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हेलमेट के अभाव ने ले ली पांच बच्चों के खेवनहार की जान
Updated Sun, 16 Jul 2017 06:18 PM IST
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उझानी (बदायूं)।
अंबेडकर चौराहे के पास शनिवार शाम को सड़क हादसे में मौत का शिकार बने पालपुर गांव के उदयवीर के शव के पोस्टमार्टम में जो कुछ सामने आया उसने एक बार फिर बाइक सवारों के हेलमेट नहीं लगाने की प्रवृत्ति से होने वाले नुकसान पर मुहर लगा दी। उदयवीर के शरीर पर कोई ऐसी चोट नहीं पाई गई जो जानलेवा बनती लेकिन सिर में ऐसी चोट लगी मिली जो उसे उसके जान जाने का कारण बना।
उदयवीर जिस बाइक से शनिवार शाम को बाजार जाने की कहकर निकला, वह उसकी नहीं थी। घर से निकलते वक्त उदयवीर से उसके छोटे भाई अंगदपाल ने कहा भी था कि हेलमेट लगाकर जाओ, पर उदयवीर न ध्यान नहीं दिया। लोगों का कहना है कि हालांकि कुदरत के आगे किसी की नहीं चलती लेकिन वह हेलमेट लगाकर जाते तो उनकी जान बच सकती थी।
उदयवीर, पांच बच्चों का इकलौता खेवनहार था। करीब आठ साल पहले पत्नी रामबेटी की कैंसर की वजह से मौत हो गई थी। पांच बच्चों में सबसे बड़ी ऊषा शादी लायक है। अगले साल ऊषा की शादी के लिए वह वर की तलाश में था। दो लड़के हैं लेकिन कम उम्र की वजह से दोनों में एक भी ऐसा नहीं जो तीन बहनों का फिलहाल खेवनहार बन पाए। उदयवीर की बूढ़ी मां बीवोदेवी भी बदहवास है। उनको रोता देख कई लोगों की आंखें नम हो गईं।
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सीओ गमलेश्वर विल्टोरिया का कहना है कि पुलिस बिना हेलमेट बाइक चलाने पर कार्रवाई करती है और आगे भी करती रहेगी लेकिन लोगों को भी जागरूक होना पड़ेगा।
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पुलिस भी कम करती है बिना हेलमेट बाइक सवारों पर गौर
उझानी। सड़क हादसों में ज्यादातर बाइक सवारों की मौत की वजह तेज रफ्तार और हेलमेट का ही होता है। ऐसा नहीं कि सफर के दौरान सड़कों पर सफर के दौरान पुलिस की नजर ऐसे लोगों पर नहीं पड़ती पर प्रभावी ढंग से कार्रवाई नहीं की जाती।
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अंबेडकर चौराहे के पास शनिवार शाम को सड़क हादसे में मौत का शिकार बने पालपुर गांव के उदयवीर के शव के पोस्टमार्टम में जो कुछ सामने आया उसने एक बार फिर बाइक सवारों के हेलमेट नहीं लगाने की प्रवृत्ति से होने वाले नुकसान पर मुहर लगा दी। उदयवीर के शरीर पर कोई ऐसी चोट नहीं पाई गई जो जानलेवा बनती लेकिन सिर में ऐसी चोट लगी मिली जो उसे उसके जान जाने का कारण बना।
उदयवीर जिस बाइक से शनिवार शाम को बाजार जाने की कहकर निकला, वह उसकी नहीं थी। घर से निकलते वक्त उदयवीर से उसके छोटे भाई अंगदपाल ने कहा भी था कि हेलमेट लगाकर जाओ, पर उदयवीर न ध्यान नहीं दिया। लोगों का कहना है कि हालांकि कुदरत के आगे किसी की नहीं चलती लेकिन वह हेलमेट लगाकर जाते तो उनकी जान बच सकती थी।
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उदयवीर, पांच बच्चों का इकलौता खेवनहार था। करीब आठ साल पहले पत्नी रामबेटी की कैंसर की वजह से मौत हो गई थी। पांच बच्चों में सबसे बड़ी ऊषा शादी लायक है। अगले साल ऊषा की शादी के लिए वह वर की तलाश में था। दो लड़के हैं लेकिन कम उम्र की वजह से दोनों में एक भी ऐसा नहीं जो तीन बहनों का फिलहाल खेवनहार बन पाए। उदयवीर की बूढ़ी मां बीवोदेवी भी बदहवास है। उनको रोता देख कई लोगों की आंखें नम हो गईं।
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सीओ गमलेश्वर विल्टोरिया का कहना है कि पुलिस बिना हेलमेट बाइक चलाने पर कार्रवाई करती है और आगे भी करती रहेगी लेकिन लोगों को भी जागरूक होना पड़ेगा।
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पुलिस भी कम करती है बिना हेलमेट बाइक सवारों पर गौर
उझानी। सड़क हादसों में ज्यादातर बाइक सवारों की मौत की वजह तेज रफ्तार और हेलमेट का ही होता है। ऐसा नहीं कि सफर के दौरान सड़कों पर सफर के दौरान पुलिस की नजर ऐसे लोगों पर नहीं पड़ती पर प्रभावी ढंग से कार्रवाई नहीं की जाती।