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जानलेवा हमले में दो को दस-दस साल की कैद
बदायूं
Updated Wed, 11 Feb 2015 12:39 AM IST
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न्यायालय अष्ठम अपर सेशन जज अनिल कुमार ने जानलेवा हमले के मामले में नामजद दो आरोपियों को 10-10 साल की कैद सहित 10-10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जबकि तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए गैर जमानती वारंट जारी किए हैं।
अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना उसावां सदर क्षेत्र निवासी संग्राम सिंह की कुछ जमीन पर नगरिया अभय निवासी चंद्रपाल ने बैनामा की आड़ में कब्जा कर लिया। इसके चलते लेखपाल ने आरोपी से कब्जा लेकर संग्राम सिंह को वापस दिला दिया। इस बात से चंद्रपाल रंजिश मान गया। उसने अपने पुत्र व भाई के साथ मिलकर धनपाल पर उस समय जान से मारने की नीयत से तमंचों से फायर करके घायल कर दिया। जब घायल अपने पुत्र संग्राम के साथ मोटर साइकिल से जा रहा था।
कोर्ट ने दोनों पक्षों की सुनवाई उपरांत धनपाल पर जानलेवा हमला करने के आरोप में चंद्रपाल, नत्थूलाल को दोषी ठहराया। इस बीच मौका पाकर चंद्रपाल का पुत्र राघवेंद्र अदालत से फरार हो गया। इसके चलते अदालत ने चंद्रपाल, नत्थू को 10-10 साल कैद सहित 10-10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुना दी। जबकि सजा के प्रश्न पर सुनवाई के दौरान अनुपस्थित राघवेंद्र की गिरफ्तारी के लिए गैर जमानती वारंट जारी किए गए हैं।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना उसावां सदर क्षेत्र निवासी संग्राम सिंह की कुछ जमीन पर नगरिया अभय निवासी चंद्रपाल ने बैनामा की आड़ में कब्जा कर लिया। इसके चलते लेखपाल ने आरोपी से कब्जा लेकर संग्राम सिंह को वापस दिला दिया। इस बात से चंद्रपाल रंजिश मान गया। उसने अपने पुत्र व भाई के साथ मिलकर धनपाल पर उस समय जान से मारने की नीयत से तमंचों से फायर करके घायल कर दिया। जब घायल अपने पुत्र संग्राम के साथ मोटर साइकिल से जा रहा था।
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कोर्ट ने दोनों पक्षों की सुनवाई उपरांत धनपाल पर जानलेवा हमला करने के आरोप में चंद्रपाल, नत्थूलाल को दोषी ठहराया। इस बीच मौका पाकर चंद्रपाल का पुत्र राघवेंद्र अदालत से फरार हो गया। इसके चलते अदालत ने चंद्रपाल, नत्थू को 10-10 साल कैद सहित 10-10 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुना दी। जबकि सजा के प्रश्न पर सुनवाई के दौरान अनुपस्थित राघवेंद्र की गिरफ्तारी के लिए गैर जमानती वारंट जारी किए गए हैं।
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