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जगतपाल के खिलाफ कुर्की वारंट से कोर्ट का इंकार
बदायूं।
Updated Sat, 20 Feb 2016 11:30 PM IST
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बिल्सी थाने की रिसौली चौकी के सिपाही शहीम और भीमसेन की हत्या के मामले में आरोपियों के खिलाफ कुर्की वारंट जारी करने से कोर्ट ने इंकार कर दिया है। फिलहाल आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया गया है। कोर्ट ने साफ कहा है कि किसी मामले में तुरंत की कुर्की वारंट जारी नहीं किया जा सकता।
गढ़ौली गांव में 17 फरवरी की रात गांव में जगतपाल शाक्य ने अपनी पत्नी कांता, दो बेटियों और एक बेटे के साथ मिलकर दोनों सिपाहियों पर फावड़ा और कुल्हाड़ी से हमला कर दिया था। सिपाही गांव में डीजे बंद कराने पहुंचे थे। गंभीर घायल सिपाही शहीम ने उसी रात दम तोड़ दिया था। बाद में भीमसेन की भी मौत हो गई। एसएसपी सौमित्र यादव ने मामले की विवेचना इंस्पेक्टर उझानी गोपीचंद्र को दी है।
विवेचना कर रहे इंस्पेक्टर उझानी गोपीचंद्र ने शनिवार को सीजेएम कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ कुर्की वारंट जारी करने की मांग की है। कोर्ट ने विवेचक की मांग को खाजिर करते हुए कुर्की वारंट जारी करने से इंकार कर दिया है। फिलहाल सभी आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया है।
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हमने कोर्ट से आरोपियों के खिलाफ कुर्की कार्रवाई की मांग की थी। कोर्ट ने कुर्की वारंट फिलहाल जारी नहीं किया है। आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है।-गोपीचंद्र यादव, इंस्पेक्टर उझानी
जगतपाल की गिरफ्तारी पुलिस के लिए बनी चुनौती
दो सिपाहियों का हत्यारा दे रहा 10 टीमों को चकमा
बिल्सी थाने के सिपाही शहीम और भीमसेन के हत्यारोपी जगतपाल की गिरफ्तारी पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई है। दो दिन पहले जगतपाल की लोकेशन उत्तराखंड में मिली थी, लेकिन बार-बार लोकेशन बदलने की वजह से वह पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ रहा है। आरोपी पुलिस की 10 टीमों को चकमा दे रहा है।
एसएसपी सौमित्र यादव ने दो सिपाहियों की हत्या के आरोपी जगतपाल, उसकी पत्नी कांता, दो बेटियों और एक बेटे की गिरफ्तारी के लिए एसओजी के साथ 10 टीमें लगाई हैं। मामला खुद पुलिस महकमे से जुड़ा हुआ है। तीसरे दिन भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से पुलिस महकमे की किरकिरी हो रही है। एसपी देहात मुन्ना लाल, सीओ उझानी जेएस पाटनी के नेतृत्व में टीमें लगातार छापामारी कर रही हैं, बावजूद इसके पुलिस के हाथ जगतपाल तक नहीं पहुंच सके हैं।
गढ़ौली में खौफ का माहौल, गलियों में सन्नाटा
बुधवार की रात सिपाहियों पर हमला और एक सिपाही की मौत के बाद से ही गढ़ौली में खौफ का माहौल था। शनिवार को दूसरे सिपाही की मौत की खबर गांव पहुंची तो लोग और भी डर गए। गांव की गलियों में सन्नाटा है। तमाम गांव के लोग अपने घरों में ताले डालकर नाते-रिश्तेदारी में चले गए हैं। घरों में महिलाएं और बुजुर्ग ही शेष हैं।
शादी-ब्याह से भी डर रहे गढ़ौली के लोग
दो सिपाहियों की हत्या के बाद सुर्खियों में आए बिल्सी थाने के गांव गढ़ौली के लोग शादी-ब्याह से भी डर रहे हैं। 22 फरवरी को गांव के राजीव कुमार सिंह की बेटी शालिनी की अलापुर थाने के गांव खरखोली खुर्द से बारात आनी है। वर पक्ष के लोगों ने इस पर चिंता जताई तो शनिवार को राजीव कुमार सिंह ने एसएसपी को पत्र देकर बेटी की शादी की इजाजत मांगी है। वर पक्ष के लोगों को डर है कि बारात के दौरान कहीं पुलिस उन लोगों से अभद्रता न कर दे।
भीमसेन का होने वाला था प्रमोशन
