{"_id":"d342927b444656f9ccbeeae46db910ee","slug":"musajhag-gang-rape-hindi-news-4","type":"story","status":"publish","title_hn":"वीरपाल विशेष सुरक्षा वाली बैरक में शिफ्ट ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
वीरपाल विशेष सुरक्षा वाली बैरक में शिफ्ट
बदायूं
Updated Tue, 13 Jan 2015 09:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गैंगरेप के आरोपी बर्खास्त सिपाही वीरपाल यादव के खिलाफ जिला जेल के बंदियों में भी गुस्सा है। इसके मद्देनजर उसे विशेष सुरक्षा वाली बैरक में शिफ्ट कर दिया गया है।
सोमवार को उसे बैरक नंबर छह में बंद किया गया था। मंगलवार को जब बैरक के अन्य बंदियों को इसकी जानकारी हुई तो उनमें गुस्सा फैल गया। इसके बाद जेल प्रशासन ने वीरपाल को विशेष सुरक्षा वाले बैरक में शिफ्ट कर दिया।
मूसाझाग थाने में 31 दिसंबर की रात वीरपाल यादव और अवनीश यादव ने एक किशोरी को अगवा कर गैंगरेप किया था। इसके बाद दोनों को बर्खास्त कर दिया गया था। अवनीश को पांच जनवरी को बरेली जंक्शन से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। पहले उसको जेल की बैरक नंबर छह में रखा गया था।
विज्ञापन
11 जनवरी को बदायूं और बरेली पुलिस ने मुख्य आरोपी वीरपाल को भी बरेली से गिरफ्तार कर लिया। जेल प्रशासन ने वीरपाल के आने की बात पता लगने पर अवनीश को बैरक नंबर तेरह में शिफ्ट कर दिया। सोमवार को जेल पहुंचे वीरपाल को बैरक नंबर छह में रखा गया।
जेलर अरविंद पांडेय ने कहा कि बंदियों में वीरपाल के प्रति गुस्से के कारण उसे शिफ्ट किया गया है।
ये रही वीरपाल की दिनचर्या
सुबह छह बजे बंदियों की गिनती में शामिल हुआ। गिनती के बाद नित्यकर्म किया और साढ़े आठ बजे नाश्ता किया। दोहपर 12 बजे खाना खाया। दिन भर किसी से बात नहीं की। शाम पांच बजे खाना खाया। इसके बाद बंदियों की गिनती में शामिल हुआ। छह बजे बैरक में बंद कर दिया गया।
विज्ञापन
सोमवार को उसे बैरक नंबर छह में बंद किया गया था। मंगलवार को जब बैरक के अन्य बंदियों को इसकी जानकारी हुई तो उनमें गुस्सा फैल गया। इसके बाद जेल प्रशासन ने वीरपाल को विशेष सुरक्षा वाले बैरक में शिफ्ट कर दिया।
विज्ञापन
मूसाझाग थाने में 31 दिसंबर की रात वीरपाल यादव और अवनीश यादव ने एक किशोरी को अगवा कर गैंगरेप किया था। इसके बाद दोनों को बर्खास्त कर दिया गया था। अवनीश को पांच जनवरी को बरेली जंक्शन से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। पहले उसको जेल की बैरक नंबर छह में रखा गया था।
विज्ञापन
11 जनवरी को बदायूं और बरेली पुलिस ने मुख्य आरोपी वीरपाल को भी बरेली से गिरफ्तार कर लिया। जेल प्रशासन ने वीरपाल के आने की बात पता लगने पर अवनीश को बैरक नंबर तेरह में शिफ्ट कर दिया। सोमवार को जेल पहुंचे वीरपाल को बैरक नंबर छह में रखा गया।
जेलर अरविंद पांडेय ने कहा कि बंदियों में वीरपाल के प्रति गुस्से के कारण उसे शिफ्ट किया गया है।
ये रही वीरपाल की दिनचर्या
सुबह छह बजे बंदियों की गिनती में शामिल हुआ। गिनती के बाद नित्यकर्म किया और साढ़े आठ बजे नाश्ता किया। दोहपर 12 बजे खाना खाया। दिन भर किसी से बात नहीं की। शाम पांच बजे खाना खाया। इसके बाद बंदियों की गिनती में शामिल हुआ। छह बजे बैरक में बंद कर दिया गया।