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तीसरे दिन भी पुलिस के हाथ खाली, आरोपियों को मिली राजनीतिक शरण
Updated Mon, 26 Nov 2018 06:03 PM IST
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तीसरे दिन भी पुलिस के हाथ खाली, आरोपियों को मिली राजनीतिक शरण
हुसैनपुर के राजीव तोमर हत्याकांड में आरोपियों की तलाश तेज
अमर उजाला ब्यूरो
उझानी (बदायूं)। हुसैनपुर गांव के राजीव तोमर उर्फ राजू की हत्या में नामजद चारों भाइयों की गिरफ्तारी के लिए जिले से बाहर एक स्थान पर गई पुलिस की दो टीमें सोमवार को खाली हाथ लौट आईं। पुलिस की हालांकि उनके नजदीकी रिश्तेदारों पर नजर है लेकिन आरोपियों के राजनीतिक शरण में पहुंच जाने से पुलिस की परेशानी बढ़ गई है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव हुसैनपुर में कटरी की जमीन की रंजिश को लेकर करौब दो दशक से चल रही खूनी रंजिश में पांच हत्याएं हो जाने के बाद पुलिस इस बात पर ज्यादा जोर दे रही है कि जल्दी से जल्दी नामजदों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाए। गिरफ्तारी में देरी होने की स्थिति में पुलिस का पीड़ित परिवार में गुस्सा पनपने की आशंका भी सता रही है। पिछली बार एक पक्ष के व्यक्ति की हत्या के बाद दूसरे पक्ष के लोगों ने जमकर उत्पात मचाया था। पुलिस सूत्रों की माने तो रविवार रात में दो टीमों ने जिले से बाहर एक इलाके में दबिश दी तो कोई सफलता नहीं मिली। नामजदों को राजनीतिक शरण हासिल होने के संकेत मिलने के बाद पुलिस ने बीच का रास्ता खोजना भी शुरू कर दिया है। पुलिस प्रत्येक सूरत में नामजदों का कोतवाली से चालान करना चाहती है। ऐसा तभी संभव है जब नामजदों में से कोई एक पुलिस की पकड़ में आ जाए।
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हुसैनपुर के राजीव तोमर हत्याकांड में आरोपियों की तलाश तेज
अमर उजाला ब्यूरो
उझानी (बदायूं)। हुसैनपुर गांव के राजीव तोमर उर्फ राजू की हत्या में नामजद चारों भाइयों की गिरफ्तारी के लिए जिले से बाहर एक स्थान पर गई पुलिस की दो टीमें सोमवार को खाली हाथ लौट आईं। पुलिस की हालांकि उनके नजदीकी रिश्तेदारों पर नजर है लेकिन आरोपियों के राजनीतिक शरण में पहुंच जाने से पुलिस की परेशानी बढ़ गई है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव हुसैनपुर में कटरी की जमीन की रंजिश को लेकर करौब दो दशक से चल रही खूनी रंजिश में पांच हत्याएं हो जाने के बाद पुलिस इस बात पर ज्यादा जोर दे रही है कि जल्दी से जल्दी नामजदों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाए। गिरफ्तारी में देरी होने की स्थिति में पुलिस का पीड़ित परिवार में गुस्सा पनपने की आशंका भी सता रही है। पिछली बार एक पक्ष के व्यक्ति की हत्या के बाद दूसरे पक्ष के लोगों ने जमकर उत्पात मचाया था। पुलिस सूत्रों की माने तो रविवार रात में दो टीमों ने जिले से बाहर एक इलाके में दबिश दी तो कोई सफलता नहीं मिली। नामजदों को राजनीतिक शरण हासिल होने के संकेत मिलने के बाद पुलिस ने बीच का रास्ता खोजना भी शुरू कर दिया है। पुलिस प्रत्येक सूरत में नामजदों का कोतवाली से चालान करना चाहती है। ऐसा तभी संभव है जब नामजदों में से कोई एक पुलिस की पकड़ में आ जाए।
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