{"_id":"62a250a619ae3068dd7dd4fa","slug":"crime-badaun-news-bly4877449113","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाजपा नेता के रिश्तेदार के खिलाफ चार्जशीट दाखिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाजपा नेता के रिश्तेदार के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं। इस्लामनगर इलाके में पकड़े गए अवैध शराब बनाने के मामले में आखिरकार भाजपा नेता का रिश्तेदार कानून के शिकंजे में फंस ही गया। हालांकि भाजपा नेता ने उसे बचाने की तमाम कोशिश की थी, चार माह तक उसे पुलिस के हत्थे भी नहीं चढ़ने दिया। जब मामला बिगड़ता देखा तो आरोपी अंकित माहेश्वरी को कोर्ट में समर्पण करा दिया गया। इसी क्रम में अब पुलिस ने उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है।
मामला 13 अप्रैल 2021 का है। इस्लामनगर पुलिस सिटौली गांव के नजदीक वाहन चेकिंग में कर रही थी। तभी उसे सूचना मिली कि एक व्यक्ति बाइक पर मिलावटी शराब लेकर आ रहा है। पुलिस ने उसे घेरने की कोशिश की। ऐसे में वह बाइक भगाने के चक्कर में गिर गया और पकड़ा गया। उसके पास से दो पेटी मिलावटी शराब बरामद हुई। पूछताछ में उसने अपना नाम मुड़िया धुरेकी निवासी इकरार बताया।
उसकी निशानदेही पर आरोपी पिसनहारी निवासी खेमपाल, बुधबाजार बिसौली निवासी दीनदयाल और आंवला के रामनगर का पप्पू रस्तोगी पकड़ा गया, लेकिन पांचवा आरोपी सहसवान के नयागंज मोहल्ला निवासी अंकित माहेश्वरी भाग गया। बाद में पुलिस ने काफी मात्रा में शराब बरामद की। खुलासा हुआ कि खेमपाल के घर पर शराब बनाई जाती थी। इसके लिए अंकित माहेश्वरी ढक्कन, क्यूआर कोड, रेपर और खाली बोतलें मुहैया कराता था। इंस्पेक्टर बच्चू सिंह ने पांचों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई, चार आरोपी तो जेल भेज दिए गए लेकिन अंकित पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा। पता चला कि अंकित का रिश्तेदार भाजपा नेता है। वह उसे बचाने की पूरी कोशिश कर रहा है। सितंबर 2021 में अंकित ने न्यायालय में समर्पण कर दिया। उसके खिलाफ विवेचना चलती रही। अब पुलिस ने अंकित माहेश्वरी समेत पांचों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है।
विज्ञापन
-
सत्ता पक्ष से जुड़ा होने के कारण हाथ नहीं डालता था कोई
शराब के धंधे में लिप्त जिस अंकित माहेश्वरी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हुई है, उस पर सहसवान निवासी भाजपा नेता का पूरा हाथ था। यह भाजपा नेता पार्टी के संगठन भारतीय जनता युवा मोर्चा का पदाधिकारी भी था। बताते हैं कि उसके नाम पर भी शराब का ठेका था और इसी के सहारे सभी अवैध शराब का धंधा कर रहे थे। सत्ता पक्ष से जुड़ा होने के कारण कोई उन पर हाथ नहीं डालता था।
-
यह मामला एक साल पुराना है। अंकित माहेश्वरी के खिलाफ पुलिस को कई सुबूत मिले थे। इससे पुलिस ने मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। अब न्यायालय ही आरोपियों की सजा तय करेगा।
- सिद्धार्थ वर्मा, एसपी देहात
विज्ञापन
मामला 13 अप्रैल 2021 का है। इस्लामनगर पुलिस सिटौली गांव के नजदीक वाहन चेकिंग में कर रही थी। तभी उसे सूचना मिली कि एक व्यक्ति बाइक पर मिलावटी शराब लेकर आ रहा है। पुलिस ने उसे घेरने की कोशिश की। ऐसे में वह बाइक भगाने के चक्कर में गिर गया और पकड़ा गया। उसके पास से दो पेटी मिलावटी शराब बरामद हुई। पूछताछ में उसने अपना नाम मुड़िया धुरेकी निवासी इकरार बताया।
विज्ञापन
उसकी निशानदेही पर आरोपी पिसनहारी निवासी खेमपाल, बुधबाजार बिसौली निवासी दीनदयाल और आंवला के रामनगर का पप्पू रस्तोगी पकड़ा गया, लेकिन पांचवा आरोपी सहसवान के नयागंज मोहल्ला निवासी अंकित माहेश्वरी भाग गया। बाद में पुलिस ने काफी मात्रा में शराब बरामद की। खुलासा हुआ कि खेमपाल के घर पर शराब बनाई जाती थी। इसके लिए अंकित माहेश्वरी ढक्कन, क्यूआर कोड, रेपर और खाली बोतलें मुहैया कराता था। इंस्पेक्टर बच्चू सिंह ने पांचों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई, चार आरोपी तो जेल भेज दिए गए लेकिन अंकित पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा। पता चला कि अंकित का रिश्तेदार भाजपा नेता है। वह उसे बचाने की पूरी कोशिश कर रहा है। सितंबर 2021 में अंकित ने न्यायालय में समर्पण कर दिया। उसके खिलाफ विवेचना चलती रही। अब पुलिस ने अंकित माहेश्वरी समेत पांचों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है।
विज्ञापन
-
सत्ता पक्ष से जुड़ा होने के कारण हाथ नहीं डालता था कोई
शराब के धंधे में लिप्त जिस अंकित माहेश्वरी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हुई है, उस पर सहसवान निवासी भाजपा नेता का पूरा हाथ था। यह भाजपा नेता पार्टी के संगठन भारतीय जनता युवा मोर्चा का पदाधिकारी भी था। बताते हैं कि उसके नाम पर भी शराब का ठेका था और इसी के सहारे सभी अवैध शराब का धंधा कर रहे थे। सत्ता पक्ष से जुड़ा होने के कारण कोई उन पर हाथ नहीं डालता था।
-
यह मामला एक साल पुराना है। अंकित माहेश्वरी के खिलाफ पुलिस को कई सुबूत मिले थे। इससे पुलिस ने मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। अब न्यायालय ही आरोपियों की सजा तय करेगा।
- सिद्धार्थ वर्मा, एसपी देहात