मूलरूप से पीलीभीत के बरखेड़ा के गांव रम्पुरा मोहम्मदगंज के रहने वाले सिपाही भीमसेन 1985 में पुलिस में भर्ती हुए थे। इन दिनों उनका परिवार पीलीभीत की राजीव कॉलोनी में रहता है। भीमसेन का हेड कांस्टेबल पद पर प्रमोशन होना था। उनके प्रमोशन संबंधी फाइल पिछले महीने ही आईजी को भेजी गई थी। प्रमोशन प्रक्रिया के दौरान ही भीमसेन की हत्या कर दी गई। उनकी हत्या से परिवार में कोहराम मचा है।
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गढ़ौली गांव में 17 फरवरी की रात गांव में जगतपाल शाक्य ने अपनी पत्नी कांता, दो बेटियों और एक बेटे के साथ मिलकर दोनों सिपाहियों पर फावड़ा और कुल्हाड़ी से हमला कर दिया था। सिपाही गांव में डीजे बंद कराने पहुंचे थे। गंभीर घायल सिपाही शहीम ने उसी रात दम तोड़ दिया था। बाद में भीमसेन की भी मौत हो गई। एसएसपी सौमित्र यादव ने मामले की विवेचना इंस्पेक्टर उझानी गोपीचंद्र को दी है।
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विवेचना कर रहे इंस्पेक्टर उझानी गोपीचंद्र ने शनिवार को सीजेएम कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ कुर्की वारंट जारी करने की मांग की है। कोर्ट ने विवेचक की मांग को खाजिर करते हुए कुर्की वारंट जारी करने से इंकार कर दिया है। फिलहाल सभी आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया है।
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हमने कोर्ट से आरोपियों के खिलाफ कुर्की कार्रवाई की मांग की थी। कोर्ट ने कुर्की वारंट फिलहाल जारी नहीं किया है। आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है।-गोपीचंद्र यादव, इंस्पेक्टर उझानी
जगतपाल की गिरफ्तारी पुलिस के लिए बनी चुनौती
दो सिपाहियों का हत्यारा दे रहा 10 टीमों को चकमा
बिल्सी थाने के सिपाही शहीम और भीमसेन के हत्यारोपी जगतपाल की गिरफ्तारी पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई है। दो दिन पहले जगतपाल की लोकेशन उत्तराखंड में मिली थी, लेकिन बार-बार लोकेशन बदलने की वजह से वह पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ रहा है। आरोपी पुलिस की 10 टीमों को चकमा दे रहा है।
एसएसपी सौमित्र यादव ने दो सिपाहियों की हत्या के आरोपी जगतपाल, उसकी पत्नी कांता, दो बेटियों और एक बेटे की गिरफ्तारी के लिए एसओजी के साथ 10 टीमें लगाई हैं। मामला खुद पुलिस महकमे से जुड़ा हुआ है। तीसरे दिन भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से पुलिस महकमे की किरकिरी हो रही है। एसपी देहात मुन्ना लाल, सीओ उझानी जेएस पाटनी के नेतृत्व में टीमें लगातार छापामारी कर रही हैं, बावजूद इसके पुलिस के हाथ जगतपाल तक नहीं पहुंच सके हैं।
गढ़ौली में खौफ का माहौल, गलियों में सन्नाटा
बुधवार की रात सिपाहियों पर हमला और एक सिपाही की मौत के बाद से ही गढ़ौली में खौफ का माहौल था। शनिवार को दूसरे सिपाही की मौत की खबर गांव पहुंची तो लोग और भी डर गए। गांव की गलियों में सन्नाटा है। तमाम गांव के लोग अपने घरों में ताले डालकर नाते-रिश्तेदारी में चले गए हैं। घरों में महिलाएं और बुजुर्ग ही शेष हैं।
शादी-ब्याह से भी डर रहे गढ़ौली के लोग
दो सिपाहियों की हत्या के बाद सुर्खियों में आए बिल्सी थाने के गांव गढ़ौली के लोग शादी-ब्याह से भी डर रहे हैं। 22 फरवरी को गांव के राजीव कुमार सिंह की बेटी शालिनी की अलापुर थाने के गांव खरखोली खुर्द से बारात आनी है। वर पक्ष के लोगों ने इस पर चिंता जताई तो शनिवार को राजीव कुमार सिंह ने एसएसपी को पत्र देकर बेटी की शादी की इजाजत मांगी है। वर पक्ष के लोगों को डर है कि बारात के दौरान कहीं पुलिस उन लोगों से अभद्रता न कर दे।
भीमसेन का होने वाला था प्रमोशन
मूलरूप से पीलीभीत के बरखेड़ा के गांव रम्पुरा मोहम्मदगंज के रहने वाले सिपाही भीमसेन 1985 में पुलिस में भर्ती हुए थे। इन दिनों उनका परिवार पीलीभीत की राजीव कॉलोनी में रहता है। भीमसेन का हेड कांस्टेबल पद पर प्रमोशन होना था। उनके प्रमोशन संबंधी फाइल पिछले महीने ही आईजी को भेजी गई थी। प्रमोशन प्रक्रिया के दौरान ही भीमसेन की हत्या कर दी गई। उनकी हत्या से परिवार में कोहराम मचा है।