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बसपा विधायक मामले की विवेचना फिर बदायूं आई
बदायूं, ब्यूरो
Updated Fri, 08 Apr 2016 12:10 AM IST
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डीआईजी बरेली क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर की थी विवेचना
विधायक के खिलाफ दर्ज कराया गया था ठगी का मामला
बरेली के बसपा विधायक वीरेंद्र गंगवार पर ठगी और धोखाधड़ी के आरोप की जांच अब बदायूं में ही होगी। कुछ दिनों पूर्व डीआईजी आशुतोष कुमार ने विवेचना को बदायूं से बरेली क्राइम ब्रांच ट्रांसफर किया था, जिस आदेश को वापस लेते हुए उन्होंने पुन: विवेचना बदायूं भेज दी है।
दिल्ली की एक कंस्ट्रक्शन कंपनी बिल्टेक प्रा.लि. के एमडी देवनारायण ने विधायक वीरेंद्र गंगवार पर करीब चार करोड़ रुपये की ठगी का आरोप लगाते हुए 13 सितंबर 2015 को सिविल लाइंस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन पर आरोप था कि बदायूं में एक जमीन के सौदे में धोखाधड़ी की है। मामले की जांच एसओ सिविल लाइंस अजय कुमार यादव कर रहे थे। पिछले दिनों डीआईजी आशुतोष कुमार ने विवेचना बरेली क्राइम ब्रांच को स्थानांतरित कर दी थी। विवेचना ट्रांसफर करने की कार्रवाई विधायक के प्रार्थना पत्र पर ही हुई। इस पर वादी पक्ष ने उच्चाधिकारियों से पैरवी की तो डीआईजी ने बैकफुट पर आते हुए अपना आदेश वापस ले लिया। अब एसएसपी सौमित्र यादव ने विवेचना बदायूं क्राइम ब्रांच को दे दी है।
विधायक के खिलाफ दर्ज कराया गया था ठगी का मामला
बरेली के बसपा विधायक वीरेंद्र गंगवार पर ठगी और धोखाधड़ी के आरोप की जांच अब बदायूं में ही होगी। कुछ दिनों पूर्व डीआईजी आशुतोष कुमार ने विवेचना को बदायूं से बरेली क्राइम ब्रांच ट्रांसफर किया था, जिस आदेश को वापस लेते हुए उन्होंने पुन: विवेचना बदायूं भेज दी है।
दिल्ली की एक कंस्ट्रक्शन कंपनी बिल्टेक प्रा.लि. के एमडी देवनारायण ने विधायक वीरेंद्र गंगवार पर करीब चार करोड़ रुपये की ठगी का आरोप लगाते हुए 13 सितंबर 2015 को सिविल लाइंस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन पर आरोप था कि बदायूं में एक जमीन के सौदे में धोखाधड़ी की है। मामले की जांच एसओ सिविल लाइंस अजय कुमार यादव कर रहे थे। पिछले दिनों डीआईजी आशुतोष कुमार ने विवेचना बरेली क्राइम ब्रांच को स्थानांतरित कर दी थी। विवेचना ट्रांसफर करने की कार्रवाई विधायक के प्रार्थना पत्र पर ही हुई। इस पर वादी पक्ष ने उच्चाधिकारियों से पैरवी की तो डीआईजी ने बैकफुट पर आते हुए अपना आदेश वापस ले लिया। अब एसएसपी सौमित्र यादव ने विवेचना बदायूं क्राइम ब्रांच को दे दी है।
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