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इलाज न मिलने से नवजात की मौत
बदायूं, ब्यूरो
Updated Sat, 19 Nov 2016 11:10 PM IST
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मौत
- फोटो : अमर उजाला
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डॉक्टर पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाकर परिवारीजनों का हंगामा
जिला महिला अस्पताल के स्टाफ को घूस नहीं मिली, तो नवजात का इलाज भी नहीं किया गया। इसके चलते नवजात ने दम तोड़ दिया। ऐसा आरोप परिवार वालों ने लगाते हुए अस्पताल में हंगामा किया। हंगामा होते देख स्टाफ के लोग खिसक गए। पुलिस ने पहुंच कर मामला शांत कराया। जिला महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. रेखा रानी इस बारे में कोई जानकारी होने से इंकार कर रही हैं।
दातागंज कोतवाली के गांव रोहरी निवासी नेत्रपाल ने अपनी पत्नी गुड्डो को शुक्रवार रात प्रसव के लिए जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया था। आरोप है कि अस्पताल में इमरजेंसी स्टाफ तीन हजार रुपये की मांग कर रहा था। नेत्रपाल ने 500 रुपये दे दिए। बाकी रुपये सुबह होने पर देने की बात कही। शनिवार तड़के गुड्डो ने पुत्र को जन्म दिया। जन्म के कुछ देर बाद बच्चे की हालत बिगड़ने लगी। नेत्रपाल इमरजेंसी पहुंचा। डॉक्टर को नवजात की हालत के बारे में बताया। आरोप है कि स्टाफ की एक महिला कर्मचारी ने नेत्रपाल से बाकी रुपयों की मांग की। कह दिया कि पहले बाकी के रुपये लाओ।
नेत्रपाल का यह भी आरोप है कि घूस न मिलने पर डॉक्टर ने उसके नवजात बच्चे का इलाज नहीं किया। इससे उसकी मौत हो गई। इधर, नेत्रपाल के परिवार और गांव के लोगों ने अस्पताल स्टाफ के खिलाफ हंगामा शुरू कर दिया। नेत्रपाल की ओर से इस मामले में कोई तहरीर नहीं दी गई है।
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महिला अस्पताल में हंगामा होने की सूचना मिली थी। इस बारे में अब तक कोई शिकायत नहीं आई है। अगर कोई शिकायत आती है तो उच्च अधिकारियों को अवगत कराकर प्रभावी कार्रवाई कराई जाएगी।
-डॉ. नरेंद्र कुमार, प्रभारी सीएमओ
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जिला महिला अस्पताल के स्टाफ को घूस नहीं मिली, तो नवजात का इलाज भी नहीं किया गया। इसके चलते नवजात ने दम तोड़ दिया। ऐसा आरोप परिवार वालों ने लगाते हुए अस्पताल में हंगामा किया। हंगामा होते देख स्टाफ के लोग खिसक गए। पुलिस ने पहुंच कर मामला शांत कराया। जिला महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. रेखा रानी इस बारे में कोई जानकारी होने से इंकार कर रही हैं।
दातागंज कोतवाली के गांव रोहरी निवासी नेत्रपाल ने अपनी पत्नी गुड्डो को शुक्रवार रात प्रसव के लिए जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया था। आरोप है कि अस्पताल में इमरजेंसी स्टाफ तीन हजार रुपये की मांग कर रहा था। नेत्रपाल ने 500 रुपये दे दिए। बाकी रुपये सुबह होने पर देने की बात कही। शनिवार तड़के गुड्डो ने पुत्र को जन्म दिया। जन्म के कुछ देर बाद बच्चे की हालत बिगड़ने लगी। नेत्रपाल इमरजेंसी पहुंचा। डॉक्टर को नवजात की हालत के बारे में बताया। आरोप है कि स्टाफ की एक महिला कर्मचारी ने नेत्रपाल से बाकी रुपयों की मांग की। कह दिया कि पहले बाकी के रुपये लाओ।
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नेत्रपाल का यह भी आरोप है कि घूस न मिलने पर डॉक्टर ने उसके नवजात बच्चे का इलाज नहीं किया। इससे उसकी मौत हो गई। इधर, नेत्रपाल के परिवार और गांव के लोगों ने अस्पताल स्टाफ के खिलाफ हंगामा शुरू कर दिया। नेत्रपाल की ओर से इस मामले में कोई तहरीर नहीं दी गई है।
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महिला अस्पताल में हंगामा होने की सूचना मिली थी। इस बारे में अब तक कोई शिकायत नहीं आई है। अगर कोई शिकायत आती है तो उच्च अधिकारियों को अवगत कराकर प्रभावी कार्रवाई कराई जाएगी।
-डॉ. नरेंद्र कुमार, प्रभारी सीएमओ