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किशोरी का मेडिकल कराया, सोमवार को कोर्ट में होगी पेश
Updated Mon, 27 Aug 2018 02:41 AM IST
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उझानी (बदायूं)। तीन महीने बाद नाटकीय अंदाज में बरामद किशोरी पिता के साथ जाएगी या फिर प्रेमी का हाथ थामेगी, यह दो दिन बाद तय होगा। उसे अपना बयान दर्ज कराने के लिए सोमवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। इससे पहले पुलिस ने शनिवार को उसका मेडिकल कराया।
बरामद किशोरी को लेकर कोतवाली पुलिस शनिवार सुबह जिला अस्पताल पहुंची। उम्र को लेकर पसोपेश के बीच पिता की मानें तो कुछ उसे बालिग ठहराने की कोशिश में जुटे हैं। जबकि उसका शैक्षिक प्रमाण पत्र उम्र तस्दीक कर चुका है। किशोरी की बरामदगी की सूचना के बाद उसका पिता शुक्रवार शाम को बदायूं पहुंचा। पहले तो उसे किशोरी से मिलने नहीं दिया गया लेकिन बाद में भाकियू कार्यकर्ताओं के पहुंच जाने के बाद पिता और किशोरी के बीच बातचीत भी हुई। शनिवार अपराह्न में आरोपी के एक पैरोकार ने भी उससे मिलने की कोशिश की। फिलहाल उसे महिला पुलिस की अभिरक्षा में रखा गया है। बता दें कि पुलिस ने किशोरी के घरवालों के धरना पर बैठ जाने और विधायक आरके शर्मा के हस्तक्षेप के बाद नाटकीय अंदाज में उसे बरामद कर लिया था।
... तो फिर पुलिस कर्मियों से मिलती रही थी कानूनी सलाह
उझानी। करीब तीन महीना पहले छोटी बहनों के साथ खेत पर काम करते समय बहला-फुसला कर अगवा की गई किशोरी के बारे में पुलिस को हकीकत के बारे में काफी पहले से ही पता था। यह बात उस समय भी साबित हो गई जब विधायक ने हस्तक्षेप किया। इसके चंद घंटे बाद ही पुलिस ने उसे बरामद कर लिया था। बताते हैं कि आरोपी पक्ष को पुलिस कर्मियों से ही कानूनी मशवरा मिलता रहा था। बचाव में कब, कहां और क्या करना है, यह भी आरोपी और उसके परिजनों ने करने से गुरेज नहीं किया।
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बरामद किशोरी को लेकर कोतवाली पुलिस शनिवार सुबह जिला अस्पताल पहुंची। उम्र को लेकर पसोपेश के बीच पिता की मानें तो कुछ उसे बालिग ठहराने की कोशिश में जुटे हैं। जबकि उसका शैक्षिक प्रमाण पत्र उम्र तस्दीक कर चुका है। किशोरी की बरामदगी की सूचना के बाद उसका पिता शुक्रवार शाम को बदायूं पहुंचा। पहले तो उसे किशोरी से मिलने नहीं दिया गया लेकिन बाद में भाकियू कार्यकर्ताओं के पहुंच जाने के बाद पिता और किशोरी के बीच बातचीत भी हुई। शनिवार अपराह्न में आरोपी के एक पैरोकार ने भी उससे मिलने की कोशिश की। फिलहाल उसे महिला पुलिस की अभिरक्षा में रखा गया है। बता दें कि पुलिस ने किशोरी के घरवालों के धरना पर बैठ जाने और विधायक आरके शर्मा के हस्तक्षेप के बाद नाटकीय अंदाज में उसे बरामद कर लिया था।
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... तो फिर पुलिस कर्मियों से मिलती रही थी कानूनी सलाह
उझानी। करीब तीन महीना पहले छोटी बहनों के साथ खेत पर काम करते समय बहला-फुसला कर अगवा की गई किशोरी के बारे में पुलिस को हकीकत के बारे में काफी पहले से ही पता था। यह बात उस समय भी साबित हो गई जब विधायक ने हस्तक्षेप किया। इसके चंद घंटे बाद ही पुलिस ने उसे बरामद कर लिया था। बताते हैं कि आरोपी पक्ष को पुलिस कर्मियों से ही कानूनी मशवरा मिलता रहा था। बचाव में कब, कहां और क्या करना है, यह भी आरोपी और उसके परिजनों ने करने से गुरेज नहीं किया।
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