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पीसी शर्मा समेत आठ लोगों पर लगा गैंगस्टर
अमर उजाला ब्यूरो उझानी (बदायूं)।
Updated Tue, 30 May 2017 12:08 AM IST
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शासकीय अधिवक्ता साधना शर्मा की हत्या का मामला
नामजदों में अब तक पुलिस की पकड़ से दूर है मोहब्बत अली
पिछले साल हुई शासकीय अधिवक्ता साधना शर्मा की हत्या के मामले में पुलिस ने एक बार फिर आरोपियों पर शिकंजा कस दिया है। पुलिस ने पीसी शर्मा समेत आठ लोगों के खिलाफ गैंगस्टर की रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। हत्याकांड में फरार चल रहे मोहब्बत उर्फ साजिद को भी गैंगस्टर की कार्रवाई में शामिल किया गया है। पीसी शर्मा समेत चार आरोपी जमानत पर हैं।
एडीजीसी साधना शर्मा की बदायूं रोड पर गांव जिरौली के पास 23 मई-2016 को उस वक्त हत्या कर दी गई थी जब वह स्कूटी से घर लौट रहीं थीं। विपर्णा गौड़ ने मृतका बहन के करीबी रहे पीसी शर्मा ओर विकास भवन में तैनात बाबू गिरीशचंद्र मिश्रा समेत आठ लोगों को नामजद कराया था। पुलिस के मुताबिक, हत्याकांड में नामजद रहे पीसी शर्मा समेत बिल्सी थाना क्षेत्र के गांव बेहटा गुसाई निवासी राजू, उसके भाई इशरत, गांव के ही यासीन बाबा, परौली गांव के मोहब्बत उर्फ साजिद, मुजरिया थाना क्षेत्र के गांव नगला सलारपुर निवासी मुनेंद्र उर्फ पिंटू, भीकमपुर निवासी हिस्ट्रीशीटर अब्दुल नबी उर्फ मस्ताना और मोहल्ला बहादुरगंज निवासी गिरीशचंद्र मिश्रा पर गैंगस्टर की कार्रवाई की गई है।
हत्याकांड में जेल गए पीसी शर्मा समेत गिरीश मिश्रा और यासीन बाबा को कोर्ट से जमानत मिल चुकी है। पिंटू, इशरत, मस्ताना और राजू इस वक्त जेल में हैं। जबकि मोहब्बत उर्फ साजिद घटना के एक साल बाद अब तक फरार हैं। हालांकि केस की विवेचना बरेली क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर कर रहे हैं लेकिन कोतवाली पुलिस ने गैंगस्टर में नामजदगी कर आरोपियों पर फिर से शिकंजा कस लिया है। आरोप है कि एडीजीसी की हत्या मोटी रकम की सुपारी देकर कराई गई। सुपारी लेने वालों ने स्कूटी सवार साधना शर्मा के ऊपर ट्वेरा कार चढ़ा दी थी। उनकी मौत भी मौके पर ही गई थी।
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विपर्णा को आरोपियों से जानमाल का खतरा
उझानी। एडीजीसी साधना शर्मा हत्याकांड में पैरोकारी कर रही छोटी बहन विपर्णा गौड़ ने पिछले दिनों लखनऊ में मुख्यमंत्री के जनता दरबार में पहुंचकर आरोपियों से जानमाल का खतरा बताया था। मामला पुलिस के बड़े अफसरों के संज्ञान में पहुंचा तो स्थानीय स्तर पर ठोस कार्रवाई की पहल शुरू कर दी गई। माना जा रहा है कि गैंगस्टर की कार्रवाई भी इसी सिलसिले में की गई है।
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नामजदों में अब तक पुलिस की पकड़ से दूर है मोहब्बत अली
पिछले साल हुई शासकीय अधिवक्ता साधना शर्मा की हत्या के मामले में पुलिस ने एक बार फिर आरोपियों पर शिकंजा कस दिया है। पुलिस ने पीसी शर्मा समेत आठ लोगों के खिलाफ गैंगस्टर की रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। हत्याकांड में फरार चल रहे मोहब्बत उर्फ साजिद को भी गैंगस्टर की कार्रवाई में शामिल किया गया है। पीसी शर्मा समेत चार आरोपी जमानत पर हैं।
एडीजीसी साधना शर्मा की बदायूं रोड पर गांव जिरौली के पास 23 मई-2016 को उस वक्त हत्या कर दी गई थी जब वह स्कूटी से घर लौट रहीं थीं। विपर्णा गौड़ ने मृतका बहन के करीबी रहे पीसी शर्मा ओर विकास भवन में तैनात बाबू गिरीशचंद्र मिश्रा समेत आठ लोगों को नामजद कराया था। पुलिस के मुताबिक, हत्याकांड में नामजद रहे पीसी शर्मा समेत बिल्सी थाना क्षेत्र के गांव बेहटा गुसाई निवासी राजू, उसके भाई इशरत, गांव के ही यासीन बाबा, परौली गांव के मोहब्बत उर्फ साजिद, मुजरिया थाना क्षेत्र के गांव नगला सलारपुर निवासी मुनेंद्र उर्फ पिंटू, भीकमपुर निवासी हिस्ट्रीशीटर अब्दुल नबी उर्फ मस्ताना और मोहल्ला बहादुरगंज निवासी गिरीशचंद्र मिश्रा पर गैंगस्टर की कार्रवाई की गई है।
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हत्याकांड में जेल गए पीसी शर्मा समेत गिरीश मिश्रा और यासीन बाबा को कोर्ट से जमानत मिल चुकी है। पिंटू, इशरत, मस्ताना और राजू इस वक्त जेल में हैं। जबकि मोहब्बत उर्फ साजिद घटना के एक साल बाद अब तक फरार हैं। हालांकि केस की विवेचना बरेली क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर कर रहे हैं लेकिन कोतवाली पुलिस ने गैंगस्टर में नामजदगी कर आरोपियों पर फिर से शिकंजा कस लिया है। आरोप है कि एडीजीसी की हत्या मोटी रकम की सुपारी देकर कराई गई। सुपारी लेने वालों ने स्कूटी सवार साधना शर्मा के ऊपर ट्वेरा कार चढ़ा दी थी। उनकी मौत भी मौके पर ही गई थी।
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विपर्णा को आरोपियों से जानमाल का खतरा
उझानी। एडीजीसी साधना शर्मा हत्याकांड में पैरोकारी कर रही छोटी बहन विपर्णा गौड़ ने पिछले दिनों लखनऊ में मुख्यमंत्री के जनता दरबार में पहुंचकर आरोपियों से जानमाल का खतरा बताया था। मामला पुलिस के बड़े अफसरों के संज्ञान में पहुंचा तो स्थानीय स्तर पर ठोस कार्रवाई की पहल शुरू कर दी गई। माना जा रहा है कि गैंगस्टर की कार्रवाई भी इसी सिलसिले में की गई है।