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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Forensic team explored Farm , did not have a clue

फॉरेंसिक टीम ने खंगाले खेत, कोई क्लू नहीं मिला

Tue, 30 Jun 2015 11:53 PM IST
badaun
badaun Updated Tue, 30 Jun 2015 11:53 PM IST
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दलित किशोरी से दुष्कर्म के मामले में तह तक जाने के लिए मंगलवार को फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम बदायूं पहुंची। एक्सपर्ट की टीम ने लड़की द्वारा बताए गए घटनास्थल समेत आसपास के ईख के कई खेत को खंगाला, लेकिन कोई क्लू नहीं मिला। लड़की ने बताया था कि उसके कुछ कपड़े भी घटनास्थल पर छूट गए थे। एक्सपर्ट को यह कपड़े भी नहीं मिले। फॉरेसिक टीम ने पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी की है। एक्सपर्ट भी हैरत में हैं। जो घटनास्थल बताया जा रहा है, वहां आसपास बाइक या कदमों के निशान भी नहीं मिले हैं, जबकि किशोरी कह रही है कि वारदात में 10 लोग शामिल थे।

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घटनास्थल आवास विकास से दातागंज रोड पर करीब ढाई किलोमीटर दूर है। फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम दोपहर दो बजे बदायूं पहुंची। पहले किशोरी से घटना की जानकारी ली। बाद में मामले की विवेचना कर रहे एसओ सिविल लाइंस अजय यादव से बात की। इसके बाद एक्सपर्ट सीधे उस जगह पर पहुंचे किशोरी ने जो घटना स्थल बताया था। किशोरी के मुताबिक उसको बाइक पर बैठा कर ले जाया गया था। घटना स्थल तक जाने के लिए सिर्फ पगडंडियां हैं। यहां बाइक से तीन लोगों का जाना मुश्किल है।
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किशोरी के मुताबिक वारदात में दस लोग शामिल थे। सात-आठ लोग ईख के खेत के बाहर खड़े रहे। अंकित नाम के लड़के ने उसके हाथ-पैर पकड़े और शिवम ने रेप किया। घटनास्थल का मुआयना करने के बाद फॉरेंसिक एक्सपर्ट ने बताया कि वहां उनको कुछ नहीं मिला है। ऐसे कोई निशान भी नहीं हैं, जिससे स्पष्ट हो कि यहां वारदात हुई है। घटनास्थल खंगालने के बाद टीम चली गई।
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किशोरी ने फिर बदले बयान,
खूब छकाया पुलिस को
दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली किशोरी घटनास्थल की तस्दीक भी नहीं कर सकी। उसने बयान भी बदल दिया है। उसका कहना है कि रेप ईख के खेत के बाहर 7-8 लड़के पहरेदारी करते रहे। दो लड़कों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। मंगलवार को दिन भर उसने पुलिस को छकाया। एसएपी सिटी अनिल यादव, सीओ सिटी आरएस धामा, एसओ सिविल लाइंस अजय यादव और एसओ महिला सुनीता मिश्रा लड़की के साथ कई घंटे घटनास्थल की तस्दीक करते रहे। बाद में लड़की द्वारा बताए गए घटनास्थल का फॉरेंसिक एक्सपर्ट ने मुआयना किया। एक्सपर्ट को भी यहां कुछ नहीं मिला।
आवास विकास कॉलोनी की 14 साल की किशोरी ने आरोप लगाया था कि 23 जून को सुबह नौ बजे वह घर से कॉलोनी में ही गुड्डू की दुकान पर कुछ सामान लेने गई थी। ऋषभ नाम का लड़का उसको बहाने से बाइक पर बैठा कर ले गया। करीब दो किलोमीटर दूर गन्ने के खेत में उसके साथ ऋषभ के दोस्त शिवम उर्फ संतोष ने दुष्कर्म किया। मामले में पांचवें दिन 27 जून को रिपोर्ट दर्ज कराई गई। 28 जून को पुलिस ने किशोरी का मेडिकल कराया। उसके प्राइवेट पार्ट में माचिस का रेपर, लकड़ी का टुकड़ा, पॉलीथिन, ढक्कन और कपड़ा निकलने पर डॉक्टर भी हैरान रह गए। एक्सपर्ट ने इसे प्लांटेड बताया। सोमवार को डीआईजी आरकेएस राठौर ने बदायूं पहुंच कर घटना के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने भी माना कि आरोप गंभीर है। सच्चाई सामने आने में कुछ वक्त लगेगा।
बाइक नहीं कांधे पर उठा कर ले गए थे
बदायूं। रेप का आरोप लगाने वाली लड़की ने मंगलवार को कहा है कि रिषभ नाम का लड़का उसको बाइक पर बैठा कर ले गया था। करीब दो किलोमीटर के बाद उसके कुछ और साथी मिल गए। यहां से यह लोग उसको कांधे पर डालकर ईख के खेत में ले गए। वहां अंकित ने उसके हाथ-पैर पकड़े और रिषभ ने बलात्कार किया। उसके प्राइवेट पार्ट में कई सामान ठूंस दिए। सात-आठ लड़के खेत के बाहर पहरेदारी करते रहे।


भगवान जाने क्यों लगाया आरोप
बलात्कार के आरोप अंकित का कहना है कि वह बेगुनाह है। उस पर यह आरोप क्यों लगा भगवान ही जानता है। उनसे बताया कि वह आवास विकास की ऐसी किसी लड़की को नहीं जानता। 18 जून से वह घर में पड़ा था। खसरा से पीड़ित था। 29 जून को जब पुलिस उसके घर पर पहुंची तो उसको पता लगा। उसका कहना है कि सही ढंग से जांच हो तो सच सामने आ जाएगा।

फेसबुक पर हुआ था विवाद
रेप के मुख्य आरोपी शिवम उर्फ संतोष का कहना है किप्त रेप का आरोप लगाने वाली लड़की को वह नहीं जानता। उसे अब यह पता लगा है कि आरोप लगाने वाली लड़की की फुफेरी बहन उसकी फेसबुक फ्रेंड चथीङ। फेसबुक पर उससे चैट हुआ करती थी। फेसबुक पर ही एक बार उससे विवाद हो गया था। उसने देख लेने की धमकी थी दी। शिवम का कहना है कि वह बेगुनाह है। उसे घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं। शिवम के पिता एमपी सिंह ने ने डीएम को पत्र देकर कहा है कि उनका बेटा निर्दोष है। वह किसी भी वैज्ञानिक जांच के लिए तैयार हैं।


जांच के बाद ही जेल भेजे जाएंगे आरोपी
रेप के आरोपी लड़कों को मंगलवार को भी पुलिस ने जेल नहीं भेजा। पुलिस घटना को संदिग्ध मान रही है, इस वजह से ऐसा किया गया है। डीआईजी आरकेएस राठौर को भी इस बारे में पूरी जानकारी दी गई है।


लड़की का अब फिर पैनल से मेडिकल कराया जा रहा है। आरोप गंभीर है। कानूनन पीड़िता के बयान काफी मायने रखते हैं। रिपोर्ट में उसने दो लोगों पर आरोप लगाया है। इनमें एक ने उसके साथ रेप किया, दूसरे ने उसको पकड़ा। यह महत्वपूर्ण है। फिलहाल जांच चल रही है। अगर कोई निर्दोष है, तो जांच में सच सामने आ जाएगा। यह बात सही है कि घटनास्थल बता पाने में लड़की को काफी देर लगी।
-सौमित्र यादव, एसएसपी

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