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लक्ष्मीपुर में बंद कराया अवैध बूचड़खाना
अमर उजाला ब्यूरो बिसौली।
Updated Thu, 23 Mar 2017 11:42 PM IST
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बूचड़खाना
- फोटो : अमर उजाला
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- बिना लाइसेंस चल रहीं मांस की दुकानें भी बंद कराईं
- ग्राम सभा की जमीन पर बना लिया गया था बूचड़खाना
सरकार की सख्ती के बाद अवैध रूप से चल रहे बूचड़खानों पर कार्रवाई शुरू हो गई है। गुरुवार को जिला पंचायत की टीम ने बिसौली कोतवाली के गांव लक्ष्मीपुर में छापामारी कर अवैध बूचड़खाना बंद करा दिया। यहां बिना लाइसेंस चल रहीं मांस की दुकानों को भी बंद कराया गया। लक्ष्मीपुर में ग्राम समाज की जमीन पर लंबे समय से अवैध बूचड़खाना चल रहा था।
सूबे में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही इसका असर दिखने लगा था। पुलिस ने जिलेभर में बूचड़खानों के खिलाफ छापामारी शुरू कर दी थी। गौर करने वाली बात यह है कि जिले में एक भी बूचड़खाने का लाइसेंस नहीं है। नगरीय क्षेत्र में स्थानीय निकाय और देहात में जिला पंचायत बूचड़खानों और मांस की दुकानों के लाइसेंस जारी करती है। बिसौली के लक्ष्मीपुर गांव में लंबे समय से बूचड़खाना चल रहा था। सत्ता परिवर्तन होने के बाद जिला पंचायत को इसकी याद आई। यहां बिना लाइसेंस चल रहीं मांस की दुकानों को भी बंद करा दिया गया। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी अशोक यादव ने बताया कि जिले में कोई वैध बूचड़खाना नहीं है। आगे भी यह अभियान जारी रहेगा।
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- ग्राम सभा की जमीन पर बना लिया गया था बूचड़खाना
सरकार की सख्ती के बाद अवैध रूप से चल रहे बूचड़खानों पर कार्रवाई शुरू हो गई है। गुरुवार को जिला पंचायत की टीम ने बिसौली कोतवाली के गांव लक्ष्मीपुर में छापामारी कर अवैध बूचड़खाना बंद करा दिया। यहां बिना लाइसेंस चल रहीं मांस की दुकानों को भी बंद कराया गया। लक्ष्मीपुर में ग्राम समाज की जमीन पर लंबे समय से अवैध बूचड़खाना चल रहा था।
सूबे में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही इसका असर दिखने लगा था। पुलिस ने जिलेभर में बूचड़खानों के खिलाफ छापामारी शुरू कर दी थी। गौर करने वाली बात यह है कि जिले में एक भी बूचड़खाने का लाइसेंस नहीं है। नगरीय क्षेत्र में स्थानीय निकाय और देहात में जिला पंचायत बूचड़खानों और मांस की दुकानों के लाइसेंस जारी करती है। बिसौली के लक्ष्मीपुर गांव में लंबे समय से बूचड़खाना चल रहा था। सत्ता परिवर्तन होने के बाद जिला पंचायत को इसकी याद आई। यहां बिना लाइसेंस चल रहीं मांस की दुकानों को भी बंद करा दिया गया। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी अशोक यादव ने बताया कि जिले में कोई वैध बूचड़खाना नहीं है। आगे भी यह अभियान जारी रहेगा।
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