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लूटपाट करने घर में घुसे डकैतों ने महिला का हाथ तोड़ा

Mon, 30 Jul 2018 11:12 PM IST
Updated Mon, 30 Jul 2018 11:12 PM IST
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लूटपाट करने घर में घुसे डकैतों ने महिला का हाथ तोड़ा
फोटो-1
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बदमाशों ने महिला का हाथ तोड़ा
लूटपाट के इरादे से घुसे थे, चीख-पुकार सुनकर जागे ग्रामीणों ने दौड़ाया
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे किनारे स्थित सिलहरी गांव में रविवार रात बदमाशों ने एक मकान पर धावा बोल दिया। बदमाशों ने घर में घुसते ही एक महिला की पिटाई कर दी, जिससे उसका हाथ टूट गया। चीख-पुकार सुनकर कुछ दूरी पर सो रहे परिजन जाग गए। उनके शोर मचाने पर ग्रामीणों ने बदमाशों को दौड़ा दिया। इस घटना के बाद से गांव में दहशत है।
यह घटना सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के ग्राम सिलहरी की है। ग्रामीण कल्यान सिंह का मकान गांव के बाहरी साइड में एमएफ हाईवे किनारे स्थित है। रविवार रात उनकी पत्नी राजेश्वरी देवी पुराने मकान में सो रही थीं। बाकी परिवार के सदस्य बराबर में बने नए मकान में सो रहे थे। रात करीब एक बजे आधा दर्जन बदमाशों ने उनके घर पर धावा बोल दिया। सभी बदमाश असलहों से लैस होकर आए थे। दो बदमाशों ने राजेश्वरी देवी को चारपाई पर ही दबोच लिया और उनकी पिटाई शुरू कर दी। अचानक हुई मारपीट से वह हड़बड़ा गईं। खुद को बचाने के लिए चारपाई से उठकर भागीं कि बदमाशों ने उन्हें बरामदे में गिरा दिया और डंडे से पीटकर उनका हाथ तोड़ दिया। इससे उनकी चीख निकल गई। कुछ दूरी पर सो रहे परिवार वाले भी जाग गए और उन्होंने शोर मचाना शुरू कर दिया। इस पर मोहल्ले के लोग भी जाग गए। उन्होंने बदमाशों की घेराबंदी की लेकिन सभी बदमाश एमएफ हाईवे की ओर भाग खड़े हुए। ग्रामीण भी उनके पीछे लग गए। लोगों ने तुरंत सिविल लाइंस थाना पुलिस को सूचना दी। इस पर खेड़ा नवादा चौकी इंचार्ज प्रमोद कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से बदमाशों को तलाश किया। परंतु किसी का पता नहीं चल सका। परिवार वालों ने महिला को निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। साथ ही अज्ञात बदमाशों के खिलाफ तहरीर दी है।
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नहीं लगा यूपी 100 पुलिस का नंबर
-बदमाशों के घटना को अंजाम देने के बाद ग्रामीणों ने पुलिस के 100 नंबर को लगाया पर वह नहीं लगा। थकहार कर उन्होंने खेड़ा नवादा चौकी इंचार्ज को फोन किया, जिस पर वह कुछ देर बाद मौके पर पहुंच गए। अगर उस समय पुलिस का 100 नंबर लग जाता, तो शायद बदमाशों की घेराबंदी भी हो सकती थी।
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