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शहर के व्यापारी से 42 लाख की धोखाधड़ी
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बदायूं। शहर के व्यापारी अरविंद कुमार गुप्ता से 42 लाख रुपये की की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। उन्होंने फर्म सनविन टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज के मालिक को स्कूली बच्चों की जर्सी खरीदने के लिए रुपये दिए थे, लेकिन उसके मालिक ने न तो जर्सी उपलब्ध कराईं और न ही राशि वापस की। इस पर अरविंद ने फर्म के मालिक पिता-पुत्र पर धोखाखड़ी की एफआईआर दर्ज कराई है।
शहर के श्रीरामनगर कॉलोनी निवासी अरविंद कुमार गुप्ता की तनिष्का सप्लायर्स नाम से फर्म है। वह दिसंबर 2017 में स्कूली बच्चों को जर्सी स्वेटर आदि उपलब्ध करा रहे थे। उन्होंने स्वेटर जर्सी खरीदने के लिए फर्म सनविन टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के मालिक फैजान अहमद और उसके पिता हबीब अहमद निवासी बरेली को सौ रुपये प्रति पीस के हिसाब से 50 हजार पीस खरीदने के लिए पहले तीस लाख रुपये नकद दिए थे। कुछ दिन बाद पिता-पुत्र ने कहा कि जब तक पूरी रकम नहीं देंगे, तब तक माल सप्लाई नहीं होगा। इस पर उन्होंने 20 जनवरी, 30 जनवरी और 16 फरवरी 2018 को टुकड़ों में 20 लाख रुपया और दे दिया। इसके बावजूद उन्हें बच्चों के स्वेटर जर्सी नहीं दिए गए। थकहार कर उन्होंने अपना रुपया वापस मांगा। काफी दबाव डालने पर केवल आठ लाख रुपये वापस किए गए। बाकी 42 लाख रुपये फिर भी न दिए। दोनों पिता-पुत्र ने कहा कि वह अपना प्लॉट या फर्म बेचकर उनका रुपया वापस कर देंगे। इसको लेकर थाने में बैठकर पंचायत भी हुई। दोनों ने अपने प्लॉट का बैनामा व्यापारी के नाम ही करने को कह दिया। तब से न तो उन्होंने बैनामा किया और न ही उनके रुपये लौटाए। इस पर अरविंद गुप्ता ने फैजान और हबीब के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई है। पुलिस ने इसकी विवेचना शुरू कर दी है।
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शहर के श्रीरामनगर कॉलोनी निवासी अरविंद कुमार गुप्ता की तनिष्का सप्लायर्स नाम से फर्म है। वह दिसंबर 2017 में स्कूली बच्चों को जर्सी स्वेटर आदि उपलब्ध करा रहे थे। उन्होंने स्वेटर जर्सी खरीदने के लिए फर्म सनविन टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के मालिक फैजान अहमद और उसके पिता हबीब अहमद निवासी बरेली को सौ रुपये प्रति पीस के हिसाब से 50 हजार पीस खरीदने के लिए पहले तीस लाख रुपये नकद दिए थे। कुछ दिन बाद पिता-पुत्र ने कहा कि जब तक पूरी रकम नहीं देंगे, तब तक माल सप्लाई नहीं होगा। इस पर उन्होंने 20 जनवरी, 30 जनवरी और 16 फरवरी 2018 को टुकड़ों में 20 लाख रुपया और दे दिया। इसके बावजूद उन्हें बच्चों के स्वेटर जर्सी नहीं दिए गए। थकहार कर उन्होंने अपना रुपया वापस मांगा। काफी दबाव डालने पर केवल आठ लाख रुपये वापस किए गए। बाकी 42 लाख रुपये फिर भी न दिए। दोनों पिता-पुत्र ने कहा कि वह अपना प्लॉट या फर्म बेचकर उनका रुपया वापस कर देंगे। इसको लेकर थाने में बैठकर पंचायत भी हुई। दोनों ने अपने प्लॉट का बैनामा व्यापारी के नाम ही करने को कह दिया। तब से न तो उन्होंने बैनामा किया और न ही उनके रुपये लौटाए। इस पर अरविंद गुप्ता ने फैजान और हबीब के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई है। पुलिस ने इसकी विवेचना शुरू कर दी है।
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