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पट्टे की जमीन पर किया कब्जा, सपा नेता पर चार मामले दर्ज
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उझानी (बदायूं)। रियोनइया की प्रधान श्यामा रानी के पति भाजपा नेता सुखपाल वर्मा की शिकायत पर पूर्व प्रधान सपा नेता केदार उर्फ सुरेंद्र फौजी के खिलाफ सरकारी और पट्टे की जमीनों पर कब्जे की जांच में गोलमाल सामने आ गया। जांच एसडीएम सदर और तहसीलदार ने की थी। अब रिपोर्ट के आधार पर भाजपा नेता ने सपा नेता के खिलाफ कोतवाली में एंटी भूमाफिया के तहत सोमवार देर शाम चार केस दर्ज करा दिए। इसी तरह के एक अन्य मामले में फौजी के भाई समेत छह लोगों को नामजद किया गया है।
आरोप है कि ग्रामसभा समेत पट्टे की जमीनों पर कब्जे के चारों मामले रियोनइया निवासी सुरेंद्र फौजी की प्रधानी के कार्यकाल के बताए गए हैं। पहला मामला पंचायत भवन का अपनी भूमि पर निर्माण कराने का है। आरोप है कि पंचायत भवन के निर्माण के लिए जो भूमि चिह्नित की गई थी, उस पर निर्माण कार्य नहीं कराया गया। पंचायत भवन की जमीन पर कब्जा कर लिया गया। इसी तरह ओवरहेड टैंक निर्माण को टिमरुआ निवासी एक महिला की जमीन आवंटित कर दी गई, साथ ही उसके पास सीसी रोड का निर्माण कराकर उसे आरोपी ने कब्जे में ले लिया।
इसी तरह दहेमू और रियोनइया के बीच दो बीघा के स्थान पर करीब 18 बीघा सरकारी जमीन पर कब्जे का मामला सामने आया है। आरोप है कि सुरेंद्र ने यह गोलमाल भी अपने कार्यकाल में किया।
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यही नहीं एक अन्य मामले में सुरेंद्र, उसके भाई किशनपाल, ब्रजपाल, महावीर, अनेकपाल और महाराज सिंह को चकरोड समेत सरकारी जमीन पर कब्जे के तहत एंटी भूमाफिया में नामजद किया गया है।
इसके अलावा गांव के ही रामऔतार की ओर से दर्ज मुकदमे में रामऔतार, सुशीला पत्नी प्रेमशंकर वाल्मीकि और ज्योति पत्नी विपिन कुमार की पट्टे की जमीन पर कई साल से कब्जे का आरोप है। रामऔतार की शिकायत पर तहसीलदार सदर ने खुद मौके पर पहुंचकर जांच की थी। एक ही दिन में एंटी भूमाफिया के चार केस दर्ज होने के बाद आरोपी सुरेंद्र का पक्ष जानने को कॉल की गई तो उनका मोबाइल नंबर स्विच ऑफ था।
प्रभारी निरीक्षक हरपाल सिंह बालियान ने बताया कि चारों ही मामलों में राजस्व विभाग के अफसरों ने शिकायत पर जांच पूरी कर कार्रवाई के लिए आख्या भेजी थी।
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नामजदगी के बाद आरोपियों पर बड़ी कार्रवाई के आसार
पूर्व प्रधान पर एक ही दिन में चार केस दर्ज होने के बाद प्रशासनिक स्तर से बड़ी कार्रवाई के संकेत मिलने लगे हैं। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद ही विभागीय स्तर से आरोपी को भूमाफिया चिह्नित किया जाता है। अंदरूनी तौर पर ऐसी कार्रवाई भी शुरू होने की चर्चा है। चिह्नित होते ही प्रशासनिक स्तर से संपत्ति जब्त या फिर सरकारी संपत्ति पर निर्माण को ध्वस्त किए जाने की कार्रवाई भी जल्द अमल लाई जा सकती है।
