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लेखपाल का कारनामा : सरकारी नक्शे में हेराफेरी कर बना दिया नया नंबर
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सहसवान। तहसील में तैनात एक लेखपाल ने शहबाजपुर रकबे के नक्शे में धोखाधड़ी करते हुए एक नया नंबर अंकित कर दिया। आरोप है कि लेखपाल ने नक्शे में तब्दीली कर पीड़ितों के सड़क किनारे के नंबरों को नक्शे में एक लाइन खींचकर पीछे दिखा दिया, जबकि पुराने नक्शे में ऐसी कोई लाइन नहीं है। इसकी शिकायत पीड़ित ने मुख्यमंत्री सहित प्रशासन के आला अधिकारियों से की है।
मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में जैबुन निशा पत्नी मुशर्रफ और शबाब अली पुत्र निशात अली निवासी मोहल्ला नवादा ने कहा है कि उनके नाम भूमि गाटा संख्या 112/1रकवा 0.0510 हेक्टेयर तथा गाटा संख्या 113 रकवा0.0380 हेक्टेयर है। जब उन्होंने अपनी भूमि की ठियाबंदी कराने के लिए मुकदमा और नक्शे के लिए सवाल नकल डाला तब उस पर राजस्व अधिकारी ने रिपोर्ट लगा दी की नक्शा क्षतिग्रस्त है, जिसकी नकल जारी नहीं की जा सकती।
पीड़ितों का कहना है कि उनकी जमीन बदायूं- मेरठ हाईवे पर पेट्रोल पंप के ठीक सामने है। भूमाफिया की इस पर काफी समय से नजर है। उन्हीं के दबाव में हलका लेखपाल उनकी भूमि का सीमांकन नहीं कर रहा है। आरोप है कि लेखपाल ने नक्शे में तब्दीली कर उनके सड़क किनारे के नंबरों को नक्शे में एक लाइन खींचकर पीछे दिखा दिया है।
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स्थानांतरण होने के बाद भी चार्ज नहीं छोड़ रहा लेखपाल
शिकायतकर्ता का आरोप है कि लेखपाल का भूमाफिया सहित सत्ता पक्ष के नेताओं से करीबी रिश्ता है। लेखपाल भी जमीन कब्जाने में उनका साझीदार है, जिस कारण वह सालों से सहसवान में टिका हुआ है। जब भी उसका स्थानांतरण होता है, तब सत्ता पक्ष के भूमाफिया इसका स्थानांतरण रुकवा देते हैं, जिस कारण से उसके हौसले बुलंद है। हाल ही में उसका स्थानांतरण दातागंज हुआ है लेकिन वह इसे रुकवाने की कोशिश में लगा है। यह लेखपाल सहसवान की शहवाजपुर और जाहिदपुर आलमपुर स्थित जमीन में भी भूमाफिया का साझीदार है।
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मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में जैबुन निशा पत्नी मुशर्रफ और शबाब अली पुत्र निशात अली निवासी मोहल्ला नवादा ने कहा है कि उनके नाम भूमि गाटा संख्या 112/1रकवा 0.0510 हेक्टेयर तथा गाटा संख्या 113 रकवा0.0380 हेक्टेयर है। जब उन्होंने अपनी भूमि की ठियाबंदी कराने के लिए मुकदमा और नक्शे के लिए सवाल नकल डाला तब उस पर राजस्व अधिकारी ने रिपोर्ट लगा दी की नक्शा क्षतिग्रस्त है, जिसकी नकल जारी नहीं की जा सकती।
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पीड़ितों का कहना है कि उनकी जमीन बदायूं- मेरठ हाईवे पर पेट्रोल पंप के ठीक सामने है। भूमाफिया की इस पर काफी समय से नजर है। उन्हीं के दबाव में हलका लेखपाल उनकी भूमि का सीमांकन नहीं कर रहा है। आरोप है कि लेखपाल ने नक्शे में तब्दीली कर उनके सड़क किनारे के नंबरों को नक्शे में एक लाइन खींचकर पीछे दिखा दिया है।
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स्थानांतरण होने के बाद भी चार्ज नहीं छोड़ रहा लेखपाल
शिकायतकर्ता का आरोप है कि लेखपाल का भूमाफिया सहित सत्ता पक्ष के नेताओं से करीबी रिश्ता है। लेखपाल भी जमीन कब्जाने में उनका साझीदार है, जिस कारण वह सालों से सहसवान में टिका हुआ है। जब भी उसका स्थानांतरण होता है, तब सत्ता पक्ष के भूमाफिया इसका स्थानांतरण रुकवा देते हैं, जिस कारण से उसके हौसले बुलंद है। हाल ही में उसका स्थानांतरण दातागंज हुआ है लेकिन वह इसे रुकवाने की कोशिश में लगा है। यह लेखपाल सहसवान की शहवाजपुर और जाहिदपुर आलमपुर स्थित जमीन में भी भूमाफिया का साझीदार है।