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बच्चा चोरी के प्रयास के मामले में फंसे कर्मचारियों को बचाने में जुटे अधिकारी
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बदायूं। बुधवार तड़के दातागंज स्वास्थ्य केंद्र से एक मानसिक मंदित महिला की नवजात बच्ची को चोरी करने की कोशिश हुई थी। यह भी पता चल गया था कि बेड से किसने बच्चा उठाया था और किसने ले जाने से रोका था। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर और अधिकारी मामले को दबाने में लगे हैं। वे कोशिश में हैं कि किसी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई न हो।
15 अप्रैल की रात करीब दो बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दातागंज में एक मानसिक मंदित महिला की डिलीवरी हुई थी। उसने एक बच्ची को जन्म दिया था। 17 अप्रैल की सुबह करीब चार बजे महिला की उस बच्ची को चोरी करने की कोशिश की गई थी। सीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद की शुरुआती छानबीन में एक आशा का नाम उजागर हुआ था। उसके अलावा एक स्टाफ नर्स भी चर्चा में रही। इसकी तह तक जाने के लिए सीएमओ ने स्वास्थ्य केंद्र के पूरे स्टाफ से स्पष्टीकरण मांगा था, साथ ही उन्हें दो दिन का समय भी दिया था लेकिन वह समय अब निकल चुका है। अब तक न तो किसी ने स्पष्टीकरण दिया है और न ही इस मामले की जांच के लिए टीम गठित की गई है। मामला ज्यों का त्यों रद्दी की टोकरी में डालने की कोशिश की जा रही है।
सूत्रों का कहना है कि बच्चा चोरी के मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग को भी चिंता नहीं है। अगर ऐसा होता तो अब तक रिपोर्ट भी दर्ज हो चुकी होती। स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ ने तो उसी समय से मामले को दबाने की कोशिश की थी, वह तो तीमारदारों ने पोल खोल दी थी।
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हमने दातागंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ से स्पष्टीकरण मांगा था लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं आया है। मैं आज ही डॉक्टर से बात करता हूं। जल्द ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
- डॉ. राजेंद्र प्रसाद, सीएमओ
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15 अप्रैल की रात करीब दो बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दातागंज में एक मानसिक मंदित महिला की डिलीवरी हुई थी। उसने एक बच्ची को जन्म दिया था। 17 अप्रैल की सुबह करीब चार बजे महिला की उस बच्ची को चोरी करने की कोशिश की गई थी। सीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद की शुरुआती छानबीन में एक आशा का नाम उजागर हुआ था। उसके अलावा एक स्टाफ नर्स भी चर्चा में रही। इसकी तह तक जाने के लिए सीएमओ ने स्वास्थ्य केंद्र के पूरे स्टाफ से स्पष्टीकरण मांगा था, साथ ही उन्हें दो दिन का समय भी दिया था लेकिन वह समय अब निकल चुका है। अब तक न तो किसी ने स्पष्टीकरण दिया है और न ही इस मामले की जांच के लिए टीम गठित की गई है। मामला ज्यों का त्यों रद्दी की टोकरी में डालने की कोशिश की जा रही है।
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सूत्रों का कहना है कि बच्चा चोरी के मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग को भी चिंता नहीं है। अगर ऐसा होता तो अब तक रिपोर्ट भी दर्ज हो चुकी होती। स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ ने तो उसी समय से मामले को दबाने की कोशिश की थी, वह तो तीमारदारों ने पोल खोल दी थी।
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हमने दातागंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ से स्पष्टीकरण मांगा था लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं आया है। मैं आज ही डॉक्टर से बात करता हूं। जल्द ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
- डॉ. राजेंद्र प्रसाद, सीएमओ