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रियोनइया में सरकारी और पट्टे की भूमि संबंधी शिकायतों पर जांच कराई गई थी। जांच में कब्जे के सभी मामले सही पाए गए हैं। कुछ और मामलों की अभी जांच चल रही है। आरोपियों को भूमाफिया के तहत चिह्नित किए जाने की कार्रवाई भी एक-दो दिन में पूरी हो जाएगी।
- करनवीर सिंह, तहसीलदार सदर
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आरोप है कि ग्रामसभा समेत पट्टे की जमीनों पर कब्जे के चारों मामले रियोनइया निवासी सुरेंद्र फौजी की प्रधानी के कार्यकाल के बताए गए हैं। पहला मामला पंचायत भवन का अपनी भूमि पर निर्माण कराने का है। आरोप है कि पंचायत भवन के निर्माण के लिए जो भूमि चिह्नित की गई थी, उस पर निर्माण कार्य नहीं कराया गया। पंचायत भवन की जमीन पर कब्जा कर लिया गया। इसी तरह ओवरहेड टैंक निर्माण को टिमरुआ निवासी एक महिला की जमीन आवंटित कर दी गई, साथ ही उसके पास सीसी रोड का निर्माण कराकर उसे आरोपी ने कब्जे में ले लिया।
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इसी तरह दहेमू और रियोनइया के बीच दो बीघा के स्थान पर करीब 18 बीघा सरकारी जमीन पर कब्जे का मामला सामने आया है। आरोप है कि सुरेंद्र ने यह गोलमाल भी अपने कार्यकाल में किया।
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यही नहीं एक अन्य मामले में सुरेंद्र, उसके भाई किशनपाल, ब्रजपाल, महावीर, अनेकपाल और महाराज सिंह को चकरोड समेत सरकारी जमीन पर कब्जे के तहत एंटी भूमाफिया में नामजद किया गया है।
इसके अलावा गांव के ही रामऔतार की ओर से दर्ज मुकदमे में रामऔतार, सुशीला पत्नी प्रेमशंकर वाल्मीकि और ज्योति पत्नी विपिन कुमार की पट्टे की जमीन पर कई साल से कब्जे का आरोप है। रामऔतार की शिकायत पर तहसीलदार सदर ने खुद मौके पर पहुंचकर जांच की थी। एक ही दिन में एंटी भूमाफिया के चार केस दर्ज होने के बाद आरोपी सुरेंद्र का पक्ष जानने को कॉल की गई तो उनका मोबाइल नंबर स्विच ऑफ था।
प्रभारी निरीक्षक हरपाल सिंह बालियान ने बताया कि चारों ही मामलों में राजस्व विभाग के अफसरों ने शिकायत पर जांच पूरी कर कार्रवाई के लिए आख्या भेजी थी।
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नामजदगी के बाद आरोपियों पर बड़ी कार्रवाई के आसार
पूर्व प्रधान पर एक ही दिन में चार केस दर्ज होने के बाद प्रशासनिक स्तर से बड़ी कार्रवाई के संकेत मिलने लगे हैं। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद ही विभागीय स्तर से आरोपी को भूमाफिया चिह्नित किया जाता है। अंदरूनी तौर पर ऐसी कार्रवाई भी शुरू होने की चर्चा है। चिह्नित होते ही प्रशासनिक स्तर से संपत्ति जब्त या फिर सरकारी संपत्ति पर निर्माण को ध्वस्त किए जाने की कार्रवाई भी जल्द अमल लाई जा सकती है।
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रियोनइया में सरकारी और पट्टे की भूमि संबंधी शिकायतों पर जांच कराई गई थी। जांच में कब्जे के सभी मामले सही पाए गए हैं। कुछ और मामलों की अभी जांच चल रही है। आरोपियों को भूमाफिया के तहत चिह्नित किए जाने की कार्रवाई भी एक-दो दिन में पूरी हो जाएगी।
- करनवीर सिंह, तहसीलदार सदर