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बीएसए को जान से मारने की धमकी, फिर स्वीकारी गलती
बदायूं।
Updated Fri, 08 Dec 2017 12:40 AM IST
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बदायूं। अपनी ही पार्टी की सरकार में हो रहे अपने ही भाई के शोषण से आहत बिल्सी के भाजयुमो नगर अध्यक्ष ने फेसबुक पर बीएसए को जान से मारने की धमकी वाली पोस्ट डाल दी। मामला गरमाया तो उन्होंने पोस्ट हटाकर खेद भी जता दिया। बीएसए ने इस मामले को प्रबंधक और कर्मचारी का विवाद बताकर जांच कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि पोस्ट डालने वाले ने गलती मान ली तो अब वह इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं करेंगे।
बिल्सी से भाजयुमो के नगर अध्यक्ष कुंवर अजय प्रताप सिंह ने गुरुवार सुबह फेसबुक पर लगातार दो पोस्ट डालकर माहौल गरमा दिया। उन्होंने लिखा कि बेसिक शिक्षा अधिकारी बदायूं नहीं सुधरे तो जान से हाथ धो बैठेंगे। अब प्रताड़ना सहन नहीं होती। इसके बाद एक और पोस्ट डाली कि अगर एक भ्रष्टाचारी मरेगा तो ही बाकी की आंखें खुद बंद होंगी। अब गब्बर इज बैक के पैटर्न पर चलना पड़ेगा न कि एप्लीकेशन पर। पोस्ट पड़ने के बाद सोशल साइट पर चर्चाएं शुरू हो गईं। इन पोस्ट पर भी पक्ष और विपक्ष में कई कमेंट आने लगे। इसके कुछ ही घंटे बाद अजय प्रताप बैकफुट पर आ गए और दोनों पोस्ट अपनी फेसबुक वॉल से हटा लीं। एक नई पोस्ट डाली कि सॉरी, बेसिक शिक्षा अधिकारी जी प्रकरण में पुन: जांच करा रहे हैं। अब मुझे कोई आपत्ति नहीं है। इसके साथ ही प्रकरण का पटाक्षेप हो गया। अजय की नाराजगी का मामला उनके छोटे भाई शशांक की मृतक आश्रित के रूप में मिली नौकरी से जुड़ा है। इसमें स्कूल प्रबंधक से उनका विवाद चल रहा है। उन्हें लगता था कि बीएसए और उनका स्टाफ जानबूझकर उन लोगों की उपेक्षा कर रहे है।
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वर्जन
मुझे भी धमकी भरी पोस्ट की जानकारी मिली थी। बाद में पोस्ट डालने वाले ने खुद ही माफी भी मांग ली है। उनके भाई की नियुक्ति का प्रकरण चल रहा है। उसमें प्रबंधक और यह दोनों ही एकदूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। मैंने सालारपुर के खंड शिक्षा अधिकारी को जांच दे दी है। उनकी रिपोर्ट के आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी। भ्रष्टाचार या जानबूझकर मामला अटकाने के आरोप पूरी तरह निराधार हैं।
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- प्रेमचंद्र यादव, बीएसए
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मैं व्यवस्था से काफी आहत था। पिछली सरकार में लगातार मेरे भाई के साथ नाइंसाफी हुई। भाजपा सरकार में उन्हें मृतक आश्रित के रूप में नौकरी मिली तो उसमें भी सियासत की गई। कुछ अधिकारी और कर्मचारी सरकार को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं, जो कामयाब नहीं होंगे। इस प्रकरण में मैं अपनी गलती स्वीकार करता हूं। मैंने सार्वजनिक रूप से खेद भी जताया है।
- कुंवर अजय प्रताप सिंह, भाजयुमो नगर अध्यक्ष बिल्सी
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बिल्सी से भाजयुमो के नगर अध्यक्ष कुंवर अजय प्रताप सिंह ने गुरुवार सुबह फेसबुक पर लगातार दो पोस्ट डालकर माहौल गरमा दिया। उन्होंने लिखा कि बेसिक शिक्षा अधिकारी बदायूं नहीं सुधरे तो जान से हाथ धो बैठेंगे। अब प्रताड़ना सहन नहीं होती। इसके बाद एक और पोस्ट डाली कि अगर एक भ्रष्टाचारी मरेगा तो ही बाकी की आंखें खुद बंद होंगी। अब गब्बर इज बैक के पैटर्न पर चलना पड़ेगा न कि एप्लीकेशन पर। पोस्ट पड़ने के बाद सोशल साइट पर चर्चाएं शुरू हो गईं। इन पोस्ट पर भी पक्ष और विपक्ष में कई कमेंट आने लगे। इसके कुछ ही घंटे बाद अजय प्रताप बैकफुट पर आ गए और दोनों पोस्ट अपनी फेसबुक वॉल से हटा लीं। एक नई पोस्ट डाली कि सॉरी, बेसिक शिक्षा अधिकारी जी प्रकरण में पुन: जांच करा रहे हैं। अब मुझे कोई आपत्ति नहीं है। इसके साथ ही प्रकरण का पटाक्षेप हो गया। अजय की नाराजगी का मामला उनके छोटे भाई शशांक की मृतक आश्रित के रूप में मिली नौकरी से जुड़ा है। इसमें स्कूल प्रबंधक से उनका विवाद चल रहा है। उन्हें लगता था कि बीएसए और उनका स्टाफ जानबूझकर उन लोगों की उपेक्षा कर रहे है।
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मुझे भी धमकी भरी पोस्ट की जानकारी मिली थी। बाद में पोस्ट डालने वाले ने खुद ही माफी भी मांग ली है। उनके भाई की नियुक्ति का प्रकरण चल रहा है। उसमें प्रबंधक और यह दोनों ही एकदूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। मैंने सालारपुर के खंड शिक्षा अधिकारी को जांच दे दी है। उनकी रिपोर्ट के आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी। भ्रष्टाचार या जानबूझकर मामला अटकाने के आरोप पूरी तरह निराधार हैं।
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- प्रेमचंद्र यादव, बीएसए
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मैं व्यवस्था से काफी आहत था। पिछली सरकार में लगातार मेरे भाई के साथ नाइंसाफी हुई। भाजपा सरकार में उन्हें मृतक आश्रित के रूप में नौकरी मिली तो उसमें भी सियासत की गई। कुछ अधिकारी और कर्मचारी सरकार को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं, जो कामयाब नहीं होंगे। इस प्रकरण में मैं अपनी गलती स्वीकार करता हूं। मैंने सार्वजनिक रूप से खेद भी जताया है।
- कुंवर अजय प्रताप सिंह, भाजयुमो नगर अध्यक्ष बिल्सी
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