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कुंवरगांव समिति का ख्ााद गाोदाम सील
badaun
Updated Fri, 02 Jan 2015 12:13 AM IST
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कुंवरगांव समिति पर छापामार कर संयुक्त प्रशासनिक टीम ने गोदाम को सील कर दिया है। टीम गत दिवस से इफ्को आंवला से चला एक ट्रक के बारे में जानकारी करने पहुंची थी। जिसमें लदा 15 टन यूरिया जबरन उतार लिया गया था। शासन के निर्देश पर कार्रवाई हो रही है लेकिन प्रशासन की संयुक्त टीम अभी भी घबराए हुए है। इसमें बड़ी पहुंच वाले लोग शामिल हैं।
खाद के सीजन मे सक्रिय हुआ खाद माफियाओं को दल पूरे जिले को प्रदेश में बदनाम किए हुए था। मनमर्जी तरीके से पीसीएफ की मिलीभगत से खेल हो रहा था। आंकड़ेबाजी में फंसाकर जिले के उच्चाधिकारियों को भ्रमित किया जा रहा था। किसान खाद आने के बाद भी खाद से वंचित हो रहा था और बाजार से अधिक मूल्य पर खरीदने को मजबूर हो गया था। सत्ता पक्ष के लोग भी समितियों के सचिवों से मिलकर खेल कर रहे थे। प्राइवेट समितियों की आड़ लेकर भी पकड़ी गई खाद छुड़वा ली जा रही थी।
आंवला इफ्को से चली खाद ढूंढने की मशक्कत
कुंवरगांव। शासन के निर्देश पर उस ट्रक की खाद तलाशने को शासन के निर्देश पर एसडीएम सदर प्रदीप यादव, एआर सहकारिता सतीश चंद्र श्रीवास्तव और जिला कृषि अधिकारी आरके सिंह का दल आंवला तक सर्च करते हुए पहुंचे। पीसीएफ का गोदाम इंचार्ज से भी पूछताछ की गई। बाद में कुंवरगांव साधन सहकारी समिति के सचिव के गायब हो जाने पर शक की सुई यहीं रुक गई। इसीलिए यहां का गोदाम सील किया गया है और कुंवरगांव थाना को भी टीम द्वारा सूचना दी गई है।
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अधिकारियों के बंधे थे हाथ-पैर
समितियों के नाम पर खेला जा रहा खेल सत्ता के लोग ही करा रहे थे। इस संबंध में गोपनीय बैठकों में अधिकारी अपनी बातें रखते थे और विवशता भी बताते थे। दिखावे की कार्रवाई का प्रचलन से अधिकारी अपनी जान बचाए हुए थे। नाम न छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि स्थिति सिर से ऊपर हो गई। सांसद तक यह बात पहुंचाई गई तो उन्होंने शासन स्तर से आदेश कराए।
शासन के निर्देश भी हैं और प्रशासन को खाद मिलने की सुनिश्चितता भी करानी है। इसलिए संयुक्त टीम लगानी पड़ी है। यह टीम खाद की सुनिश्चितता को कुंवरगांव रोड पर बुधवार को भी गई थी। इसी के तहत कार्रवाई हो रही है। - अशोक कुमार श्रीवास्तव, एडीएम प्रशासन/ प्रभारी जिलाधिकारी,बदायूं।
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खाद के सीजन मे सक्रिय हुआ खाद माफियाओं को दल पूरे जिले को प्रदेश में बदनाम किए हुए था। मनमर्जी तरीके से पीसीएफ की मिलीभगत से खेल हो रहा था। आंकड़ेबाजी में फंसाकर जिले के उच्चाधिकारियों को भ्रमित किया जा रहा था। किसान खाद आने के बाद भी खाद से वंचित हो रहा था और बाजार से अधिक मूल्य पर खरीदने को मजबूर हो गया था। सत्ता पक्ष के लोग भी समितियों के सचिवों से मिलकर खेल कर रहे थे। प्राइवेट समितियों की आड़ लेकर भी पकड़ी गई खाद छुड़वा ली जा रही थी।
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आंवला इफ्को से चली खाद ढूंढने की मशक्कत
कुंवरगांव। शासन के निर्देश पर उस ट्रक की खाद तलाशने को शासन के निर्देश पर एसडीएम सदर प्रदीप यादव, एआर सहकारिता सतीश चंद्र श्रीवास्तव और जिला कृषि अधिकारी आरके सिंह का दल आंवला तक सर्च करते हुए पहुंचे। पीसीएफ का गोदाम इंचार्ज से भी पूछताछ की गई। बाद में कुंवरगांव साधन सहकारी समिति के सचिव के गायब हो जाने पर शक की सुई यहीं रुक गई। इसीलिए यहां का गोदाम सील किया गया है और कुंवरगांव थाना को भी टीम द्वारा सूचना दी गई है।
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अधिकारियों के बंधे थे हाथ-पैर
समितियों के नाम पर खेला जा रहा खेल सत्ता के लोग ही करा रहे थे। इस संबंध में गोपनीय बैठकों में अधिकारी अपनी बातें रखते थे और विवशता भी बताते थे। दिखावे की कार्रवाई का प्रचलन से अधिकारी अपनी जान बचाए हुए थे। नाम न छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि स्थिति सिर से ऊपर हो गई। सांसद तक यह बात पहुंचाई गई तो उन्होंने शासन स्तर से आदेश कराए।
शासन के निर्देश भी हैं और प्रशासन को खाद मिलने की सुनिश्चितता भी करानी है। इसलिए संयुक्त टीम लगानी पड़ी है। यह टीम खाद की सुनिश्चितता को कुंवरगांव रोड पर बुधवार को भी गई थी। इसी के तहत कार्रवाई हो रही है। - अशोक कुमार श्रीवास्तव, एडीएम प्रशासन/ प्रभारी जिलाधिकारी,बदायूं।