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नजूल की सरकारी भूमि पर आधा दातागंज, निशान लगे तो होश उड़े
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दातागंज स्थित नगर पालिका कार्यालय। संवाद
- फोटो : BADAUN
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दातागंज। नगर में नजूल की भूमि को कब्जा मुक्त कराने के लिए पैमाइश और उसके बाद अवैध निर्माण पर लाल निशान लगाए जाने से नगर का पारा चढ़ा हुआ है। दरअसल, आधा दातागंज नगर नजूल की भूमि पर अवैध कब्जा कर बसा हुआ है। कई बाजार और बस्तियां नजूल की भूमि पर बसी हुई हैं। आंवला सांसद धर्मेंद्र कश्यप और नगर पालिका दातागंज के चेयरमैन आकाश वर्मा ने मंडलायुक्त को पत्र लिखकर कार्रवाई रोकने की मांग की है।
पिछले दिनों प्रशासन ने दातागंज में नजूल की भूमि को चिह्नित कराया था। इस दौरान मोहल्ला परा, मेन चौराहा से लेकर तहसील परिसर से आगे तक दुकानों और आवासीय भवनों पर लाल निशान लगाए गए। दलित बस्ती भी पैमाइश में नजूल की भूमि पर पाई गई। नजूल की सरकारी जमीन पर अवैध निर्माणों पर लाल निशान लगाए जाने के बाद लोग परेशान हैं। लोगों का कहना है कि अगर नजूल की भूमि को कब्जा मुक्त किया जाता है तो आधा दातागंज नगर ही खत्म हो जाएगा। इसको लेकर बड़ी संख्या में कस्बे के लोगों ने आंवला सांसद धर्मेंद्र कश्यप से मिलकर निर्माण न गिरवाने की मांग की। इसके बाद सांसद और दातागंज चेयरमैन की ओर से मंडलायुक्त को पत्र भेज कर नजूल के प्रबंधन, निस्तारण, फ्री होल्ड से संबंधित शासन के स्थगनादेश और लोक लेखा समिति की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कार्रवाई की मांग की गई है।
मंडलायुक्त को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि नजूल के संबंध में शासन का स्थगनादेश है। नजूल एक नीतिगत मामला है। जब तक इसको लेकर शासन नीति तय नहीं करता तब तक नजूल भूमि पर निर्माण ढहाने पर रोक लगाई जाए।
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नजूल भूमि को चिह्नित कराया गया था। बड़ी संख्या में अवैध कब्जे सामने आए हैं। उच्चाधिकारियों के निर्देशन में फिर से चिह्नांकन कराया जाएगा। जो कब्जे तुरंत हटाने के लायक होंगे उनको हटा दिया जाएगा। शासनादेश के अनुसार अवैध निर्माणों को विधिक कार्रवाई करते हुए ढहाया जाएगा।
-राम शिरोमणि, एसडीएम दातागंज
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पिछले दिनों प्रशासन ने दातागंज में नजूल की भूमि को चिह्नित कराया था। इस दौरान मोहल्ला परा, मेन चौराहा से लेकर तहसील परिसर से आगे तक दुकानों और आवासीय भवनों पर लाल निशान लगाए गए। दलित बस्ती भी पैमाइश में नजूल की भूमि पर पाई गई। नजूल की सरकारी जमीन पर अवैध निर्माणों पर लाल निशान लगाए जाने के बाद लोग परेशान हैं। लोगों का कहना है कि अगर नजूल की भूमि को कब्जा मुक्त किया जाता है तो आधा दातागंज नगर ही खत्म हो जाएगा। इसको लेकर बड़ी संख्या में कस्बे के लोगों ने आंवला सांसद धर्मेंद्र कश्यप से मिलकर निर्माण न गिरवाने की मांग की। इसके बाद सांसद और दातागंज चेयरमैन की ओर से मंडलायुक्त को पत्र भेज कर नजूल के प्रबंधन, निस्तारण, फ्री होल्ड से संबंधित शासन के स्थगनादेश और लोक लेखा समिति की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कार्रवाई की मांग की गई है।
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मंडलायुक्त को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि नजूल के संबंध में शासन का स्थगनादेश है। नजूल एक नीतिगत मामला है। जब तक इसको लेकर शासन नीति तय नहीं करता तब तक नजूल भूमि पर निर्माण ढहाने पर रोक लगाई जाए।
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नजूल भूमि को चिह्नित कराया गया था। बड़ी संख्या में अवैध कब्जे सामने आए हैं। उच्चाधिकारियों के निर्देशन में फिर से चिह्नांकन कराया जाएगा। जो कब्जे तुरंत हटाने के लायक होंगे उनको हटा दिया जाएगा। शासनादेश के अनुसार अवैध निर्माणों को विधिक कार्रवाई करते हुए ढहाया जाएगा।
-राम शिरोमणि, एसडीएम दातागंज