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पोस्टमार्टम रिपोर्ट : ऑपरेशन में गॉल ब्लेडर और लिवर कटने से हुई पूजा की मौत

Tue, 04 Jun 2019 01:15 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 04 Jun 2019 01:15 AM IST
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट : ऑपरेशन में गॉल ब्लेडर और लिवर कटने से हुई पूजा की मौत
बदायूं। पूजा के ऑपरेशन के दौरान एक नहीं कई बड़ी लापरवाही रहीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में लिवर के बारे में लिवर लेसीरेटिड लिखा है, जबकि पेरिटोनियल कैविटी में 1200 एमएल खून मिला है। इसके अलावा पेट में सात पथरी भी पड़ी पाई गईं। गॉल ब्लेडर (पित्त की थैली) नहीं पाया गया, यानी उसे निकाल दिया गया था। अब सवाल यह उठता है कि यदि गॉल ब्लेडर निकाल दिया गया था तो पथरी पेट में पड़ी कैसे रह गईं। डॉक्टरों के मुताबिक गॉल ब्लेडर में पथरी होने पर उसे पूूरा निकाल दिया जाता है, ऐसे में पेट में पथरी होने का सवाल ही नहीं है। ऐसा तभी हो सकता है जब गॉल ब्लेडर फट जाए और ऑपरेशन के दौरान पथरी पेट में गिर जाए और ऐसा हड़बड़ी में ही होता है। इसके अलावा लिवर लेसिरेटिड का मतलब डॉक्टर लिवर इंजरी बताते हैं।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसका साफ जिक्र है, यानी ऑपरेशन के दौरान लिवर पर किसी तरह की इंजरी या कट लगा था। पेट में भरा 1200 एमएल खून भी इस बात की तरफ इशारा करता है कि लिवर कटने केे कारण ही इतनी ज्यादा मात्रा में खून निकला और यही उसकी मौत का कारण बना। अत्यधिक खून बहने की वजह से ही पूजा कोमा में चली गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत की वजह शॉक एंड हेमरेज लिखी है।
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इन सब बातों से साफ जाहिर होता है कि पूजा के ऑपरेशन के समय लापरवाही पर लापरवाही की गई। एसीएमओ डॉ. मंजीत सिंह भी यही कहते हैं कि गॉल ब्लेडर का ऑपरेशन सामान्य होता है तथा पथरी के ऑपरेशन में इसे पूरा निकाल दिया जाता है। यदि पेट में पथरी पाई गई है और लिवर इंजरी हुई है तो कहीं न कहीं, ऑपरेशन में लापरवाही बरती गई है। इधर एसएसपी अशोक कुमार त्रिपाठी द्वारा डीएम दिनेश कुमार सिंह को पत्र लिखने के बाद सोमवार शाम को डीएम ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय पैनल गठित किया है। डीएम ने बताया कि पैनल में सीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद, महिला सीएमएस रेखा रानी समेत सिटी मजिस्ट्रेट केके अवस्थी को रखा गया है। पैनल इस पूरे मामले की जांच करके अपनी रिपोर्ट देगा
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यह था मामला
बदायूं। करीब 28 वर्षीय पूजा पत्नी धीरेंद्र उपाध्याय मोहल्ला नेकपुर मोहन कॉलोनी निवासी थी। उसके पित्त की थैली में पथरी थी। 20 मई को डॉ. बीआर गुप्ता के रामा अस्पताल में डॉ. अनमोल गुप्ता और डॉ. पारूल गुप्ता ने उसका ऑपरेशन किया था। डॉक्टर की लापरवाही के कारण पूजा की हालत बिगड़ गई, जिसके बाद डॉक्टर ने ही उसे बरेली भेज दिया, लेकिन उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल पर हंगामा भी किया था। उनकी मांग पर पुलिस ने पूजा के शव का पोस्टमार्टम कराया था, जिसमें डॉक्टरों की लापरवाही उजागर हुई। महिला के पेट में खून का थक्का जमा निकला, उसके पेट में खून भर गया था और जिसका ऑपरेशन किया, वो पथरी भी पेट में मिलीं। पति की तहरीर पर सिविल लाइंस पुलिस डॉ. अनमोल गुप्ता और डॉ. पारूल गुप्ता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर चुकी है लेकिन अब तक दोनों डॉक्टरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

