फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   30 bonds to be released on personal bonds

पर्सनल बांड पर रिहा हो सकते हैं 30 विचाराधीन बंदी

Fri, 24 Mar 2017 11:57 PM IST
रजनीश रिंकू पांडेय बदायूं।
रजनीश रिंकू पांडेय बदायूं। Updated Fri, 24 Mar 2017 11:57 PM IST
विज्ञापन
30 bonds to be released on personal bonds
डेमो इमेज - फोटो : Internet
आधी से ज्यादा सजा काटने के बाद भी नहीं मिली जमानत
विज्ञापन

अंडर ट्रायल रिव्यू कमेटी ने शुरू की मामले में सुनवाई

ओवर लोड जिला जेल से कुछ बंदियों को पर्सनल बांड पर रिहा किया जा सकता है। इसके अलावा कुछ सजायाफ्ता कैदियों को दूसरी जेलों में शिफ्ट करने पर भी विचार किया जा रहा है। जिला जेल में 30 ऐसे विचाराधीन बंदी हैं जो आधी से ज्यादा सजा काट चुके हैं। इसके बाद भी इनको किन्हीं कारणों से जमानत नहीं मिल सकी है। ऐसे बंदियों के मामलों में अंडर ट्रायल रिव्यू कमेटी ने सुनवाई शुरू कर दी है। उम्मीद है कि इन बंदियों को जल्द पर्सनल बांड पर रिहा किया जा सकता है। 
ब्रिटिश हुकूमत में बनी जिला जेल की क्षमता 529 बंदी और कैदियों की है। जेल में क्षमता से चार गुना ज्यादा 2100 बंदी और कैदी हैं। जेल प्रशासन सजायाफ्ता कैदियों को दूसरी जेलों में शिफ्ट करने के लिए कई बार उच्च अधिकारियों को लिख चुका है। इसके बावजूद जेल से लोड कम नहीं हो रहा। सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2016 में ऐसे विचाराधीन बंदियों के मामलों को गंभीरता से लिया था, जो किए गए अपराध की कुल सजा में से आधी से ज्यादा समय तक केस ट्रायल के दौरान ही जेल में काट चुके हैं। उनको किन्हीं कारणों से जमानत नहीं मिल सकी। ऐसे विचाराधीन बंदियों को भी लाभ मिल सकता है जिनकी जमानत तो मंजूर हो गई है लेकिन, वह आर्थिक या अन्य कारणों से जमानत दाखिल नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे विचाराधीन बंदियों के मामले में विचार के लिए अंडर ट्रायल रिव्यू कमेटी बनाई गई थी। कमेटी में जिला जज, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव, डीएम और एसएसपी शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों पर जिला जेल में बंद विचाराधीन बंदियों के मामले में अंडर ट्रायल रिव्यू कमेटी ने सुनवाई शुरू कर दी है। कमेटी ने जेल प्रशासन से ऐसे बंदियों के बारे में जानकारी ली।
विज्ञापन


अंडर ट्रायल रिव्यू कमेटी को ऐसे विचाराधीन बंदियों के बारे में जानकारी उपलब्ध करा दी गई है, जो विचाराधीन बंदी केस ट्रायल के दौरान आधी से ज्यादा सजा काट चुके हैं। विधिक प्रक्रिया के तहत इनकी रिहाई का निर्णय कमेटी को लेना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

-अरविंद पांडेय, जेलर
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed