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पति जीवित फिर भी ले रहीं विधवा पेंशन
दातागंज।
Updated Wed, 31 May 2017 11:38 PM IST
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दातागंज तहसील के गांव सांडी में पकड़े गए सात मामले
दो महिलाओं का पता नहीं, दो की पहले हो चुकी मौत
म्याऊं ब्लॉक के गांव सांडी मेें फर्जी विधवा पेंशन के सात मामले पकड़े गए हैं। इनमें पति के जीवित रहते हुए तीन महिलाओं को विधवा पेंशन जारी कर दी गई। दो पेंशनार्थियों का गांव में अता-पता नहीं है। जबकि दो की मौत कई साल पहले हो चुकी है। इसके बावजूद इनको पेंशन दी जा रही थी। यह खुलासा सतयापन में हुआ है। ग्राम सचिव ने अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी है।
दातागंज तहसील के ब्लॉक उसावां के गांव सांडी में गांव के सचिव आफाक हुसैन गाजी ने विधवा पेंशन के लाभार्थियों का सत्यापन किया तो यह गड़बड़झाला उजागर हुआ। गांव की तीन महिलाओं के बारे में सत्यापन में पाया गया कि इन तीनों के पति जीवित हैं। इसके अलावा इस गांव में शारदा और कुंती को भी विधवा पेंशन मिल रही थी। सत्यापन में पाया गया कि गांव में इस नाम की कोई महिलाएं ही नहीं हैं। इतना ही नहीं गांव में दो महिलाएं ऐसी मिलीं, जिनकी मौत हो चुकी थी लेकिन उनकी विधवा पेंशन निकाली जा रही थी। इन दोनों महिलाओं की करीब चार साल पहले मौत हो चुकी है। सत्यापन में खुलासा होने के बाद विभाग में हड़कंप है। ग्राम सभा के सचिव आफाक हुसैन गाजी के मुताबिक, सत्यापन में यह खुलासा हुआ है। इस संबंध में उन्होंने रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी है। इन सभी की पेंशन बंद कराने की संस्तुति की गई है। इसके साथ ही महिला कल्याण विभाग की ओर से इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।
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दो महिलाओं का पता नहीं, दो की पहले हो चुकी मौत
म्याऊं ब्लॉक के गांव सांडी मेें फर्जी विधवा पेंशन के सात मामले पकड़े गए हैं। इनमें पति के जीवित रहते हुए तीन महिलाओं को विधवा पेंशन जारी कर दी गई। दो पेंशनार्थियों का गांव में अता-पता नहीं है। जबकि दो की मौत कई साल पहले हो चुकी है। इसके बावजूद इनको पेंशन दी जा रही थी। यह खुलासा सतयापन में हुआ है। ग्राम सचिव ने अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी है।
दातागंज तहसील के ब्लॉक उसावां के गांव सांडी में गांव के सचिव आफाक हुसैन गाजी ने विधवा पेंशन के लाभार्थियों का सत्यापन किया तो यह गड़बड़झाला उजागर हुआ। गांव की तीन महिलाओं के बारे में सत्यापन में पाया गया कि इन तीनों के पति जीवित हैं। इसके अलावा इस गांव में शारदा और कुंती को भी विधवा पेंशन मिल रही थी। सत्यापन में पाया गया कि गांव में इस नाम की कोई महिलाएं ही नहीं हैं। इतना ही नहीं गांव में दो महिलाएं ऐसी मिलीं, जिनकी मौत हो चुकी थी लेकिन उनकी विधवा पेंशन निकाली जा रही थी। इन दोनों महिलाओं की करीब चार साल पहले मौत हो चुकी है। सत्यापन में खुलासा होने के बाद विभाग में हड़कंप है। ग्राम सभा के सचिव आफाक हुसैन गाजी के मुताबिक, सत्यापन में यह खुलासा हुआ है। इस संबंध में उन्होंने रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी है। इन सभी की पेंशन बंद कराने की संस्तुति की गई है। इसके साथ ही महिला कल्याण विभाग की ओर से इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।
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