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गजब: सरकारी महकमे ही अपनी जमीन नहीं बचा पा रहे हैं दबंगों से
Updated Sun, 17 Sep 2017 10:03 AM IST
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अक्सर देखा जाता है कि दबंग गरीबों की जमीन पर कब्जा कर लेते हैं। भूस्वामी लाख कोशिश के बाद भी इसे मुक्त नहीं करा पाता। अब दबंग सरकारी जमीन पर कब्जा करने से बाज नहीं आ रहे हैं। कहना साफ है कि सरकारी विभाग भी अपनी जमीनों को सुरक्षित नहीं रख पा रहे हैं। ताजा सर्वे के अनुसार जिले में अकेले वन विभाग की 112 हेक्टेयर भूमि पर दबंगों का कब्जा है। वन विभाग की इस जमीन को चिह्नित कर लिया गया है। शासन के कड़े निर्देश के बाद जिले का प्रशासन वन विभाग की जमीन को कब्जा मुक्त कराने को गंभीर हो गया है। इसलिए एडीएम (प्रशासन) अजय कुमार श्रीवास्तव ने तत्काल प्रभाव से अवैध कब्जा हटवाकर कब्जा करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
शनिवार को कलक्ट्रेट में आयोजित एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स की बैठक में एडीएम ने सदर तहसील के अलावा अन्य किसी तहसील में एंटी भू माफिया टास्क फोर्स की बैठक आयोजित न होने पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि एसडीएम सुनिश्चित करें कि तहसील स्तर पर माह में दो बार एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स की बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित हो रही है। सभी तहसील स्तरीय अधिकारियों को बैठक में बुलाया जाए। प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी प्रभाग रत्नेश श्रीवास्तव ने अवगत कराया कि गत माह वन विभाग की 55 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई थी, परन्तु पुन: किए गए सर्वे में 112 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है। एडीएम ने भूमि से अवैध कब्जा हटवाने तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने कहा कि शासन के निर्देश हैं कि विभागीय संपत्तियों से अवैध कब्जा हटवाने के साथ ही अवैध कब्जा कराने में सहयोग करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों के विरुद्ध भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। विभागीय संपत्तियों के संबंध में यदि कोई मुकदमा विचाराधीन हो तो पैरवी करके उसे भी निस्तारित कराया जाए। एडीएम ने निर्देश दिए कि सभी एसडीएम और विभागीय अधिकारी निर्धारित प्रपत्रों में वांछित सूचना 19 सितंबर तक अवश्य उपलब्ध करा दें।
बैठक में एसपी देहात सहित सभी उपजिलाधिकारी, स्थानीय निकायों के अधिशासी अधिकारी सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
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अक्सर देखा जाता है कि दबंग गरीबों की जमीन पर कब्जा कर लेते हैं। भूस्वामी लाख कोशिश के बाद भी इसे मुक्त नहीं करा पाता। अब दबंग सरकारी जमीन पर कब्जा करने से बाज नहीं आ रहे हैं। कहना साफ है कि सरकारी विभाग भी अपनी जमीनों को सुरक्षित नहीं रख पा रहे हैं। ताजा सर्वे के अनुसार जिले में अकेले वन विभाग की 112 हेक्टेयर भूमि पर दबंगों का कब्जा है। वन विभाग की इस जमीन को चिह्नित कर लिया गया है। शासन के कड़े निर्देश के बाद जिले का प्रशासन वन विभाग की जमीन को कब्जा मुक्त कराने को गंभीर हो गया है। इसलिए एडीएम (प्रशासन) अजय कुमार श्रीवास्तव ने तत्काल प्रभाव से अवैध कब्जा हटवाकर कब्जा करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
शनिवार को कलक्ट्रेट में आयोजित एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स की बैठक में एडीएम ने सदर तहसील के अलावा अन्य किसी तहसील में एंटी भू माफिया टास्क फोर्स की बैठक आयोजित न होने पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि एसडीएम सुनिश्चित करें कि तहसील स्तर पर माह में दो बार एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स की बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित हो रही है। सभी तहसील स्तरीय अधिकारियों को बैठक में बुलाया जाए। प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी प्रभाग रत्नेश श्रीवास्तव ने अवगत कराया कि गत माह वन विभाग की 55 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई थी, परन्तु पुन: किए गए सर्वे में 112 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है। एडीएम ने भूमि से अवैध कब्जा हटवाने तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने कहा कि शासन के निर्देश हैं कि विभागीय संपत्तियों से अवैध कब्जा हटवाने के साथ ही अवैध कब्जा कराने में सहयोग करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों के विरुद्ध भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। विभागीय संपत्तियों के संबंध में यदि कोई मुकदमा विचाराधीन हो तो पैरवी करके उसे भी निस्तारित कराया जाए। एडीएम ने निर्देश दिए कि सभी एसडीएम और विभागीय अधिकारी निर्धारित प्रपत्रों में वांछित सूचना 19 सितंबर तक अवश्य उपलब्ध करा दें।
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बैठक में एसपी देहात सहित सभी उपजिलाधिकारी, स्थानीय निकायों के अधिशासी अधिकारी सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।