फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Life term for acid attack culprit

एसिड अटैक के दोषी को उम्रकैद, 1.56 लाख जुर्माना

Thu, 08 Feb 2018 01:56 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बदायूं
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बदायूं Updated Thu, 08 Feb 2018 01:56 AM IST
विज्ञापन
Life term for acid attack culprit
सहसवान में साढ़े चार साल पहले हुई एसिड अटैक की घटना के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ डॉ. कपिला राघव ने नामजद आरोपी को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। दोषी पर 1.56 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
विज्ञापन

अदालत ने जुर्माने की धनराशि पीड़ित को देने का आदेश दिया है। पीड़ित को पुनर्वास भत्ता दिए जाने की भी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संस्तुति की है।
मामला सहसवान थाना क्षेत्र के एक गांव का है। 21 जून 2013 की रात महिला अपने बच्चों और ननद के साथ छत पर सो रही थी। गांव का ही कादिर पुत्र नसीब छत पर आ गया। आरोप था कि उसने महिला को बुरी नीयत से दबोच लिया। विरोध पर कादिर ने साथ लाए तेजाब को उसके ऊपर फेंक दिया। तेजाब से महिला और उसकी ननद बुरी तरह झुलस गई। उसके चीखने की आवाज सुनकर गांव के कई लोग मौके पर पहुंच गए थे। गांव वालों ने ही विवाहिता और उसकी ननद को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया। तेजाब से विवाहिता की दोनों आंखों की रोशनी चली गई और चेहरा भी बुरी तरह जल गया था।
विज्ञापन

पीड़ित के पति को उसकी 14 वर्षीय बेटी ने मोबाइल पर सूचना दी। पति दिल्ली में रिक्शा चलाता था। खबर सुनकर वह गांव आ गया। तब उसने आरोपी कादिर के खिलाफ पत्नी से छेड़छाड़ तथा पत्नी और बहन को तेजाब से जलाने के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई। अपर सत्र न्यायाधीश ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी जगत सिंह यादव और बचाव पक्ष के वकील की दलीलों को सुनने के बाद कादिर को दोषी मानते हुए उम्रकैद के साथ ही 1.56 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा होने पर डेढ़ लाख रुपये पीड़ित को क्षतिपूर्ति के रूप में दिए जाने का भी आदेश दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

अमर उजाला फाउंडेशन ने की थी मदद
सहसवान। अमर उजाला फाउंडेशन ने पिछले साल एसिड अटैक की शिकार महिलाओं को लखनऊ में बुलाकर सम्मानित कर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया था। इन महिलाओं में सहसवान की पीड़ित भी शामिल थी। तब वह दिल्ली में रहती थी। दिल्ली से बुलाकर लखनऊ में उसकी सर्जरी कराने में भी अमर उजाला फाउंडेशन ने मदद की थी। अब पीड़ित महिला अपने परिवार के साथ उझानी के एक गांव में रह रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed