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हत्या कर किशोर की लाश नाले में फेंकी
अमर उजाला ब्यूरो, बदायूं
Updated Thu, 07 Jan 2016 10:38 PM IST
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तीन दिन से लापता था वार्ड नंबर 12 का संजीव, पिता बोला, किसी से कोई रंजिश नहीं
चंद्रपाल कश्यप चाट का ठेला लगाते हैं। उनका एक भाई वार्ड नंबर आठ में रहता है। वह भी चाट बेचकर परिवार पालता है। चंद्रपाल का पुत्र संजीव कश्यप मंगलवार को घर से निकला था। परिवार वालों ने समझा कि वह अपने चाचा के पास गया होगा। उसकी ज्यादा तलाश भी नहीं की। संजीव अक्सर कई-कई दिन अपने चाचा के पास रहता था। गुरुवार को कस्बे के लोग जब राजा नगला रोड की ओर गए, तो वहां उन्होंने नाले में किशोर का शव पड़ा देखा। यह बात चंद्रपाल को पता लगी। वह भी मौके पर गए। उन्होंने शव की शिनाख्त अपने बेटे संजीव कश्यप के रूप में की। लाश नग्नावस्था में थी। पुलिस ने उसे पोस्टमार्टम को भेजा है। गला दबाकर हत्या की आशंका जताई जा रही है। मौत की सही वजह पोस्टमार्टम के बाद ही पता लगेगी।
सात भाई-बहनों में सबसे बड़ा था
उसावां। चंद्रपाल की सात संतानों में पांच बेटे और दो बेटियां हैं। इनमें संजीव सबसे बड़ा था। वह कक्षा सात का छात्र था। पढ़ाई के साथ काम में पिता का हाथ भी बंटाता था। संजीव की मौत से परिवार में कोहराम है। हालांकि, परिवार वालों ने अब तक रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर नहीं दी है।
तो बुधवार की रात फेंकी गई लाश
उसावां। संजीव के शव को देखकर ऐसा नहीं लगता कि शव तीन दिन पुराना है। पानी में पड़े होने के बावजूद शव फूला नहीं है। पास में ही उसके कपड़े पड़े थे। पुलिस अफसर भी मान रहे हैं कि संजीव की हत्या बुधवार रात की गई होगी। अगर शव तीन दिन पुराना होता, तो वह फूल चुका होगा और शरीर के अंग सड़ने लगते। एसपी सिटी अनिल यादव के मुताबिक, मृतक के परिवार वालों ने किसी से रंजिश की बात से इंकार किया है। फिलहाल शव पोस्टमार्टम को भेजा गया है। पड़ताल की जा रही है। जल्द वर्कआउट किया जाएगा।
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चंद्रपाल कश्यप चाट का ठेला लगाते हैं। उनका एक भाई वार्ड नंबर आठ में रहता है। वह भी चाट बेचकर परिवार पालता है। चंद्रपाल का पुत्र संजीव कश्यप मंगलवार को घर से निकला था। परिवार वालों ने समझा कि वह अपने चाचा के पास गया होगा। उसकी ज्यादा तलाश भी नहीं की। संजीव अक्सर कई-कई दिन अपने चाचा के पास रहता था। गुरुवार को कस्बे के लोग जब राजा नगला रोड की ओर गए, तो वहां उन्होंने नाले में किशोर का शव पड़ा देखा। यह बात चंद्रपाल को पता लगी। वह भी मौके पर गए। उन्होंने शव की शिनाख्त अपने बेटे संजीव कश्यप के रूप में की। लाश नग्नावस्था में थी। पुलिस ने उसे पोस्टमार्टम को भेजा है। गला दबाकर हत्या की आशंका जताई जा रही है। मौत की सही वजह पोस्टमार्टम के बाद ही पता लगेगी।
सात भाई-बहनों में सबसे बड़ा था
उसावां। चंद्रपाल की सात संतानों में पांच बेटे और दो बेटियां हैं। इनमें संजीव सबसे बड़ा था। वह कक्षा सात का छात्र था। पढ़ाई के साथ काम में पिता का हाथ भी बंटाता था। संजीव की मौत से परिवार में कोहराम है। हालांकि, परिवार वालों ने अब तक रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर नहीं दी है।
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तो बुधवार की रात फेंकी गई लाश
उसावां। संजीव के शव को देखकर ऐसा नहीं लगता कि शव तीन दिन पुराना है। पानी में पड़े होने के बावजूद शव फूला नहीं है। पास में ही उसके कपड़े पड़े थे। पुलिस अफसर भी मान रहे हैं कि संजीव की हत्या बुधवार रात की गई होगी। अगर शव तीन दिन पुराना होता, तो वह फूल चुका होगा और शरीर के अंग सड़ने लगते। एसपी सिटी अनिल यादव के मुताबिक, मृतक के परिवार वालों ने किसी से रंजिश की बात से इंकार किया है। फिलहाल शव पोस्टमार्टम को भेजा गया है। पड़ताल की जा रही है। जल्द वर्कआउट किया जाएगा।
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