ पालेज की भी अच्छी पैदावार होती है। ऐसे में हर साल सदियों के सीजन में असलहों के बल पर कटरी में हुकुमत करने वाले दबंग इन जमीनों पर कब्जा करते हैं। इसको लेकर यहां भी गैंगवार होता रहता है।
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जिले के कादरचौक, दातागंज, उसहैत, मुजरिया, हजरतपुर, सहसवान और जरीफनगर थाना क्षेत्रों में कटरी के इलाके पड़ते हैं। कटरी की हजारों एकड़ उपजाऊ जमीन पर उसी का कब्जा होता है, जिसकी लाठी में दम हो। हर साल गेहूं और पालेज की फसल के लिए कटरी में जमीनों पर कब्जे होते हैं। इस बीच गैंगवार की घटनाएं भी होती है। सुनगढ़ी थाना क्षेत्र में भी यही हुआ। यहां के गांव कंचनपुर, किलौनी, गनेशपुर के लोग कटरी की सैकड़ों एकड़ जमीन पर कब्जा करना चाहते थे। कादरचौक थाना क्षेत्र से सटे किसौल गांव के लोग भी जमीन पर कब्जे को लेकर लामबंद हो गए। शनिवार तड़के से दोनों पक्षों के बीच फायरिंग शुरू हो गई। इसमें पांच लोग मारे गए। करीब 12 घंटे की गैंगवार के दौरान कादरचौक पुलिस भी सतर्क रही।
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दरअसल, कादरचौक थाना क्षेत्र के गांव उलाईखेड़ा की काफी जमीन किसौल गांव में पड़ती है। थाना क्षेत्र के गांव मुगर्रा टटेई में वन विभाग की 350 एकड़ जमीन पर कब्जे को लेकर जोरी नगला और लक्षमण नगला के बीच कई बार गैंगवार हो चुका है। एक सप्ताह पहले ही पुलिस ने दोनों गांवों के लोगों को थाने बुलाकर जमीन पर कब्जा न करने की हिदायत दी थी।
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मरने वालों में सुदरायन के पूर्व प्रधान के दो भांजे भी
कादरचौक (ब्यूरो)। कासगंज जिले के सुनगढ़ी थाना क्षेत्र में कटरी की जमीन पर कब्जे को लेकर हुए गैंगवार में मरने वालों में जिले केे कादरचौक थाने के सुंदरायन के पूर्व प्रधान बेचे लाल के दो भांजे भी हैं। सुंदरायन की बहन किलौनी गांव में रामदास को ब्याही है। कटरी की जमीन पर कब्जे को लेकर हुए गैंगवार में पांच लोग मारे गए। इनमें रामदास के दो बेटे रघुवीर और रामकिशोर भी शामिल हैं। इस बारे में जब कादरचौक थाना पुलिस को पता लगा तो सुंदरायन गांव की निगरानी बढ़ा दी गई।
खूनी संघर्ष के लिए दातागंज के कई गांव बदनाम
दातागंज। कोतवाली क्षेत्र के करीब एक दर्जन गांव कटरी क्षेत्र के हैं। कटरी की इंच-इंच जमीन पर कब्जों को लेकर ये गांव भी बदनाम हैं। मुढ़ा करीमगंज गांव में तो जमीनों पर कब्जे के लिए पिछले कुछ सालों में पांच हत्याएं भी हो चुकी हैं। यहां भी हर साल गेहूं और पालेज की फसल के लिए दबंग कटरी की जमीनों पर कब्जा करते हैं।
दातागंज कोतवाली क्षेत्र के गांव नगरिया खनू, नौनी टिकन्ना, बेलाडांडी, सादुल्लागंज, गंडहा, रुकुमपुर, मुढ़ा करीमगंज, सेहरा, बछेलिया, कोहरा कटरी क्षेत्र के गांव हैं। यहां हजारों एकड़ उपजाऊ जमीन है। इस जमीन पर रबी की फसल के साथ पालेज की भी अच्छी पैदावार होती है। ऐसे में हर साल सदियों के सीजन में असलहों के बल पर कटरी में हुकुमत करने वाले दबंग इन जमीनों पर कब्जा करते हैं। इसको लेकर यहां भी गैंगवार होता रहता है।