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ननाखेड़ा के पास गंगा में उतराती मिली बिसौली के तनुज की लाश
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उझानी (बदायूं)। मंगलवार को गंगा में नहाते समय डूबे बिसौली के दुकानदार तनुज वार्ष्णेय का शव दूसरे दिन कछला घाट से काफी दूर ननाखेड़ा के पास गंगा में उतराता मिल गया। नाव के जरिये तड़के से ही खोजबीन में जुटे परिजनों ने शव को देख गोताखोरों को भी बुला लिया। शव को गंगाघाट पर लाया गया तो पहले से मौजूद परिजन बिलख उठे। घरवाले शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर अपने साथ घर लेकर चले गए।
तनुज वार्ष्णेय (18) बिसौली निवासी किशन लाल का बेटा था। वह अपने परिजनों और दोस्तों के साथ मंगलवार को गंगा नहाने के लिए कछला स्थित घाट पर पहुंचा था। नहाते समय गहरे में चले जाने वह डूब गया था। घरवालों ने गोताखोरों को बुलाकर शाम तक उसकी खोजबीन भी कराई लेकिन देर शाम गोताखोरों को जब सफलता हाथ नहीं लगी तो बुधवार सुबह में फिर से गंगा में गोताखोरों को उतार दिया गया। भाई मनोज और चाचा विवेक वार्ष्णेय ने नाव के जरिये कादरचौक तक तलाशी अभियान चलाया। कादरचौक की ओर से लौटते में दोपहर में ननाखेड़ा के पास गंगा में शव को उतराता देख परिवारों के लोगों ने गोताखोरों को बुलाकर उसे बाहर निकलवा लिया। शव तनुज का ही था।
चाचा और भाई तनुज का शव लेकर कछला घाट पर पहुंचे तो उसे देखते ही परिवार की महिलाएं और रिश्तेदार बिलखने लगे। मझले भाई दीपेंद्र ने बताया कि छह भाई-बहनों में तनुज सबसे छोटा था। वह पिता के साथ दुकान पर बैठकर हाथ बंटाता था। सूचना के बाद पुलिस कर्मी भी घाट पर पहुंच गए। परिजनों ने पुलिस कार्रवाई से इंकार कर दिया। बाद में वह शव को अपने साथ लेकर बिसौली चले गए। बता दें कि मतदान के बाद ही तनुज के चाचा और उसके दोस्तों ने गंगा नहाने का कार्यक्रम बनाया था। जहां वह स्नान कर रहा था, वहां गंगा में गहराई अधिक थी। बहाव भी ज्यादा होने की वजह से वह बहता चला गया था।
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तनुज वार्ष्णेय (18) बिसौली निवासी किशन लाल का बेटा था। वह अपने परिजनों और दोस्तों के साथ मंगलवार को गंगा नहाने के लिए कछला स्थित घाट पर पहुंचा था। नहाते समय गहरे में चले जाने वह डूब गया था। घरवालों ने गोताखोरों को बुलाकर शाम तक उसकी खोजबीन भी कराई लेकिन देर शाम गोताखोरों को जब सफलता हाथ नहीं लगी तो बुधवार सुबह में फिर से गंगा में गोताखोरों को उतार दिया गया। भाई मनोज और चाचा विवेक वार्ष्णेय ने नाव के जरिये कादरचौक तक तलाशी अभियान चलाया। कादरचौक की ओर से लौटते में दोपहर में ननाखेड़ा के पास गंगा में शव को उतराता देख परिवारों के लोगों ने गोताखोरों को बुलाकर उसे बाहर निकलवा लिया। शव तनुज का ही था।
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चाचा और भाई तनुज का शव लेकर कछला घाट पर पहुंचे तो उसे देखते ही परिवार की महिलाएं और रिश्तेदार बिलखने लगे। मझले भाई दीपेंद्र ने बताया कि छह भाई-बहनों में तनुज सबसे छोटा था। वह पिता के साथ दुकान पर बैठकर हाथ बंटाता था। सूचना के बाद पुलिस कर्मी भी घाट पर पहुंच गए। परिजनों ने पुलिस कार्रवाई से इंकार कर दिया। बाद में वह शव को अपने साथ लेकर बिसौली चले गए। बता दें कि मतदान के बाद ही तनुज के चाचा और उसके दोस्तों ने गंगा नहाने का कार्यक्रम बनाया था। जहां वह स्नान कर रहा था, वहां गंगा में गहराई अधिक थी। बहाव भी ज्यादा होने की वजह से वह बहता चला गया था।
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