बेटी सानवी कहती मम्मी कहां हैं मेरी
बदायूं। पांच साल की सानवी...उसे पता तो है कि उसकी मां अब उसके पास नहीं, लेकिन अभी वह मौत के मायने नहीं समझती। मम्मी..मम्मी कहकर याद करती है तो घरवाले उसे कुछ खाने की चीज देकर बहला देते हैं। रात में कभी सोते से अचानक उठकर रोने लगती है तो कभी कोई बुरा सपना देखकर डरकर बैठ जाती है। मां के बारे में पापा से पूछती है, लेकिन पापा के पास भी कोई जवाब नहीं होता। कुछ यही हाल सवा साल के कार्तिक का है, उसे तो पता भी नहीं है कि उसकी मां को वक्त के बेरहम हाथों ने उससे हमेशा के लिए छीन लिया है, लेकिन उसे कई दिनों से वह गोद नहीं मिली, जिसमें अपनी सुध बुध खोकर वह गहरी नींद के आगोश में चला जाता था। नतीजतन, कई दिन से बीमार है। पिछले कुछ दिनों सेे ड्रिप लगने की नौबत आ गई। एक साल के मासूम के हाथ में वीको लगी है। घर में जब कोई रोता है तो उसकी आंखे टुकुर-टुकुर बस उसी को निहारती रहती हैं।
कहने को तो डॉक्टरों की लापरवाही से तमाम मरीज मौत की नींद सो जाते हैं, लेकिन यह मामला थोड़ा जुदा है। यहां डॉक्टर ने लापरवाही ही नहीं की, बल्कि हद ही पार कर दी। पूजा के पति धीरेंद्र की मानें तो पूजा को पित्त की थैली में पथरी तो थी, लेकिन उसे कोई परेेशानी नहीं थी। चूंकि ऑपरेशन कराना था इसलिए वह 16 मई को उसे डॉ. बीआर गुप्ता के यहां ले गए थे। वहां उसके चेकअप लिखे गए, जो उन्होंने करवा लिए। 20 मई को डॉक्टर ने डॉ. अनमोल गुप्ता व उनकी पत्नी डॉ. पारुल गुप्ता ने ऑपरेशन किया तो वह बिगड़ गया। धीरेंद्र के मुताबिक, अगर डॉक्टर उसे उस समय तक भी बता देते तो वह पत्नी को बचाने के लिए कुछ न कुछ जरूर करता, लेकिन डॉक्टर ने उससे यह बात छिपाकर रखी और गलती सुधारने के लिए केस को बिगाड़ते चले गए।


परिजन बोले- खून रोकने को भर दिए गए सेनेटरी पैड
बदायूं। पूजा की मौत के बाद जब परिजन उसका शव लेकर बदायूं आए तो घर की महिलाएं उसके शव की हालत देखकर उनकी आंखें फटी रह गईं थीं। पूजा की सास सुधा व ननद सुमन के मुताबिक ऑपरेशन के दौरान गलती से कोई कट लगने के कारण पूजा के खून बहना शुरू हो गया था, जिसे रोकने के लिए डॉक्टर ने उसके प्राइवेट पार्ट में सेनेटरी पैड घुसाने शुरू कर दिए थे। इसके बाद भी जब खून नहीं रुका तो गर्म पट्टियां उसके ऊपर बांध दी गईं। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन के दौरान हुई एक गलती पर पर्दा डालने के लिए डॉक्टरों ने पूजा के साथ हैवानियत की। उन्हें तो इसका पता तब चला, जब पूजा का शव घर आया।
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